सिविल अस्पताल कुरूद (Civil Hospital Kurud) में मध्यरात्रि ड्यूटी से अनुपस्थित रहे डॉक्टर: BMO के नोटिस पर दिया स्पष्टीकरण
- moolchand sinha

- 6 hours ago
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कुरूद ।
सिविल अस्पताल कुरूद (Civil Hospital Kurud) में आपातकालीन सेवाओं के दौरान चिकित्सक की अनुपस्थिति को लेकर उठे सवालों के बीच अब प्रशासनिक प्रक्रिया शुरू हो गई है। मध्यरात्रि को जब एक गंभीर महिला मरीज को अस्पताल लाया गया, तब ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक के मौके पर न होने से परिजनों ने व्यवस्था पर सवाल उठाए थे।
मामले की गंभीरता को देखते हुए बीएमओ डॉ. हेमराज देवांगन द्वारा जारी किए गए कारण बताओ नोटिस के जवाब में संबंधित चिकित्सक ने अपनी सफाई पेश कर दी है।
सिविल अस्पताल कुरूद (Civil Hospital Kurud) में 22 जुलाई की रात क्या हुआ था?
मामला 22 जुलाई की मध्यरात्रि का है। एक महिला मरीज को गंभीर हालत में इलाज के लिए सिविल अस्पताल कुरूद लाया गया था। परिजनों का आरोप है कि उस समय ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक अस्पताल परिसर में मौजूद नहीं थे।
मरीजों के परिजनों के अनुसार, अस्पताल स्टाफ द्वारा संपर्क किए जाने पर चिकित्सक ने फोन के माध्यम से ही उपचार संबंधी निर्देश दिए। आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था में चिकित्सक की भौतिक मौजूदगी न होने से असंतुष्ट परिजनों ने मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराई थी।
BMO के नोटिस पर डॉक्टर की सफाई: "तबीयत खराब थी, थकान के कारण हुई चूक"
शिकायत मिलने के बाद बीएमओ डॉ. हेमराज देवांगन ने संबंधित चिकित्सक से जानकारी व स्पष्टीकरण तलब किया। डॉक्टर ने अपने लिखित जवाब में अनुपस्थिति का कारण स्वास्थ्य ठीक न होना और लगातार ड्यूटी के कारण हुई थकान को बताया है।
चिकित्सक ने अपने जवाब में स्पष्ट किया:
"मेरी तबीयत ठीक नहीं थी और लगातार ड्यूटी करने की वजह से अत्यधिक थकान हो गई थी। भविष्य में ऐसी स्थिति की पुनरावृत्ति नहीं होगी।"
'आश्वासन' या विभागीय कार्रवाई? प्रशासनिक निर्णय पर टिकीं निगाहें
चिकित्सक का पक्ष सामने आने के बाद अब सिविल अस्पताल कुरूद के प्रशासनिक गलियारों में इस बात को लेकर चर्चा तेज है कि आगे क्या कदम उठाया जाएगा। मामले से जुड़े 3 मुख्य पहलू ध्यान खींच रहे हैं:
जवाबदेही का प्रश्न: आपातकालीन सेवाओं में चिकित्सक की उपलब्धता सीधे तौर पर मरीज की सुरक्षा से जुड़ी होती है। ऐसे में केवल आश्वासन पर्याप्त होगा या नहीं?
विभागीय प्रक्रिया: क्या चिकित्सक के अस्वस्थ होने के तर्क को स्वीकार करते हुए फाइल बंद की जाएगी या मामले की समीक्षा होगी?
प्रशासनिक रुख: भविष्य में ऐसी स्थिति रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग इस स्पष्टीकरण के बाद क्या विभागीय कार्रवाई करता है?
अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि स्वास्थ्य विभाग डॉक्टर के इस स्पष्टीकरण से संतुष्ट होता है या फिर नियमों के तहत आगे की विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाती है।


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