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POCSO Act Case: नाबालिग से दुष्कर्म मामले में आरोपी गिरफ्तार, धमतरी पुलिस की त्वरित कार्रवाई


Dhamtari police arrested accused Rakesh Dahariya in minor girl POCSO Act Case

धमतरी।

POCSO Act Case में धमतरी पुलिस ने एक बार फिर त्वरित और सख्त कार्रवाई का संदेश दिया है। नाबालिग बालिका को बहला-फुसलाकर ले जाने और उसके साथ दुष्कर्म के गंभीर आरोप में पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, पीड़िता के बयान और वैज्ञानिक जांच के आधार पर आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया। पुलिस अधीक्षक सूरज सिंह परिहार के निर्देशन में हुई इस कार्रवाई ने स्पष्ट कर दिया है कि महिला एवं बाल अपराधों पर धमतरी पुलिस की 'जीरो टॉलरेंस' नीति केवल दावा नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर सख्ती से लागू की जा रही है।

गुमशुदगी की शिकायत से खुला POCSO Act Case का राज, साइबर ट्रैकिंग से आरोपी तक पहुंची पुलिस

मामले की गंभीरता को देखते हुए सिहावा पुलिस ने नाबालिग की गुमशुदगी को सर्वोच्च प्राथमिकता में रखते हुए तत्काल कार्रवाई शुरू की। परिजनों की शिकायत दर्ज होते ही पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर विशेष टीम गठित की गई। मुखबिर तंत्र, सायबर सेल, मोबाइल लोकेशन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की मदद से पुलिस ने तेजी से जांच आगे बढ़ाई और कुछ ही समय में नाबालिग बालिका को सकुशल बरामद कर लिया।

बरामदगी के बाद पीड़िता की काउंसलिंग, चिकित्सकीय परीक्षण और बयान दर्ज किए गए, जिनसे मामले की भयावह सच्चाई सामने आई। जांच में खुलासा हुआ कि ग्राम कौन्दकेरा निवासी राकेश डहरिया (33 वर्ष) नाबालिग को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया था और उसके साथ दुष्कर्म किया। पर्याप्त साक्ष्य मिलते ही सिहावा पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। उसकी निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल भी बरामद कर जब्त की गई। आरोपी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) और POCSO Act की गंभीर धाराओं के तहत वैधानिक कार्रवाई करते हुए न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।

कड़क कानूनी शिकंजा: जानिए इस POCSO Act Case में पुलिस ने कौन सी धाराएं लगाईं

आरोपी राकेश डहरिया को कानून के घेरे में पूरी तरह जकड़ने के लिए धमतरी पुलिस ने वैज्ञानिक साक्ष्य संकलन और एफएसएल (FSL) जांच का सहारा लिया है। थाना सिहावा में अपराध क्रमांक 46/2026 दर्ज कर आरोपी के खिलाफ इन कड़क धाराओं के तहत वैधानिक कार्रवाई की गई है:

भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराएं:

137(2) (अपहरण/बहला-फुसलाकर ले जाना), 87, और 64(1) (दुष्कर्म)

पॉक्सो एक्ट की धारा: धारा 4 (POCSO Act Case के तहत विशेष कार्रवाई)

धमतरी पुलिस का खौफनाक रिकॉर्ड: इस साल 10 अपराधियों को मिल चुकी है 20-20 साल की जेल

धमतरी पुलिस की यह त्वरित कार्रवाई अपराधियों के मन में खौफ पैदा करने वाली है। पुलिस का रिकॉर्ड गवाह है कि वर्ष 2026 में अब तक पॉक्सो एक्ट के 10 गंभीर मामलों में धमतरी पुलिस की सशक्त साक्ष्य संकलन, पेशेवर विवेचना और प्रभावी कोर्ट पैरवी के दम पर माननीय न्यायालय ने सभी 10 आरोपियों को 20-20 वर्ष के सश्रम कारावास (कठोर सजा) से दंडित किया है। पुलिस की इस पेशेवर कार्यकुशलता से यह साफ है कि इस नए POCSO Act Case के आरोपी का भी कानून के चंगुल से बचना अब नामुमकिन है।

धमतरी पुलिस की समाज से अपील:

"नाबालिग बच्चों की सुरक्षा और उनका संरक्षण समाज की सामूहिक और नैतिक जिम्मेदारी है। यदि आपको अपने आस-पास कोई भी संदिग्ध गतिविधि दिखती है या बच्चों के खिलाफ किसी अपराध की आशंका होती है, तो बिना डरे तत्काल डायल-112 या अपने निकटतम पुलिस थाने को सूचित करें। सूचना देने वाले व्यक्ति का नाम और पहचान पूरी तरह से गुप्त रखी जाएगी।"


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