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धमतरी गोवंश मामला: 86 किलो संदिग्ध मांस बरामद, मौके पर गरमाया माहौल, जांच में जुटी पुलिस



धमतरी गोवंश मामला में साल्हेवार पारा से बरामद 86 किलो संदिग्ध मांस की जांच करते अधिकारी और पुलिसकर्मी

धमतरी।

धमतरी गोवंश मामला गुरुवार को पूरे जिले में चर्चा का विषय बन गया, जब शहर के सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत साल्हेवार पारा स्थित गाड़ा पारा में गोवंश कटाई और मांस बिक्री की आशंका को लेकर भारी हंगामा खड़ा हो गया। सूचना मिलते ही हिंदू संगठनों के पदाधिकारी और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौके पर पहुंचे तथा विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और पशु चिकित्सा विभाग की टीम को तत्काल मौके पर बुलाया गया।

धमतरी गोवंश मामला में बड़ा खुलासा, साल्हेवार पारा से 86 किलो संदिग्ध मांस जब्त, फॉरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार

जानकारी के अनुसार, धमतरी गोवंश मामला में मौके से लगभग 86 किलोग्राम संदिग्ध मांस बरामद किया गया है। वहीं पास स्थित तालाब के किनारे पशु अवशेष और खाल मिलने की भी जानकारी सामने आई है। घटनास्थल का दृश्य देखकर स्थानीय लोगों और हिंदू संगठनों में भारी आक्रोश देखा गया।

हिंदू संगठनों का प्रदर्शन, तालाब किनारे मिले अवशेष और खाल; जांच रिपोर्ट पर टिकी सबकी निगाहें

हिंदू संगठनों का आरोप है कि क्षेत्र में पिछले कई सप्ताह से गोवंश कटाई की गतिविधियों की शिकायतें मिल रही थीं। संगठन के पदाधिकारियों ने संतराम बघेल नामक व्यक्ति पर गंभीर आरोप लगाते हुए मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की है। कुछ अन्य लोगों की संलिप्तता की आशंका भी जताई गई है।

मौके पर पहुंचे जिला पशु चिकित्सा विभाग के अधिकारियों ने बरामद मांस का परीक्षण कर वजन किया और आवश्यक नमूने सुरक्षित किए। पशु चिकित्सकों के अनुसार, सैंपल को वैज्ञानिक जांच के लिए हैदराबाद स्थित प्रयोगशाला भेजा गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि बरामद मांस किस पशु का है।

जिला पशु चिकित्सालय के चिकित्सक डॉ. मयंक पटेल ने बताया कि फॉरेंसिक रिपोर्ट मिलने के बाद ही अंतिम निष्कर्ष निकाला जा सकेगा। वहीं पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और जांच के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। बताया जा रहा है कि मामले में नामजद आरोपी फिलहाल फरार है, जिसकी तलाश जारी है।

इस बीच हिंदू संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। फिलहाल धमतरी गोवंश मामला की जांच जारी है और पूरे जिले की निगाहें फॉरेंसिक रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं।

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