धमतरी SBI कियोस्क गबन: 1 करोड़ 75 हजार की ठगी का पर्दाफाश, संचालक गिरफ्तार

कुरूद।
गांव-गांव तक बैंकिंग सेवा पहुंचाने के मकसद से खोले गए कियोस्क केंद्र, जिन पर ग्रामीणों ने अपनी पासबुक के साथ-साथ अपना भरोसा भी सौंप रखा था, धमतरी जिले के ग्राम कोरा में यही भरोसा करोड़ों के फर्जीवाड़े में तब्दील हो गया। धमतरी SBI कियोस्क गबन के इस मामले का पुलिस अधीक्षक भावना पांडेय के निर्देशन में भखारा पुलिस ने पर्दाफाश करते हुए आरोपी कियोस्क संचालक को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।
धमतरी SBI कियोस्क गबन का दस साल पुराना खेल
ग्राम चरमुडिया, थाना कुरूद निवासी जुगलकिशोर (31), जो NICT टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड, धमतरी में डिस्ट्रिक्ट मैनेजर के पद पर कार्यरत हैं, ने थाना भखारा में लिखित शिकायत दर्ज कराई। उनकी संस्था भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के अनुबंध पर कियोस्क यानी ग्राहक सेवा केंद्रों का संचालन कराती है, और ग्राम कोरा के केंद्र की कमान आरोपी केशव राम साहू के हाथों में थी।
शिकायत के मुताबिक, 27 अगस्त 2015 से 29 नवंबर 2025 के बीच — यानी करीब एक दशक तक — आरोपी ने SBI खाताधारकों के साथ व्यवस्थित ढंग से धोखाधड़ी, कूटरचना और आपराधिक न्यासभंग को अंजाम दिया। जांच में यह राशि 1 करोड़ 75 हजार 717 रुपये आंकी गई, जो दर्शाती है कि यह किसी एक-दो खाताधारक का नहीं, बल्कि दर्जनों परिवारों की गाढ़ी कमाई का मामला है। शिकायत पर थाना भखारा में अपराध क्रमांक 102/2026 के तहत BNS की धारा 318(4), 338 और 336(3) में मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।
पूछताछ में कबूला जुर्म, लैपटॉप और 29 FD बॉन्ड बरामद
मामले की गंभीरता भांपते हुए भखारा पुलिस ने बिना देर किए आरोपी की पतासाजी कर उसे हिरासत में लिया। पूछताछ में आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया, जिसके बाद उसके मेमोरेंडम कथन पर पुलिस ने ग्राम कोरा स्थित कियोस्क केंद्र से छापेमारी की। गवाहों की मौजूदगी में वहां से एक लेनोवो लैपटॉप और 29 हितग्राहियों के फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) बॉन्ड पेपर जब्त किए गए — यही दस्तावेज अब धमतरी SBI कियोस्क गबन मामले की सबसे अहम कड़ी और साक्ष्य बन गए हैं।
पर्याप्त सबूत मिलने पर पुलिस ने 21 सितंबर 2026 को आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय कुरूद में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
कौन है आरोपी
आरोपी केशव राम साहू (40 वर्ष), पिता हेमलाल साहू, मूल रूप से देवकोट, चौकी कंवर, थाना गुरूर, जिला बालोद का निवासी है, जबकि वर्तमान में वह बोरिया खुर्द, अर्जुन विहार, थाना मुजगहन, जिला रायपुर में रह रहा था।
पुलिस की अपील: सतर्कता ही बचाव है
इस मामले के सामने आने के बाद धमतरी पुलिस ने आमजन से अपील की है कि बैंक अथवा कियोस्क केंद्रों के माध्यम से होने वाले लेन-देन में अपनी पासबुक, रसीद और FD सहित अन्य बैंकिंग दस्तावेजों की नियमित जांच करते रहें। किसी भी प्रकार की संदिग्ध वित्तीय गतिविधि सामने आने पर तुरंत संबंधित बैंक या नजदीकी थाने को सूचित करें।
भखारा पुलिस की यह कार्रवाई ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित बैंकिंग कियोस्क केंद्रों की निगरानी और वित्तीय लेन-देन में पारदर्शिता की जरूरत को एक बार फिर रेखांकित करती है।





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