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रायपुर पुलिस का 'सिंघम' एक्शन, Raipur Loot Case Solved: हाई अलर्ट को चुनौती देने वाला लुटेरा 8 घंटे में ढेर; पूर्व स्पीकर का मोबाइल बरामद!


Raipur Loot Case Solved culprit Manikant Dhruv arrested by Raipur Crime Branch

रायपुर। राजधानी में वीआईपी सुरक्षा को ठेंगा दिखाने वाले शातिर लुटेरे को रायपुर पुलिस ने महज 8 घंटे के भीतर घुटनों पर ला दिया है. पूर्व विधानसभा अध्यक्ष धरमलाल कौशिक के साथ हुई मोबाइल झपटमारी की सनसनीखेज वारदात का रायपुर पुलिस कमिश्नरेट की क्राइम ब्रांच और थानों की संयुक्त टीम ने सुपरफास्ट पटाक्षेप कर दिया. खाकी ने न सिर्फ 19 साल के लुटेरे को दबोचा, बल्कि उसके पास से छीना गया मोबाइल और वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल भी बरामद कर ली है. इस त्वरित कार्रवाई से पुलिस ने साबित कर दिया है कि राजधानी में कानून का इकबाल कायम है.

पीडब्ल्यूडी आर्च ब्रिज के नीचे झपटा था मोबाइल, 8 घंटे के भीतर Raipur Loot Case Solved

सनसनीखेज वारदात सोमवार सुबह करीब 7:15 बजे की है, जब पूर्व विधानसभा अध्यक्ष धरमलाल कौशिक अपने शासकीय निवास से हमेशा की तरह मॉर्निंग वॉक पर निकले थे. वह जैसे ही पीडब्ल्यूडी आर्च ब्रिज (PWD Arch Bridge) के नीचे पहुंचे, तभी पीछे से आए एक अज्ञात बाइक सवार ने झपट्टा मारा और उनके हाथ से मोबाइल छीनकर हवा हो गया. हाई अलर्ट और भारी सुरक्षा पहरे के बीच हुए इस दुस्साहसिक वाकये से पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया था.

सैकड़ों CCTV फुटेज और 'ह्यूमन इंटेलिजेंस' से चक्रव्यूह

वारदात की खबर मिलते ही पुलिस के आला अधिकारी दलबल के साथ मौके पर पहुंचे. मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए क्राइम ब्रांच और स्थानीय थानों की स्पेशल टीमों का गठन कर लुटेरे के पीछे दौड़ाया गया.

ऐसे दबोचा गया आरोपी: पुलिस टीमों ने घटनास्थल और आरोपी के भागने के संभावित रूट पर लगे सैकड़ों सीसीटीवी (CCTV) कैमरों के फुटेज खंगाले. इसके साथ ही आधुनिक तकनीकी विश्लेषण (Technical Analysis) और लोकल इनपुट (Human Intelligence) का जाल बिछाया गया, जिससे आरोपी बच नहीं सका और महज 8 घंटे के भीतर पुलिस के हत्थे चढ़ गया.

बलौदाबाजार का मणिकांत ध्रुव निकला आरोपी, चलाता था रैपिडो

पुलिस की गिरफ्त में आए शातिर लुटेरे का नाम मणिकांत ध्रुव (19 वर्ष) है. वह मूल रूप से बलौदाबाजार-भाटापारा जिले का रहने वाला है और फिलहाल रायपुर के राजीव नगर इलाके में रह रहा था. पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी शहर में यदा-कदा रैपिडो (Rapido) बाइक टैक्सी चलाने का काम भी करता था. कड़ाई से हुई पूछताछ में आरोपी मणिकांत ने अपना गुनाह कबूल कर लिया, जिसके बाद पुलिस ने उसके कब्जे से लूटा हुआ मोबाइल और वारदात में प्रयुक्त बाइक जब्त कर ली है.

"आम हो या खास, अपराधियों पर होगी बराबर स्ट्राइक" — SSP डॉ. संजीव शुक्ला

इस त्वरित और बड़ी कामयाबी पर रायपुर एसएसपी डॉ. संजीव शुक्ला ने दोटूक शब्दों में पुलिसिंग का मापदंड साफ किया है. उन्होंने कहा:

"आम नागरिक हो या कोई हाई प्रोफाइल व्यक्ति, रायपुर पुलिस हर शिकायत को उतनी ही गंभीरता और समान संवेदनशीलता के साथ लेती है. अपराधियों की फौरन पहचान, उनकी गिरफ्तारी और पीड़ित के सामान की शत-प्रतिशत बरामदगी हमारी सबसे पहली प्राथमिकता है."

हाई अलर्ट के बीच खाकी को मिली इस बड़ी चुनौती को रायपुर पुलिस ने जिस तत्परता और स्पीड से नेस्तनाबूद किया है, उससे यह हाई-प्रोफाइल Raipur Loot Case Solved हो सका. पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई ने अपराधियों के हौसले पस्त कर दिए हैं और जनता के बीच पुलिस के भरोसे को और तगड़ा कर दिया है.

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