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कुरुद का 'कोर्ट-मार्शल' खेल मैदान पर: जब वकीलों की 'दलीलों' को बाबू के 'बल्ले' ने कर दिया खामोश!​मुख्य आकर्षण: कुरूद अधिवक्ता संघ खेल महोत्सव 2026 –


कुरूद।

अदालती गलियारों में गंभीर चेहरे और कानूनी दांव-पेच के बीच रहने वाले 'काले कोट' के योद्धा जब खेल की जर्सी में मैदान पर उतरे, तो नजारा किसी हाई-प्रोफाइल मुकदमे से कम नहीं था। अधिवक्ता संघ कुरूद द्वारा आयोजित दो दिवसीय खेल महोत्सव का रविवार को अटल बिहारी वाजपेयी स्टेडियम में ऐसा 'फाइनल जजमेंट' आया कि वकील साहब अपनी फाइलें देखते रह गए और बाजी न्यायालयीन कर्मचारी संघ मार ले गया।

यह आयोजन केवल खेल नहीं था, बल्कि उन हाथों के बीच की जंग थी जो एक तरफ 'कानून' की व्याख्या करते हैं और दूसरी तरफ 'सिस्टम' को चलाते हैं।

क्रिकेट का महा-संग्राम: 'स्टे-ऑर्डर' फेल, 'क्लीन बोल्ड' हिट!

महोत्सव का सबसे तीखा मोड़ क्रिकेट के फाइनल में आया। यंग स्टार अधिवक्ता संघ कुरूद और न्यायालयीन कर्मचारी संघ के बीच की भिड़ंत ने यह साबित कर दिया कि:

"कोर्ट रूम में भले ही वकील साहब की चलती हो, लेकिन मैदान पर 'बाबू' ही असली बॉस होता है।"

कर्मचारी संघ ने वकीलों की हर रणनीति को 'डिसमिस' करते हुए खिताब पर कब्जा जमाया। यहाँ न कोई 'अपील' काम आई और न ही कोई 'रिव्यू पिटीशन'। वकीलों का सारा 'इंटेलिजेंस' और 'क्रॉस-एग्जामिनेशन' कर्मचारी संघ की सधी हुई फील्डिंग के आगे धराशायी हो गया।

खेल रिपोर्ट कार्ड: किसने मारी बाजी?

क्रिकेट (Final) न्यायालयीन कर्मचारी संघ, कुरूद वकीलों को 'लोअर' कोर्ट की याद दिला दी।
मटका फोड़ श्री नरेश डिंगरे कानून की तरह मटका भी बेदाग तोड़ा।
कुर्सी दौड़ राकेश देवांगन सिस्टम की कुर्सी पर कब्जा करना कोई इनसे सीखे।
कैरम (एकल) जितेंद्र कंवर / पूर्णिमा पैकरा गजब की एकाग्रता, जैसे कोई मर्डर मिस्ट्री सुलझा रहे हों।

जिरह से ज्यादा जोश

कुर्सी की जंग: कुर्सी दौड़ में वकीलों की फुर्ती देखकर लगा जैसे क्लाइंट की 'फीस' के पीछे भाग रहे हों, लेकिन बाजी यहाँ भी राकेश देवांगन ले उड़े।

कैरम की बिसात: कैरम के बोर्ड पर स्ट्राइकर ऐसे चले जैसे किसी पेचीदा केस में फाइलें एक टेबल से दूसरी टेबल पर सरकती हैं।

मटका फोड़: नरेश डिंगरे ने मटका ऐसे फोड़ा जैसे किसी झूठे गवाह का अहंकार तोड़ा जाता है।

गरिमामयी उपस्थिति और आयोजन

इस महोत्सव के 'चीफ जस्टिस' यानी मुख्य अतिथि अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश राधेश्याम

ध्रुव रहे। उनकी उपस्थिति ने खिलाड़ियों में वही अनुशासन भरा जो कोर्ट रूम में होता है। वरिष्ठ अधिवक्ताओं—एल.पी. गोस्वामी, नरेन्द्र साहू और लक्ष्मीकांत द्विवेदी—की मौजूदगी ने जूनियर्स को यह सिखाया कि जीतना जरूरी है, लेकिन 'खेल भावना' का पालन करना अनिवार्य।


न्याय और खेल का अद्भुत संगम

अधिवक्ता संघ कुरूद के अध्यक्ष रमेश पांडेय और जिला अध्यक्ष नीरज तिवारी ने इस आयोजन से यह संदेश दिया कि "अदालत के भारी बोझ के नीचे दबा दिमाग तब सबसे तेज चलता है, जब वह खेल के मैदान में पसीना बहाता है।"

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