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“प्रधानमंत्री आवास योजना धमतरी: कभी टपकती थी छत, अब पक्के घर में सजे कुसुम बाई के सपने”

18 hours ago
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प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बने पक्के घर के सामने कुसुम बाई।

धमतरी, 15 सितंबर 2026।

कभी सावन की एक बूंद भी इस घर के लिए आफत बन जाती थी। टपकती छत, सीलन भरी मिट्टी की दीवारें और चूहों के बिलों में उलझी एक गरीब परिवार की उम्मीदें... लेकिन आज उसी जगह पर एक मजबूत, पक्का और सम्मान से भरा आशियाना खड़ा है। यह कहानी किसी फिल्म की नहीं, बल्कि धमतरी जिले के जनपद पंचायत कुरुद अंतर्गत ग्राम पंचायत जी जामगांव की श्रीमती कुसुम बाई की है, जिनके लिए प्रधानमंत्री आवास योजना ने सिर्फ घर नहीं, बल्कि जीने का नया हौसला दिया है।


पक्के मकान से पहले कच्चे घर में गुजर-बसर करतीं कुसुम बाई।

प्रधानमंत्री आवास योजना धमतरी से बदली कुसुम बाई की जिंदगी

कुसुम बाई का परिवार सालों तक मजदूरी पर निर्भर रहा। जो कमाया, वह बच्चों की पढ़ाई, खाने और इलाज में ही खर्च हो जाता था। पुश्तैनी कच्चा मकान ही एकमात्र सहारा था, लेकिन बरसात में वही सबसे बड़ी चुनौती बन जाता था।

“बारिश में रात भर जागना पड़ता था। बर्तन लगाकर पानी रोकते थे, बच्चों को कोने में सुलाते थे। पक्के मकान का सपना देखते थे, पर जेब इजाजत नहीं देती थी,” कुसुम बाई पुराने दिन याद करते हुए बताती हैं।


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तब... जब मजबूरी पहरा देती थी सपनों पर

कच्चे मकान की कमजोर दीवारें और टपकती छत परिवार के लिए हर बारिश में परेशानी का कारण बनती थीं। आर्थिक स्थिति ऐसी थी कि अपने दम पर पक्का मकान बनाना महज एक सपना ही था।

फिर... एक योजना बनी उम्मीद की किरण

वर्ष 2025-26 में कुसुम बाई के जीवन में उम्मीद की नई शुरुआत हुई। पात्रता के आधार पर उनका चयन प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत हुआ। जनपद पंचायत कुरुद द्वारा आयोजित उन्मुखीकरण कार्यक्रम में उन्हें पूरी प्रक्रिया, सहायता राशि और गुणवत्तापूर्ण निर्माण से जुड़ी जानकारी दी गई।

इसके बाद वर्षों से देखा जा रहा पक्के घर का सपना ईंट-दर-ईंट हकीकत में बदलने लगा।

अब... चेहरे पर चिंता नहीं, चमक है

आज कुसुम बाई अपने परिवार के साथ उसी पक्के घर में रहती हैं, जहां बारिश का डर नहीं और दीवार गिरने की चिंता नहीं। यह सिर्फ चार दीवारें नहीं, बल्कि उनके बच्चों के बेहतर भविष्य, सुरक्षा और आत्मसम्मान की मजबूत नींव है।

कभी जिस घर में बारिश की हर बूंद चिंता लेकर आती थी, आज उसी घर में परिवार भविष्य के सपने संजो रहा है। कुसुम बाई के जीवन में आया यह बदलाव प्रधानमंत्री आवास योजना धमतरी की उस पहल की तस्वीर है, जिसने जरूरतमंद परिवार के लिए पक्की छत के साथ नई उम्मीद भी दी है।

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नए आशियाने से प्रधानमंत्री को जन्मदिन की बधाई

इस खुशी के बीच जब कुसुम बाई को पता चला कि 17 सितंबर को प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी का जन्मदिन है, तो उन्होंने अपने नए घर से उन्हें शुभकामनाएं दीं।

कुसुम बाई ने कहा—

“प्रधानमंत्री जी को जन्मदिन की बहुत-बहुत बधाई। उन्होंने हम जैसे गरीबों को पक्का घर का सपना पूरा करके दिया है। मैं भगवान से प्रार्थना करती हूँ कि वे ऐसे ही गरीबों की सेवा करते रहें।”

कुसुम बाई की यह कहानी बताती है कि प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) सिर्फ एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि गरीब परिवारों के सपनों को पक्की छत देने का माध्यम भी बन रही है। जब एक परिवार को सुरक्षित और पक्का घर मिलता है, तो उसके साथ बच्चों के बेहतर भविष्य, सुरक्षा और आत्मसम्मान की उम्मीद भी मजबूत होती है।

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