छत्तीसगढ़ भूमिहीन मजदूर कल्याण योजना: भखारा में 300 मजदूरों का हल्लाबोल, प्रशासन को घेरा!

कुरूद/ भखारा।
जहाँ एक तरफ सरकार 'सुशासन' का ढिंढोरा पीट रही है, वहीं धमतरी जिले के नगर पंचायत भखारा-भठेली में व्यवस्था की पोल खुल गई है। छत्तीसगढ़ भूमिहीन मजदूर कल्याण योजना के तहत मिलने वाली राशि के लिए गरीब मजदूर दफ्तरों के चक्कर काटकर थक चुके हैं। आज मजदूरों के सब्र का बांध टूट गया और उन्होंने तहसील कार्यालय का घेराव कर सिस्टम के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।
छत्तीसगढ़ भूमिहीन मजदूर कल्याण योजना भखारा की लिस्ट से क्यों गायब हुए नाम?
हैरानी की बात यह है कि तहसील कार्यालय से बीते 25 मार्च को केवल 30 लोगों के खातों में 10-10 हजार रुपये भेजे गए। लेकिन शेष 300 पात्र हितग्राहियों का नाम रहस्यमयी ढंग से लिस्ट से गायब हो गया है। हितग्राही तब से आज तक नगर पंचायत और तहसील के बीच फुटबॉल बने हुए हैं।
"सुशासन सिर्फ दिखावा है" – जनप्रतिनिधियों का तगड़ा प्रहार
आंदोलन में शामिल पूर्व अध्यक्ष भरत नाहर ने दो टूक कहा, "यह गरीबों के हक की लड़ाई है, हम किसानों और मजदूरों के साथ अंतिम दम तक खड़े हैं।" वहीं पूर्व पार्षद संतोषी निषाद ने चुटकी लेते हुए कहा कि "सुशासन तिहार सिर्फ दिखावा है, यहाँ तो 5 महीने से बुजुर्गों की वृद्धा पेंशन तक नहीं आई है।" पार्षद मेघनाथ साहू ने भी नगर पंचायत पर लोगों को भ्रमित करने का आरोप लगाया।
CMO और तहसीलदार का आश्वासन: एक हफ्ते में होगा समाधान
मजदूरों के भारी विरोध को देखते हुए CMO और तहसीलदार मौके पर पहुंचे। उन्होंने स्वीकार किया कि समस्या गंभीर है। अधिकारियों ने लिखित आश्वासन दिया है कि 7 दिनों के भीतर त्रुटियों को सुधार कर सभी पात्र लोगों की समस्या का समाधान किया जाएगा।
मजदूरों की चेतावनी: समाधान नहीं तो उग्र आंदोलन
भले ही प्रशासन ने एक हफ्ते का वक्त मांगा है, लेकिन मजदूरों ने साफ कर दिया है कि अगर इस बार भी उन्हें ठगा गया, तो वे उग्र आंदोलन से पीछे नहीं हटेंगे।




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