धमतरी: 'पहली रोटी गाय के नाम' अभियान का विस्तार, अब दो मशीनों से तैयार होगी हजारों रोटियां
- moolchand sinha

- 3 days ago
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धमतरी/कुरूद।
सेवा, समर्पण और गौ-भक्ति की एक मिसाल बन चुकी संस्था 'पहली रोटी गाय के नाम' ने आज सफलता का एक और पड़ाव पार किया। धमतरी और आस-पास के क्षेत्रों में गौ-माताओं के लिए रोटियों की बढ़ती मांग को देखते हुए संस्था द्वारा एक अतिरिक्त अत्याधुनिक मशीन का शुभारंभ किया गया है।
समाजसेवी अनिल बरडिया और पूर्व विधायक लेखराम साहू ने किया शुभारंभ
अशोक राइस मिल (बस स्टैंड के पीछे) धमतरी के प्रांगण में आयोजित कार्यक्रम में प्रमुख समाजसेवी एवं सेवादार अनिल बरडिया और कुरूद के पूर्व विधायक व राष्ट्रीय समन्वयक (पिछड़ा वर्ग कांग्रेस) लेखराम साहू ने विधिवत पूजा-अर्चना की। उन्होंने नारियल फोड़कर दूसरी मशीन को जनता और गौ-सेवा के लिए समर्पित किया।
मांग और आपूर्ति में सामंजस्य के लिए बढ़ाया कदम
मीडिया से बात करते हुए लेखराम साहू ने बताया कि वर्तमान में एक मशीन से प्रतिदिन 13 से 14 हजार रोटियां बनाई जा रही थीं। लेकिन संस्था की लोकप्रियता और गौ-भक्तों के जुड़ाव के कारण मांग इतनी बढ़ गई है कि एक मशीन पर्याप्त नहीं थी। अब दूसरी मशीन लगने से धमतरी शहर के साथ-साथ कुरूद, चारामा, लखनपुरी और भानुप्रतापपुर (कांकेर) तक रोटियों की निर्बाध आपूर्ति हो सकेगी।
30 किलो आटे से 5 क्विंटल तक का प्रेरणादायी सफर
इस संस्था की नींव साल 2025 में दिवाली के शुभ अवसर पर रखी गई थी। शुरुआत मात्र 30 किलो आटे से हुई थी, जो आज बढ़कर 5 क्विंटल प्रतिदिन तक पहुँच गई है। यह मशीन से बनी शुद्ध और सुंदर रोटियां न केवल शहर बल्कि अब दूसरे जिलों की गौ-शालाओं तक भी पहुँच रही हैं।
सेवादारों की टोली कर रही अथक परिश्रम
प्रतिदिन सुबह 4:00 बजे से 10:00 बजे तक चलने वाले इस सेवा यज्ञ में शहर के जागरूक नागरिक अपनी सहभागिता निभा रहे हैं। एक मशीन को चलाने के लिए कम से कम 5 लोगों की जरूरत पड़ती है। इस अवसर पर प्रदीप जैन, मुकेश वैध, योगेश महावर, प्रदीप छाजेड़, जितेंद्र साहू, रवि कश्यप, नितेश पटेल, लिलेश जैन और लंकेश ठाकुर सहित अनेक सेवादार उपस्थित रहे।
अपील: लेखराम साहू ने शहरवासियों से आग्रह किया है कि पुण्य के इस कार्य से जुड़कर अपनी सहभागिता निभाएं और इस पुनीत अभियान को और मजबूत बनाएं।




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