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Dhamtari Police Excise Case: शतरंज के मोहरों पर कब तक होगी कार्रवाई?


Dhamtari Police Excise Case Police Action in Kurud Bhakhara

धमतरी।

सिस्टम और नशे के सौदागरों के बीच आखिर कब तक 'आँख-मिचौली' का खेल चलता रहेगा? यह सवाल इसलिए मौजूं है क्योंकि इस बड़े Dhamtari Police Excise Case में पुलिस ने भले ही बिसात पर बैठे प्यादों की कमर तोड़ दी है, लेकिन जनता पूछ रही है—ये कार्रवाई कब तक सिर्फ शतरंज के मोहरों तक सीमित रहेगी? असली मास्टरमाइंड और बड़े सप्लायर कब बेनकाब होंगे?

पुलिस अधीक्षक सूरज सिंह परिहार के कड़े और सख्त निर्देश के बाद जिलेभर में अवैध शराब बिक्री और परिवहन के खिलाफ हंटर चला है। इस हाई-प्रोफाइल Dhamtari Police Excise Case में पुलिस ने महज 72 घंटों के भीतर ताबड़तोड़ एक्शन लेते हुए आबकारी एक्ट के 16 बड़े मामलों में 18 आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज दिया है। इस कार्रवाई से हड़कंप तो मचा है, लेकिन अब कुछ ऐसे चुभते हुए सवाल सामने आ रहे हैं कि पुलिस इन प्यादों से आगे बढ़कर खेल के असली खिलाड़ियों पर हाथ कब डालेगी।

भखारा पुलिस की घेराबंदी: Dhamtari Police Excise Case के तहत 2 तस्कर जेल रवाना

मुखबिर से मिली सटीक सूचना के आधार पर भखारा पुलिस ने घेराबंदी की और दो आरोपियों को अवैध रूप से शराब का परिवहन करते हुए रंगे हाथों दबोच लिया। यह कार्रवाई इस Dhamtari Police Excise Case अभियान की एक बड़ी कड़ी है।

बरामदगी: 35 पौवा देशी शराब (कीमत ₹2,800) और तस्करी में प्रयुक्त मोटरसाइकिल (कीमत ₹10,000) जब्त।

गिरफ्तार आरोपी: नीलमणी साहू (उम्र 47 वर्ष, निवासी सेमरा-बी, भखारा) और सोमनाथ गाड़ा (उम्र 44 वर्ष, निवासी सुपेला, भखारा)।

कार्रवाई: दोनों शातिर तस्करों के खिलाफ आबकारी अधिनियम की गैर-जमानती धारा 34(2) के तहत प्रकरण दर्ज कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।

कुरूद पुलिस का एक्शन: रामसागर तालाब के पास शुभम बंजारे गिरफ्तार

इसी Dhamtari Police Excise Case के अंतर्गत मुस्तैदी दिखाते हुए कुरूद पुलिस ने रामसागर तालाब के पास अवैध रूप से शराब की दुकान सजाए बैठे एक और आरोपी को रंगे हाथों पकड़ा।

गिरफ्तार आरोपी: शुभम उर्फ शुभम बंजारे (उम्र 27 वर्ष, निवासी चंडीपारा, कुरुद)।

बरामदगी: मौके से 14 पौवा देशी शराब, बिक्री की रकम ₹250 और अन्य सामग्रियां जब्त।

कार्रवाई: आरोपी के खिलाफ धारा 34(1)ख के तहत वैधानिक कार्रवाई की गई है।

बड़ा सवाल: मोहरों पर एक्शन ठीक, लेकिन 'वज़ीर' कब पकड़ाएगा?

क्षेत्र की जनता का साफ कहना है कि चंद पौवा लेकर सड़कों पर घूमने वाले तो सिर्फ मोहरे हैं, जिन्हें आगे कर मुख्य सिंडिकेट अपना काम निकालता है। इस Dhamtari Police Excise Case के जरिए पुलिस की इस मुस्तैदी की तारीफ तो हो रही है, लेकिन सटीक और लाजवाब कामयाबी तब मानी जाएगी, जब इन मोहरों के जरिए पुलिस उस मुख्य सरगना की गर्दन तक पहुंचेगी जो जिले की युवा पीढ़ी की रगों में नशे का जहर घोल रहा है।

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