Dhamtari Ganja Case: गांजा तस्करी नेटवर्क में शामिल 'नगर सैनिक' गिरफ्तार, खाकी की आड़ में चल रहा था खेल
- moolchand sinha

- 5 hours ago
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धमतरी (मगरलोड)।
धमतरी जिले में मादक पदार्थों के काले कारोबार के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' नीति पर चल रही धमतरी पुलिस को एक और बड़ी सफलता मिली है। अप्रैल महीने में हुए एक हाई-प्रोफाइल Dhamtari Ganja Case की कड़ियां जोड़ते हुए पुलिस ने अब इस पूरे खेल के पीछे छिपे विभाग के ही एक 'विभीषण' को बेनकाब कर दिया है। वर्दी की साख को बट्टा लगाते हुए इस अवैध नेटवर्क में संलिप्त एक नगर सैनिक (होमगार्ड) को मगरलोड पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर दबोचकर सलाखों के पीछे भेज दिया है।
Dhamtari Ganja Case में परत दर परत खुला राज, रक्षक ही निकला भक्षक
दरअसल, यह पूरा मामला 14 अप्रैल 2026 का है, जब मगरलोड पुलिस ने ग्राम मोहेरा में दबिश देकर पति-पत्नी (लाभाराम कुर्रे और सुशीला बाई कुर्रे) को 1.660 किलोग्राम अवैध गांजे, नगद राशि और मोबाइल समेत कुल 89,930 रुपये के माल के साथ गिरफ्तार किया था। इस Dhamtari Ganja Case में पुलिस ने अपराध क्रमांक 63/2026 के तहत एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(बी) और 29 के तहत मामला दर्ज किया था।
मामला सिर्फ दो आरोपियों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रहा। पुलिस कप्तान के निर्देश पर जब इस नेटवर्क की जड़ों तक पहुंचने के लिए गहन विवेचना की गई, तो कड़ियां सीधे विभाग के भीतर जुड़े एक शख्स तक पहुंच गईं। जांच में यह साफ हो गया कि इस Dhamtari Ganja Case में अवैध कारोबार को पीछे से मजबूती देने और इसमें सक्रिय भूमिका निभाने वाला कोई और नहीं, बल्कि नगर सैनिक महेश सिन्हा है।
गिरफ्तार आरोपी का पूरा विवरण
नाम: महेश सिन्हा (पिता: स्वर्गीय रिकीराम सिन्हा)
उम्र: 40 वर्ष
पद: नगर सैनिक (होमगार्ड)
निवासी: ग्राम पाहन्दा, थाना मगरलोड, जिला धमतरी (छ.ग.)
आरोपी नगर सैनिक की संदिग्ध गतिविधियों पर पुलिस लगातार नजर रख रही थी। पर्याप्त तकनीकी साक्ष्य और पुख्ता सबूत जुटाने के बाद मगरलोड पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की, जिसके बाद आरोपी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
धमतरी पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई, तस्करों में मचा हड़कंप
यह Dhamtari Ganja Case धमतरी पुलिस के उस महा-अभियान का हिस्सा है जिसके तहत पिछले महज छह हफ्तों के भीतर पुलिस ने मादक पदार्थों के खिलाफ 7 से अधिक प्रभावी कार्यवाहियां की हैं। **बैक-टू-बैक हो रही इन ताबड़तोड़ कार्रवाइयों से नशा तस्करों और उनके मददगारों के खेमे में हड़कंप मचा हुआ है।
पुलिस प्रशासन ने साफ कर दिया है कि खाकी की आड़ में छुपा अपराधी हो या समाज के बीच बैठा कोई बड़ा तस्कर—जो भी इस अवैध धंधे में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से शामिल होगा, उसे किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।




रक्षक ही भक्षक है तो समाज कहां सुधरेगा