SDM नभ सिंह कोशले की 'नक्शा नीति' ने सुलझाया भालूझुलन विवाद; अब तेजी से बनेगा फूड पार्क
- moolchand sinha

- 4 hours ago
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कुरुद।
प्रशासनिक दक्षता और जनता के बीच सही संवाद हो तो बड़ी से बड़ी उलझनें सुलझ जाती हैं। कुरुद के अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) नभ सिंह कोशले ने भालूझुलन में प्रस्तावित फूड पार्क के काम में आ रही रुकावटों को अपनी दूरदर्शी सोच से दूर कर दिया है। पिछले कई दिनों से चल रहा गतिरोध अब विकास की सहमति में बदल चुका है।
SDM नभ सिंह कोशले ने सैटेलाइट इमेज से दूर किया ग्रामीणों का संशय: 'दूध का दूध, पानी का पानी'
विवाद का मुख्य कारण ग्रामीणों में अपनी निस्तारी भूमि खोने का भय था। SDM नभ सिंह कोशले ने इस समस्या का जड़ से समाधान निकालने के लिए तकनीक का सहारा लिया। उन्होंने तहसीलदार सूरज बंछोर की उपस्थिति में ग्राम भालूझुलन के प्रतिनिधिमंडल को कार्यालय बुलाया और सैटेलाइट मैपिंग के जरिए गांव की एक-एक इंच जमीन का हिसाब दिखाया।
निस्तार और आबादी की जमीन पूरी तरह सुरक्षित
बैठक के दौरान एसडीएम ने नक्शे पर चिन्हित कर दिखाया कि:
गांव का गोठान और चारागाह क्षेत्र विकास कार्य से पूरी तरह अछूता है।
खेल मैदान और श्मशान की भूमि को शासन के रिकॉर्ड में सुरक्षित रखा गया है।
भविष्य के विस्तार के लिए रिक्त आबादी भूखंडों की स्थिति भी स्पष्ट की गई।
प्रतिनिधिमंडल ने समाधान पर जताई संतुष्टि, कार्य प्रारंभ करने पर बनी सहमति
प्रशासन की इस पारदर्शिता ने विरोध के सुरों को सहयोग में बदल दिया। प्रतिनिधिमंडल में शामिल उदयराम साहू, रामाधार कंवर, संतोष यादव, माणिक पटेल और मनसा राम साहू ने स्वीकार किया कि सही जानकारी के अभाव में भ्रम फैला था। प्रशासन द्वारा तथ्यों को सामने रखने के बाद सभी प्रतिनिधि संतुष्ट हुए और उन्होंने ग्रामवासियों से चर्चा कर जल्द ही काम शुरू करवाने का आश्वासन दिया।
रोजगार और औद्योगिक विकास की ओर बढ़ता भालूझुलन
इस गतिरोध की समाप्ति के साथ ही अब क्षेत्र में उद्यम और रोजगार के नए अवसर खुलेंगे। एसडीएम नभ सिंह कोशले की इस पहल की सराहना हो रही है, क्योंकि उन्होंने विवाद को सुलझाने के लिए बल के बजाय 'विश्वास और संवाद' का मार्ग चुना।




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