Dhamtari POCSO Case: धोखे की बुनियाद पर नाबालिग का शोषण; रुद्री पुलिस ने आरोपी को भेजा जेल
- moolchand sinha

- Jun 6
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धमतरी (छत्तीसगढ़)।
भरोसे और मानवीय संवेदनशीलता को झकझोरने वाली एक कानूनन गंभीर घटना धमतरी जिले से सामने आई है, जिसने सामाजिक ताने-बाने पर एक बार फिर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। धमतरी पुलिस ने महिला एवं बाल अपराधों के खिलाफ अपनी सख्त 'जीरो टॉलरेंस' (शून्य सहनशीलता) नीति का परिचय देते हुए Dhamtari POCSO Case के मुख्य आरोपी को तत्काल प्रभाव से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने उम्र के एक नाजुक मोड़ पर खड़ी नाबालिग को विवाह और झूठे सुनहरे भविष्य का झांसा देकर अपनी हवस का शिकार बनाया, लेकिन कानून की त्वरित मुस्तैदी से अब वह सलाखों के पीछे है।
Dhamtari POCSO Case: रुद्री पुलिस की त्वरित कानूनी कार्रवाई और गंभीर धाराएं
यह मामला रुद्री थाना क्षेत्र का है। पुलिस को जैसे ही पीड़िता और उसके परिजनों की तरफ से लिखित शिकायत प्राप्त हुई, पुलिस अधीक्षक (SP धमतरी) के कड़े निर्देशों के बाद रुद्री पुलिस तुरंत एक्शन मोड में आ गई। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने थाना रुद्री में अपराध क्रमांक 23/2026 दर्ज कर कानूनी तफ्तीश शुरू की।
इस गंभीर Dhamtari POCSO Case में पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और पॉक्सो एक्ट की इन सख्त धाराओं के तहत शिकंजा कसा है:
BNS (भारतीय न्याय संहिता): धारा 64(2)(m)
पॉक्सो एक्ट (POCSO Act): धारा 4 एवं धारा 6 (गंभीर मर्मभेदी लैंगिक हमला)
विवाह का झांसा देकर विश्वासघात, आरोपी हरिशंकर सेन को मिली न्यायिक रिमांड
विवेचना के दौरान रुद्री पुलिस की टीम ने पीड़िता का बयान दर्ज कराने से लेकर उसकी चिकित्सकीय जांच (Medical Examination) और अन्य सभी वैधानिक औपचारिकताएं तत्परता से पूरी कीं, ताकि आरोपी को सख्त से सख्त सजा दिलाई जा सके।
आरोपी की आधिकारिक पहचान:
नाम: हरिशंकर सेन (पिता: सेवक राम सेन)
उम्र: 19 वर्ष
निवासी: थाना रुद्री, जिला धमतरी (छ.ग.)
पुलिस द्वारा जुटाए गए अकाट्य साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर आरोपी हरिशंकर सेन को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। कोर्ट ने मामले की गंभीरता और कानूनी पहलुओं को देखते हुए आरोपी को न्यायिक रिमांड पर सीधे जेल भेज दिया है।




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