कभी टपकती छत और कच्ची दीवारों के बीच गुजर-बसर करने वाली धमतरी की कुसुम बाई के लिए पक्का घर महज एक सपना था। प्रधानमंत्री आवास योजना ने यह सपना हकीकत में बदल दिया। आज उनके परिवार के पास सुरक्षित आशियाना है और आंखों में बेहतर भविष्य के सपने। पढ़िए कुसुम बाई के संघर्ष से नए आशियाने तक की पूरी कहानी।