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Dhamtari Dial 112 ERV Security: SP सूरज सिंह परिहार ने थमाई 'सुपरफास्ट' कमान, अमित शाह ने दी थी रफ्तार!


Dhamtari Dial 112 ERV Security vehicles flagging off by Dhamtari Police SP Suraj Singh Parihar

धमतरी। जनसुरक्षा के मोर्चे पर धमतरी पुलिस ने आज एक ऐसी ऐतिहासिक छलांग लगाई है, जिससे अपराधियों में खौफ और आम नागरिकों में सुरक्षा का भरोसा दोगुना होना तय है। पुलिस अधीक्षक (SP) सूरज सिंह परिहार के कड़े तेवरों और दूरदर्शी नेतृत्व में जिला पुलिस की आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली (Emergency Response System) अब पूरी तरह हाईटेक और 'बुलेट स्पीड' मोड में आ चुकी है।

बीते 18 मई को देश में सबसे खास बात यह है कि इन वाहनों को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रायपुर के पीटीएस परेड ग्राउंड के भव्य मंच से पूरे छत्तीसगढ़ के लिए रवाना किया था। कुल 400 नए ERV वाहनों और 33 मोबाइल फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी वैन के इस महा-विस्तार के तहत धमतरी को यह 12 गाड़ियों की सौगात मिली है। अब 'पुलिस, फायर और मेडिकल' तीनों आपातकालीन सेवाएं एक ही प्लेटफॉर्म पर इंटीग्रेट हो चुकी हैं, जिससे Dhamtari Dial 112 ERV Security सेवा का स्तर कॉर्पोरेट स्तर की इमरजेंसी जैसा वर्ल्ड-क्लास हो गया है।

इस बड़े एक्शन से ठीक पहले, एसपी सूरज सिंह परिहार की सीधी मौजूदगी में पुलिस लाइन स्थित कंपोजिट बिल्डिंग में एक हाई-लेवल ट्रेनिंग वर्कशॉप आयोजित की गई, जहां पूरी टीम को 'जीरो टॉलरेंस' और 'क्विक एक्शन' का कड़ा पाठ पढ़ाया गया।

'मिशन 10-30': Dhamtari Dial 112 ERV Security का नया टाइमर सेट

इस नई और आधुनिक योजना के तहत धमतरी पुलिस ने रिस्पांस टाइम को लेकर बेहद कड़े और पेशेवर मानक तय किए हैं, जिससे Dhamtari Dial 112 ERV Security व्यवस्था सीधे तौर पर आम जनता को त्वरित राहत पहुंचाएगी:

शहरी चक्रव्यूह (10 मिनट): शहर के किसी भी कोने से कॉल आने पर मात्र 10 मिनट के भीतर पुलिस की 'इमरजेंसी टीम' मौके पर मौजूद मिलेगी।

ग्रामीण कवच (30 मिनट): जिले के दूरस्थ और दुर्गम ग्रामीण अंचलों में भी अधिकतम 30 मिनट के भीतर पुलिस सहायता पीड़ित तक पहुँचेगी।

24x7 अलर्ट मोड: सड़क दुर्घटना, महिला सुरक्षा, आपसी विवाद, मारपीट या कोई भी अन्य लॉ एंड ऑर्डर की स्थिति हो—ये 12 हाईटेक गाड़ियां 24 घंटे और सातों दिन चीते की रफ्तार से दौड़ने के लिए मुस्तैद रहेंगी।

एसपी सूरज सिंह परिहार की दो टूक: "कॉल आपकी जिम्मेदारी, हर पीड़ित वीआईपी"

कार्यशाला में पुलिस अधिकारियों, कर्मचारियों और वाहन चालक जवानों को सीधे संबोधित करते हुए एसपी सूरज सिंह परिहार ने दो टूक शब्दों में अपनी प्राथमिकताएं साफ कर दीं।

"डायल-112 केवल एक सरकारी सेवा नहीं, बल्कि संकट में फंसे नागरिक की आखिरी उम्मीद होती है। हर कॉल को पूरी संवेदनशीलता से लें। आपका रिस्पांस टाइम ही आपकी काबिलियत तय करेगा। मौके पर आपका व्यवहार संयमित और निर्णय बिजली की तरह तेज होना चाहिए।"

सूरज सिंह परिहार, एसपी, धमतरी


ट्रेनिंग के 4 'तगड़े' स्तंभ: जिस पर टिकी है Dhamtari Dial 112 ERV Security व्यवस्था

इस हाईटेक सुरक्षा चक्र को जमीन पर शत-प्रतिशत सफल बनाने के लिए पुलिस लाइन की कार्यशाला में अधिकारियों और चालकों को 4 विशेष बिंदुओं पर कड़ा प्रशिक्षण दिया गया:

स्तंभ प्रशिक्षण का मुख्य फोकस कार्यशैली की रूपरेखा

टेक-स्मार्ट पुलिसिंग GPS और वायरलेस तकनीक वायरलेस कोऑर्डिनेशन और गाड़ी में लगे जीपीएस-तकनीकी उपकरणों का 100% सटीक उपयोग।

सॉफ्ट स्किल व संयम संवेदनशील जन-संवाद विपरीत परिस्थितियों में भी आम जनता और पीड़ितों से बेहद संवेदनशील व प्रभावी संवाद।

आपातकालीन ड्राइविंग क्विक एंड सेफ रूटिंग वाहन चालक जवानों को सुरक्षित, सतर्क और कम से कम समय में रूट मैप ढूंढने की विशेष ट्रेनिंग।

इंटर-डिपार्टमेंटल टीमवर्क ऑन-स्पॉट त्वरित निर्णय कानून व्यवस्था बिगड़ने की स्थिति में मौके पर त्वरित, सामूहिक और सटीक निर्णय लेने की क्षमता।

ऑन-ग्राउंड मुस्तैद रही धमतरी पुलिस की कोर टीम

इस हाई-प्रोफाइल और रणनीतिक कार्यशाला को सफल बनाने और जिले में सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद करने के लिए धमतरी पुलिस का पूरा आला नेतृत्व ऑन-ग्राउंड तैनात रहा:

शैलेन्द्र कुमार पांडेय (अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, धमतरी)

रागिनी मिश्रा (एसडीओपी, कुरुद)

मोनिका मरावी व मीना साहू (डीएसपी)

विपिन रंगारी (एसडीओपी, नगरी)

दीपक शर्मा (रक्षित निरीक्षक)

गायत्री सिन्हा (डायल-112 प्रभारी निरीक्षक)

बिरेश तिवारी (कंट्रोल रूम प्रभारी)

सुल्तान हुसैन (एमटीओ)



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