कुरुद की 'जल क्रांति': नगर एवं राहगीरों को मिली 50 हजार लीटर क्षमता की नई सौगात, अंबेडकर जयंती पर थमी पेयजल की प्यास
- moolchand sinha

- Apr 16
- 2 min read

कुरुद | विशेष कवरेज
छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के अंतर्गत नगर पालिका कुरुद ने भीषण गर्मी से निपटने के लिए एक अभूतपूर्व रणनीति तैयार की है। भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती के पावन अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती ज्योति भानु चन्द्राकर ने शहर के 14 प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर 'जल सेवा' अभियान के तहत नई पानी टंकियों का भव्य लोकार्पण किया।
इस महत्वपूर्ण विस्तार के साथ ही कुरुद नगर में अब कुल 50 लीटर क्षमता अतिरिक्त जल संग्रहण की क्षमता जुड़ गई है, जो राहगीरों और स्थानीय निवासियों के लिए 'संजीवनी' साबित होगी।
"नगर एवं राहगीरों के लिए 50 हजार लीटर क्षमता का नया 'पेयजल कवच"
भीषण गर्मी में राहगीरों की प्यास बुझाना सबसे बड़ा पुण्य कार्य है। इसी भाव को आत्मसात करते हुए नगर पालिका ने 15वें वित्त, अध्यक्ष निधि और पालिका निधि के सहयोग से 14 नए 'जल सेवा' केंद्रों की स्थापना की है।
कुरुद के इन 14 व्यस्ततम स्थलों पर अब 24 घंटे जल सेवा
नगर पालिका ने वैज्ञानिक पद्धति से उन स्थानों का चयन किया है जहाँ नगर एवं राहगीरों की आवाजाही सबसे अधिक होती है:
बस स्टैंड और कारगिल चौक
नया बाजार और सब्जी मंडी क्षेत्र
केनाल रोड और पोस्ट ऑफिस के पास
वीरनारायण चौक, अटल आवास एवं पचरीपारा
इन सभी स्थानों पर स्थापित टंकियों के माध्यम से अब कुल 50 हजार लीटर क्षमता का अतिरिक्त बैकअप नगरवासियों की सेवा में चौबीसों घंटे उपलब्ध रहेगा।
अध्यक्ष का विजन: बिजली और पानी के जाल से 'आदर्श कुरुद' का निर्माण
लोकार्पण समारोह के दौरान अध्यक्ष ज्योति भानु चन्द्राकर ने अपने जन्मदिवस के अवसर पर कुरुद की जनता को यह समर्पित करते हुए कहा:
"माननीय अजय चन्द्राकर जी के कुशल मार्गदर्शन में कुरुद समस्त आधुनिक सुविधाओं से परिपूर्ण हो रहा है। नगर एवं राहगीरों की सुविधा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। पूर्व की 16 टंकियों को मिलाकर अब नगर में कुल 30 स्थानों पर वॉटर स्टेशन उपलब्ध हैं। 50 हजार लीटर क्षमता का यह नया विस्तार यह सुनिश्चित करेगा कि शहर में पानी के टैंकरों की आवश्यकता केवल विशेष सामाजिक व धार्मिक कार्यों तक ही सीमित रहे।"
"नगर एवं राहगीरों के लिए 50 हजार लीटर क्षमता का विशेष प्रबंध"
नगर पालिका स्तर पर इतनी बड़ी संख्या में और इतनी अधिक क्षमता (50 हजार लीटर) के साथ जल वितरण प्रणाली विकसित करना छत्तीसगढ़ में एक नया कीर्तिमान है। यह परियोजना न केवल पेयजल संकट को खत्म करेगी बल्कि नगर पालिका के संसाधनों का भी अनुकूलतम उपयोग सुनिश्चित करेगी।




Comments