top of page

"संविदा कर्मियों की बड़ी जीत! नवंबर में बढ़ेगा मानदेय, बहाल होगी पेंशन — बीएमएस के संघर्ष ने दिलाई राहत"


रायपुर।

बिजली कर्मचारियों और संविदा कर्मियों के लिए खुशखबरी की खबरें तेज हो गई हैं। भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) से संबद्ध छत्तीसगढ़ बिजली कर्मचारी संघ-महासंघ के सतत संघर्ष और प्रभावी पहल के बाद अब संविदा कर्मचारियों को मानदेय वृद्धि, पुरानी पेंशन योजना बहाली और अन्य हितलाभों की सौगात मिलने वाली है।

विद्युत कंपनी प्रबंधन ने महासंघ के प्रस्ताव पर सकारात्मक निर्णय लेते हुए आगामी नवंबर माह में आदेश जारी करने का आश्वासन दिया है।


24 अक्टूबर 2025 को बीएमएस के अखिल भारतीय मंत्री एवं उद्योग प्रभारी राधेश्याम जायसवाल के मार्गदर्शन में महासंघ का प्रतिनिधि मंडल विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध निदेशक, मुख्य अभियंता (एच.आर.) एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात कर लंबित मांगों पर तर्कसंगत व ठोस चर्चा की।

बैठक में विशेष रूप से 2004 के बाद नियुक्त कर्मचारियों की पुरानी पेंशन योजना बहाली, संविदा कर्मियों का वेतन वृद्धि, ऑफ ड्यूटी मृत्यु पर अनुकम्पा नियुक्ति, कैशलेस चिकित्सा सुविधा, दुर्घटना बीमा, तथा राष्ट्रीय त्योहारों में ड्यूटी पर अतिरिक्त वेतन भुगतान जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे शामिल रहे।

महासंघ के प्रदेश कार्यालय मंत्री चेतनानंद दुबे ने बताया कि यह उपलब्धि लंबे संघर्ष और दृढ़ संकल्प का परिणाम है।

उन्होंने याद दिलाया कि 9 अक्टूबर को रायपुर मुख्यालय डंगनिया में आयोजित विशाल आमसभा और धरना प्रदर्शन के बाद भी जब प्रबंधन की ओर से केवल मौखिक आश्वासन दिया गया, तब महासंघ ने 10 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन क्रमिक धरना शुरू कर दिया था।

इसी आंदोलन के दबाव में चेयरमैन डॉ. रोहित यादव ने 17 अक्टूबर को महासंघ प्रतिनिधियों के साथ द्विपक्षीय वार्ता की थी, जिसमें वेतन वृद्धि और हितलाभ संबंधी प्रस्ताव लिखित रूप में तैयार कर प्रस्तुत करने को कहा गया था।


महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष संजय तिवारी और महामंत्री नवरतन बरेठ के नेतृत्व में तैयार इस विस्तृत प्रस्ताव को अब कंपनी प्रबंधन ने गंभीरता से स्वीकार करते हुए नवंबर में लागू करने का भरोसा दिया है।

बैठक में महासंघ की ओर से राधेश्याम जायसवाल, तेज प्रताप सिंहा, नवरतन बरेठ, परमेश्वर कन्नौजे और नीलांबर सिन्हा उपस्थित रहे।

कर्मचारियों में उत्साह:

इस सकारात्मक पहल से संविदा और नियमित दोनों वर्गों के कर्मचारियों में जबरदस्त उत्साह है। कर्मचारी संगठनों का मानना है कि यदि नवंबर में यह निर्णय लागू होता है, तो यह बीएमएस के संघर्ष की ऐतिहासिक जीत होगी।


 
 
 

Comments


bottom of page