Dhamtari Police SAFEMA Action: नशे के कारोबारियों की 35.85 लाख की संपत्ति फ्रीज, SP भावना पांडे का बड़ा प्रहार
- moolchand sinha

- 3 days ago
- 2 min read


धमतरी।
धमतरी पुलिस ने नशे के कारोबार को जड़ से खत्म करने की दिशा में एक नया अध्याय लिख दिया है। Dhamtari Police SAFEMA Action के तहत अब तक जहां पुलिस गिरफ्तारी और अदालती कार्रवाई तक सीमित रहती थी, वहीं पुलिस अधीक्षक श्रीमती भावना पांडे के मार्गदर्शन में इस बार निशाना बनाया गया नशे के सौदागरों की तिजोरी को। आईजी रायपुर रेंज के निर्देशन में चले इस अभियान का नतीजा यह रहा कि जिले में पहली बार SAFEMA और NDPS एक्ट की धारा 68F के तहत करीब 35 लाख 85 हजार रुपये की चल-अचल संपत्ति फ्रीज कर दी गई है।
Dhamtari Police SAFEMA Action में कैसे हुआ खुलासा
नगर पुलिस अधीक्षक धमतरी और थाना प्रभारी सिटी कोतवाली की टीम ने महीनों की गहन वित्तीय पड़ताल के बाद आरोपियों के बैंक खातों, फिक्स्ड डिपॉजिट, बीमा पॉलिसियों, वाहनों और अचल संपत्तियों की कुंडली खंगाली। जांच में सामने आया कि इन आरोपियों की संपत्तियां उनकी वैध आय से कहीं ज्यादा थीं — और इसका सीधा संबंध नशे के अवैध कारोबार से जुड़ा मिला।
SAFEMA Act के तहत दो प्रकरण, दो बड़े झटके
पहले मामले में आरोपी आरती रजक से जुड़े बैंक खातों व निवेश से करीब 12.93 लाख रुपये की संपत्ति फ्रीज हुई। दूसरे और बड़े मामले में आरोपी करण सिंह धुरी, उसकी पत्नी उषा बाई धुरी और पुत्री जाइका धुरी के नाम दर्ज वाहन, अचल संपत्ति व बैंक खातों से लगभग 22.91 लाख रुपये जब्ती के दायरे में आए। दोनों पक्षों को सुनवाई का पूरा मौका दिया गया, लेकिन आय के वैध स्रोत साबित करने में वे नाकाम रहे। नतीजतन 23 जुलाई 2026 को सक्षम प्राधिकारी SAFEMA/NDPSA, मुंबई ने फ्रीजिंग आदेश पर मुहर लगा दी।
"अब जेल के साथ जेब भी खाली होगी" — SP भावना पांडे का सख्त संदेश
पुलिस अधीक्षक भावना पांडे के नेतृत्व में चल रहे इस विशेष अभियान ने साफ कर दिया है कि धमतरी पुलिस की रणनीति अब सिर्फ गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रहेगी। नशे के कारोबार से बनी हर संपत्ति अब पुलिस के रडार पर है। दोनों आरोपियों पर पहले से NDPS एक्ट के तहत मामले दर्ज हैं और PITNDPS एक्ट के तहत भी कार्रवाई हो चुकी है — यानी यह कोई पहला प्रहार नहीं, बल्कि एक सिलसिलेवार घेराबंदी का हिस्सा है।
आमजन से अपील
एसपी भावना पांडे के निर्देशन में पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि मादक पदार्थों की बिक्री, परिवहन या भंडारण से जुड़ी किसी भी जानकारी को तुरंत पुलिस तक पहुंचाएं। सूचनादाता की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
धमतरी पुलिस का यह अभियान संकेत देता है — अब नशे के कारोबारियों को न सिर्फ सलाखों के पीछे जाना होगा, बल्कि उनकी अवैध कमाई भी उनके हाथ से फिसलेगी।


Comments