PRSU Double Shift Exam Controversy: समय-सारणी या मानसिक प्रताड़ना? रविशंकर विश्वविद्यालय की विसंगति पर भड़के पालक, पूछा- क्या दो टुकड़ों में बंटकर पेपर देगी हमारी बेटी?

रायपुर/कुरूद:
पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय (PRSU) के परीक्षा विभाग की एक ऐसी गंभीर व्यावहारिक चूक सामने आई है, जिसने परीक्षार्थियों को गहरी मानसिक उलझन में डाल दिया है। आगामी 24 जून 2026 की समय-सारणी में एक ही दिन और एक ही समय पर दो अलग-अलग सेमेस्टर की परीक्षाएं रख दी गई हैं। इस प्रशासनिक अदूरदर्शिता के कारण संत गुरु घासीदास शासकीय महाविद्यालय, कुरूद की एक छात्रा का पूरा शैक्षणिक वर्ष दांव पर लग गया है। इस पूरे मामले ने अब PRSU Double Shift Exam Controversy का रूप ले लिया है, जिससे छात्रों और पालकों में भारी आक्रोश है।
एक ही टाइम-स्लॉट में दो विपरीत धारा के विषय: PRSU Double Shift Exam Controversy
महाविद्यालय की B.Sc. चतुर्थ सेमेस्टर की नियमित छात्रा कु. पलक बाजपेयी के परीक्षा शेड्यूल ने विश्वविद्यालय की प्रबंधन प्रणाली पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। इस PRSU Double Shift Exam Controversy के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:
समय का टकराव: 24 जून 2026 को दोपहर 01:00 से 04:00 बजे के बीच छात्रा को एक तरफ अपने पिछले बैकलॉग विषय 'History of English Literature' (ATKT) की परीक्षा देनी है।
मुख्य विषय भी उसी वक्त: ठीक इसी समय और इसी तारीख पर उसके वर्तमान चतुर्थ सेमेस्टर के मुख्य विषय 'Ecology and Wildlife Conservation' (Zoology DSE) का पेपर भी निर्धारित है।
बड़ा सवाल: कोई भी परीक्षार्थी एक ही समय पर दो अलग-अलग परीक्षा कक्षों में उपस्थित होकर दो विपरीत विषयों के प्रश्नपत्र एक साथ कैसे हल कर सकता है?
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पालक सुनील बाजपेयी का तीखा प्रहार: "यह बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ है"
इस विसंगति पर छात्रा के पिता सुनील बाजपेयी का आक्रोश फूट पड़ा। उन्होंने PRSU Double Shift Exam Controversy पर विश्वविद्यालय प्रबंधन को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा:
"यह कैसी परीक्षा प्रणाली है जहां अधिकारियों की लापरवाही की सजा बच्चों को भुगतनी पड़ रही है? मेरी बेटी परीक्षा हॉल में दो टुकड़ों में बंटकर पेपर नहीं दे सकती। परीक्षा के ऐन वक्त पर जब उसे शांत मन से पढ़ाई करनी चाहिए, वह आवेदन लेकर दफ्तरों के चक्कर काट रही है। यदि इस तकनीकी त्रुटि को तुरंत नहीं सुधारा गया और मेरी बेटी का साल बर्बाद हुआ, तो इसके लिए सीधे तौर पर विश्वविद्यालय प्रशासन जिम्मेदार होगा।"
प्राध्यापकों ने भी माना- 'त्रुटि गंभीर है', अब सुधार का इंतजार
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए कुरूद महाविद्यालय के प्राचार्य ने छात्रा के आवेदन को "आवश्यक कार्यवाही हेतु" उच्च अधिकारियों को अग्रेषित कर दिया है। कॉलेज प्रबंधन ने भी स्वीकार किया है कि यह समय-सारणी की एक व्यावहारिक भूल है, जिसमें तुरंत आंशिक संशोधन की आवश्यकता है। अब देखना यह है कि इस गंभीर PRSU Double Shift Exam Controversy पर विश्वविद्यालय का परीक्षा विभाग कितनी जल्दी सुधारात्मक कदम उठाता है और परीक्षार्थियों को राहत देता है।
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