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'VSK App' की तकनीकी नाकामी का ठीकरा शिक्षकों पर फोड़ रहा विभाग, तानाशाही रवैये से शिक्षक मानसिक रूप से प्रताड़ित


'VSK App' बना शिक्षकों के लिए जी का जंजाल; शाला परिसर में मौजूद गुरुजी को २ से ५ किमी दूर बता रहा सिस्टम।


दोषी तकनीकी ढांचा, सजा शिक्षकों को क्यों? छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक समग्र शिक्षक फेडरेशन (कुरूद) की दोटूक— 'वेतन रोकने की धमकी बर्दाश्त नहीं।'


Lukesh Ram Sahu, Block President of Chhattisgarh Assistant Teacher Federation Kurud

कुरूद।

छत्तीसगढ़ के शासकीय स्कूलों में डिजिटल उपस्थिति के नाम पर लागू किए गए VSK App ने शिक्षकों की नाक में दम कर रखा है। VSK App के घटिया सर्वर और लगातार सामने आ रही तकनीकी खामियों के कारण रोजाना सैकड़ों शिक्षक गंभीर मानसिक तनाव और प्रताड़ना झेलने को मजबूर हैं। इस संवेदनशील मुद्दे पर आक्रोश व्यक्त करते हुए छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक समग्र शिक्षक फेडरेशन, ब्लॉक कुरूद ने विभागीय कार्यप्रणाली पर तानाशाही का आरोप लगाया है। फेडरेशन का कहना है कि विभाग VSK App की तकनीकी व्यवस्था को दुरुस्त करने के बजाय, उल्टा शिक्षकों पर कार्रवाई और वेतन रोकने की धमकी देकर भय का वातावरण निर्मित कर रहा है।

फेडरेशन के ब्लॉक अध्यक्ष लुकेश राम साहू ने जमीनी हकीकत बयां करते हुए विभाग के इस अड़ियल और दमनकारी दृष्टिकोण को आड़े हाथों लिया है।

'VSK App' का तकनीकी टॉर्चर: स्कूल में उपस्थित, फिर भी ऐप में २ से ५ किमी दूर!

ब्लॉक अध्यक्ष लुकेश राम साहू ने VSK App की उन गंभीर बुनियादी त्रुटियों को उजागर किया है, जो इस पूरे सिस्टम को पूरी तरह फेल साबित कर रही हैं:

लोकेशन की गंभीर गड़बड़ी: शिक्षक शाला परिसर के भीतर खड़े होकर हाजिरी लगाते हैं, लेकिन VSK App का जीपीएस (GPS) उन्हें स्कूल से २ से ५ किलोमीटर दूर दर्शाता है।

लॉगिन और डेटा मिसमैच: VSK App में रोजाना ID Mismatch, Mobile Mismatch और Login Failure जैसी तकनीकी बाधाएं आ रही हैं, जिससे शिक्षक समय पर उपस्थिति दर्ज नहीं कर पा रहे हैं।

अत्यधिक लोडिंग टाइम: ऐप का सर्वर इतना धीमा है कि हाजिरी के इस चक्रव्यूह में ही शिक्षकों का कीमती समय और ऊर्जा नष्ट हो रही है, जिससे शैक्षणिक कार्य भी प्रभावित होता है।

विभागीय विरोधाभास: दोषी 'VSK App' का सिस्टम, सजा राष्ट्र निर्माताओं को क्यों?

फेडरेशन ने तीखा सवाल उठाया है कि जब विभागीय सॉफ्टवेयर और VSK App का ढांचा खुद सुचारू नहीं है, तो उपस्थिति दर्ज न होने का कसूरवार शिक्षकों को कैसे ठहराया जा सकता है? तकनीकी खामियों का दायित्व शिक्षकों पर थोपना न केवल अन्यायपूर्ण है, बल्कि इससे शिक्षकों में असुरक्षा और मानसिक प्रताड़ना की भावना बढ़ रही है।

फेडरेशन का अल्टीमेटम और प्रमुख मांगें:

कार्रवाई और वेतन रोकने के आदेश पर तुरंत रोक: जब तक VSK App शत-प्रतिशत त्रुटिरहित, सुचारू और अपडेट नहीं हो जाता, तब तक तकनीकी कारणों से हाजिरी न लगने के आधार पर किसी भी शिक्षक का वेतन रोकने या दंडात्मक कार्रवाई करने संबंधी आदेशों पर तत्काल रोक लगाई जाए।

मैनुअल रजिस्टर को मिले मान्यता: वैकल्पिक और अंतरिम व्यवस्था के तौर पर जब तक VSK App में सुधार नहीं होता, तब तक स्कूलों में पारंपरिक मैनुअल उपस्थिति रजिस्टर को पूर्ण रूप से वैध माना जाए और उसे स्वीकार किया जाए।

संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाए विभाग: शिक्षा विभाग डराने और धमकाने की नीति छोड़कर सहयोगात्मक और व्यावहारिक रवैया अपनाए।


फेडरेशन ने स्पष्ट किया है कि शिक्षक अपने कर्तव्यों और बच्चों के भविष्य के प्रति पूरी तरह समर्पित हैं और रोज समय पर स्कूल पहुंच रहे हैं। विभाग को यह समझना होगा कि शिक्षा व्यवस्था भय और दबाव से नहीं, बल्कि आपसी समन्वय और संवेदनशीलता से चलती है। सुधार VSK App के सिस्टम में होना चाहिए, कर्तव्यनिष्ठ शिक्षकों पर कार्रवाई में नहीं!

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