40 हजार में बिका 'सात जन्मों का साथ': पत्नी ने रची ऐसी खौफनाक साजिश, सिर धड़ से अलग कर गाड़ दिया जमीन में!
- moolchand sinha

- Jan 19
- 2 min read

भाटापारा/हथबंद।
जि ई ई ई=स कलाई को थामकर एक पत्नी ने अग्नि के सामने सात जन्मों तक साथ निभाने की 'कसम' खाई थी, उसी कलाई पर सजे सुहाग को उसने चंद रुपयों के लिए मौत के घाट उतरवा दिया।
सोचिये, जिस पत्नी को 'अर्धांगिनी' कहा जाता है, अगर वही अपने पति के शरीर को दो टुकड़ों में बांट दे तो? छत्तीसगढ़ के भाटापारा (हथबंद) में एक ऐसा ही मामला सामने आया है, जिसने पवित्र रीति-रिवाजों को शर्मसार कर दिया है। एक पत्नी, एक मामा, दो सुपारी किलर और एक बेजुबान लाश... इस कहानी का अंत आपको अंदर तक झकझोर देगा।
एक टैटू और बिना सिर की लाश
11 जनवरी की सुबह। ग्राम मजगांव रेलवे ट्रैक। वहां एक युवक की लाश पड़ी थी, लेकिन धड़ पर सिर नहीं था। कातिलों ने सोचा था कि चेहरा मिटा देंगे, तो गुनाह छिप जाएगा। लेकिन, कुदरत को कुछ और ही मंजूर था। मृतक के दाहिने हाथ पर अंग्रेजी में लिखा था—'GK Joshi'। बस, यही वह सुराग था जिसने पुलिस को इस अंधे कत्ल की तह तक पहुँचाया।
40 हजार में सुहाग का सौदा
मृतक की पहचान गैस कुमार जोशी (39) के रूप में हुई। पुलिस जब घर पहुंची, तो पत्नी कुसुम जोशी का रोना-धोना महज एक नाटक निकला। कड़ाई से पूछताछ में पता चला कि पति की शराब और मारपीट से तंग आकर कुसुम ने रिश्तों की मर्यादा लांघ दी। उसने अपने मामा राजेश भारती के साथ मिलकर पति को मारने का प्लान बनाया और इसके लिए दो जल्लादों (सुपारी किलर दारासिंह और करन) को 40,000 रुपये में हायर किया।
3. पार्टी के बहाने 'मौत' का जश्न
साजिश किसी फिल्म से कम नहीं थी:
धोखा: पति को पार्टी के बहाने मामा के घर बुलाया गया।
नशा: उसे इतनी शराब पिलाई गई कि वह अपनी सुध-बुध खो बैठा।
दरिंदगी: बेहोशी की हालत में उसे कार से रेलवे ट्रैक पर ले जाया गया। वहां तलवार के एक वार से उसका गला काट दिया गया।
बर्बरता: धड़ को पटरियों पर फेंका गया और सिर को मीलों दूर 'डिग्गी' गांव में जमीन में गाड़ दिया गया।
पुलिस का एक्शन और बड़ा खुलासा
एसपी भावना गुप्ता की विशेष टीम ने दिन-रात एक कर दिया। 80 जवानों ने 4 किलोमीटर तक जंगल और जमीन छान मारी। आखिरकार, पुलिस ने जमीन खोदकर सिर बरामद किया और चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
समाज के लिए सवाल
यह घटना सिर्फ एक कत्ल नहीं, बल्कि उन रीति-रिवाजों और विश्वास की हत्या है जिन पर भारतीय समाज टिका है। एक पत्नी का यह रूप बताता है कि जब रिश्तों में संवाद खत्म होता है और नफरत जगह लेती है, तो इंसान किस हद तक गिर सकता है।








Comments