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Bhakhara Power Cut News: भीषण गर्मी में भखारा के सिहाद गांव में अघोषित पावर कट, 'आंख मिचौली' से सहमे ग्रामीण, आंदोलन की बड़ी चेतावनी!


Bhakhara Power Cut News: Sihad village residents submitting electricity complaint to JE Diwakar Dhruv

भखारा/ कुरूद:

एक तरफ आसमान से बरसती आग और दूसरी तरफ बिजली विभाग की 'आंख मिचौली'! जब पारा रिकॉर्ड तोड़ रहा हो और उमस से सांस लेना दूभर हो, ऐसे में अगर रात-रात भर बिजली गायब रहे, तो इसे प्रशासनिक लापरवाही कहें या जनता के सब्र का इम्तिहान? छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी मर्यादित (CSPDCL) की शाखा भखारा के अंतर्गत लगातार आ रही Bhakhara Power Cut News ने अब तूल पकड़ लिया है। ग्राम सिहाद के ग्रामीण इन दिनों इसी "नरक" को झेलने को मजबूर हैं।

विंडबना देखिए कि ग्राम पंचायत सिहाद खुद 33 केवी विद्युत की आपूर्ति भखारा वितरण केंद्र को करता है, लेकिन खुद सिहाद के ग्रामीण 'दिया तले अंधेरा' वाली कहावत चरितार्थ करते हुए घुप अंधेरे में जीने को विवश हैं।

Bhakhara Power Cut News: अधिकारियों की 'आंख मिचौली' कब तक? बुजुर्ग और नौनिहाल बेहाल!

विगत एक महीने से गांव में अघोषित और बेहिसाब बिजली कटौती का दौर जारी है। कड़ाके की गर्मी और उमस के कारण स्थिति इतनी बदतर हो चुकी है कि गांव में बीमारी और लू (Heat Stroke) का खतरा मंडराने लगा है।

"70-80 साल के बुजुर्ग हांफ रहे हैं, मासूम बच्चे रात-रात भर रो रहे हैं और पूरा गांव सो नहीं पा रहा है। आखिर यह आंख मिचौली कब तक चलेगी?" यह आक्रोश है सिहाद के उन ग्रामीणों का, जो बिजली विभाग के रवैये से बुरी तरह टूट चुके हैं। स्थानीय सोशल मीडिया और मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर Bhakhara Power Cut News को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा साफ देखा जा सकता है।

उपसरपंच और पंचों की अगुवाई में बिजली ऑफिस का घेराव, कनिष्ठ यंत्री को सौंपा आवेदन

इस गंभीर समस्या को लेकर आज ग्राम सिहाद के जनप्रतिनिधि और ग्रामीण सीधे बिजली ऑफिस पहुंचे। उपसरपंच भेषज बैस और पंच थानेश्वर पटेल की अगुवाई में आक्रोशित ग्रामवासियों ने कनिष्ठ यंत्री (JE) दिवाकर ध्रुव को अपनी मांगों का लिखित आवेदन सौंपकर सीधे तौर पर जवाब-तलब किया।

इस दौरान बिजली दफ्तर का घेराव करने पहुंचे ग्रामीणों में मुख्य रूप से चम्मन लाल बैस, मेघनाथ साहू, योगेश पटेल, नरेश बैस, खूबलाल पाल, युवराज बैस, संमुख और गुलशन पटेल सहित भारी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे, जिन्होंने विभाग की इस अघोषित कटौती के खिलाफ जमकर नाराजगी जाहिर की। ग्रामीणों का कहना है कि बार-बार लाइनमैन को सूचना देने के बाद भी सुध नहीं ली जा रही थी, इसलिए आज सीधे दफ्तर का रुख करना पड़ा।

लाइनमैन बेपरवाह, कुंभकर्णी नींद में जिम्मेदार अधिकारी!

ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र के संबंधित लाइनमैन को इस नारकीय स्थिति के बारे में बार-बार फोन कर और मिलकर सूचना दी जा रही है। लेकिन साहब की कान पर जूं तक नहीं रेंग रही। शिकायत के बावजूद न तो अघोषित कटौती रुक रही है और न ही सिस्टम में कोई सुधार किया जा रहा है। ऐसा लगता है कि एयर-कंडीशंड कमरों में बैठे जिम्मेदार अधिकारियों को जनता की इस तड़प का कोई अहसास ही नहीं है।

कनिष्ठ यंत्री को अल्टीमेटम: अब बात सिर्फ शिकायत की नहीं, सीधे आर-पार की होगी!

ग्रामीणों के सब्र का बांध अब पूरी तरह टूट चुका है। ग्रामवासियों ने कनिष्ठ यंत्री (JE) को पत्र सौंपकर दो टूक शब्दों में अल्टीमेटम दे दिया है।

सीधी चेतावनी: यदि इस अघोषित और अत्याचारी बिजली कटौती में तत्काल सुधार नहीं किया गया, तो समस्त ग्रामवासी भखारा वितरण केंद्र का घेराव कर उग्र धरना प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होंगे।

प्रशासन जिम्मेदार: ग्रामीणों ने साफ कर दिया है कि आंदोलन के दौरान यदि कोई अप्रिय स्थिति निर्मित होती है, तो इसकी संपूर्ण जिम्मेदारी बिजली विभाग के लापरवाह अधिकारियों और कर्मचारियों की होगी।

Bhakhara Power Cut News के जरिए अब देखना यह है कि इस तपती गर्मी में ग्रामीणों की यह तड़प और चेतावनी अधिकारियों की 'कुंभकर्णी नींद' उड़ा पाती है या फिर जनता को अपने हक की बिजली के लिए सड़कों पर उतरना पड़ेगा।

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