रामसागर तालाब में जलांजलि के दौरान डूबे संतोष कंवर की तलाश जारी, घंटों चले सर्च ऑपरेशन के बाद भी नहीं मिला सुराग
- moolchand sinha

- 1 day ago
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उमरदा के राजमिस्त्री संतोष कंवर रामसागर तालाब में जलांजलि के दौरान डूबे संतोष कंवर की तलाश कार्यक्रम में शामिल होने आए थे कुरूद, स्थानीय युवाओं, पुलिस और गोताखोरों ने देर रात तक चलाया तलाश अभियान

कुरूद। नगर के ऐतिहासिक रामसागर तालाब में शनिवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया। पारिवारिक दसगात्र कार्यक्रम में शामिल होने ग्राम उमरदा से कुरूद आए संतोष कंवर (लगभग 40 वर्ष) जलांजलि के दौरान तालाब में डूब गए। पेशे से राजमिस्त्री संतोष कंवर के डूबने की खबर फैलते ही पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। दोपहर से देर रात तक चले सघन तलाश अभियान के बावजूद उनका कोई सुराग नहीं मिल सका। अब रविवार सुबह 6 बजे से पुनः खोज अभियान शुरू किया जाएगा।
जानकारी के अनुसार, शनिवार दोपहर करीब 3 बजे रामसागर तालाब में जलांजलि के दौरान डूबे संतोष कंवर की तलाश के दौरान यह हादसा हुआ। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय युवाओं ने बिना समय गंवाए तालाब में उतरकर संतोष कंवर की तलाश शुरू कर दी। देखते ही देखते तालाब किनारे लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई।
घटनास्थल पर सबसे पहले पहुंचे विधायक प्रतिनिधि भानु चंद्राकर ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय युवाओं को संगठित कर तत्काल खोज अभियान शुरू करवाया। गोताखोरों के पहुंचने से पहले ही युवाओं ने तालाब के विभिन्न हिस्सों में तलाश शुरू कर दी थी। बाद में पुलिस और गोताखोरों की टीम भी मौके पर पहुंची और अभियान को और तेज किया गया।

सूचना मिलते ही थाना प्रभारी अवध राम साहू पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और पूरे अभियान की कमान संभाली। वहीं धमतरी से पहुंचे अनुभवी गोताखोर कली राम ध्रुव अपनी टीम के साथ देर रात तक तालाब में लगातार खोजबीन करते रहे। स्थानीय युवाओं, पुलिस और गोताखोरों के संयुक्त प्रयासों के बावजूद अंधेरा बढ़ने और दृश्यता कम होने के कारण देर रात तक कोई सफलता नहीं मिल सकी।
घटनास्थल पर ललित चंद्राकर, प्रकाश धीवर, प्रदीप चंद्राकर, पार्षद मिथलेश बैंस सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। वहीं ग्राम उमरदा से पहुंचे ग्रामीणों के अलावा महिला, पुरुष और बच्चों सहित सैकड़ों लोग देर रात तक तालाब किनारे डटे रहे। हर किसी की नजरें तालाब की ओर लगी थीं और सभी संतोष कंवर के मिलने की उम्मीद में इंतजार करते रहे।
पेशे से राजमिस्त्री संतोष कंवर अपने परिवार के भरण-पोषण का प्रमुख सहारा थे। हादसे की खबर से उमरदा गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरा गांव इस घटना से स्तब्ध है।
रविवार सुबह फिर शुरू होगा सर्च ऑपरेशन
शनिवार को दोपहर से लेकर देर रात तक चले रेस्क्यू अभियान में स्थानीय युवाओं, पुलिस प्रशासन और गोताखोरों ने पूरी ताकत झोंक दी, लेकिन सफलता नहीं मिल सकी। सुरक्षा कारणों और अंधेरा बढ़ने के चलते अभियान को अस्थायी रूप से रोक दिया गया। पुलिस प्रशासन के अनुसार रविवार सुबह 6 बजे से पुनः सर्च ऑपरेशन शुरू किया जाएगा। पूरे कुरूद नगर और उमरदा गांव की निगाहें अब इस खोज अभियान पर टिकी हुई



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