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धमतरी गोवंश मामला: 86 किलो संदिग्ध मांस बरामद, मौके पर गरमाया माहौल, जांच में जुटी पुलिस
क्या कहता है कानून और प्रक्रिया?
🔹 किसी भी बरामद मांस की पहचान केवल वैज्ञानिक जांच और फॉरेंसिक रिपोर्ट से ही प्रमाणित मानी जाती है।
🔹 पशु अवशेष, मांस और अन्य नमूनों को परीक्षण के लिए मान्यता प्राप्त प्रयोगशाला भेजा जाता है।
🔹 रिपोर्ट में प्रतिबंधित पशु का मांस पाए जाने पर संबंधित धाराओं के तहत आपराधिक प्रकरण दर्ज किया जा सकता है।
🔹 जांच पूरी होने तक किसी भी व्यक्ति की भूमिका को अंतिम रूप से सिद्ध नहीं माना जाता।
🔹 पुलिस और पशु चिकित्सा विभाग की संयुक्त जांच के बाद ही वैध

moolchand sinha
6 hours ago2 min read
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