कुरुद का वो 'उमरदा एम्बुलेंस कांड' जिसने मानवता को झकझोरा, जानिए कैसे 120 घंटे में सलाखों के पीछे पहुंचे तीनों आरोपी
- moolchand sinha

- 2 hours ago
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कुरुद (धमतरी)।
क्या भीड़ का कोई चेहरा होता है? शायद नहीं। लेकिन जब वही भीड़ न्याय करने के नाम पर 'उन्मादी' हो जाए, तो सबसे पहले मानवता दम तोड़ती है। धमतरी जिले का कुरुद क्षेत्र इन दिनों एक ऐसी ही घटना से उबल रहा है, जिसे अब उमरदा एम्बुलेंस कांड के नाम से जाना जा रहा है। पिछले 17 वर्षों से बिना किसी स्वार्थ और भेदभाव के हजारों मरते हुए लोगों को जिंदगी की दहलीज तक पहुंचाने वाली 'बोल बम एवं वंदे मातरम समिति' की जीवनरक्षक गाड़ी को न केवल क्षतिग्रस्त किया गया, बल्कि उसके चालक को भी बेरहमी से पीटा गया। इस गुंडागर्दी के खिलाफ जब समिति के अध्यक्ष भानु चंद्राकर ने मोर्चा खोला, तो धमतरी पुलिस ने त्वरित एक्शन लेते हुए तीनों मुख्य उपद्रवियों को सलाखों के पीछे भेज दिया है।
उमरदा एम्बुलेंस कांड की इनसाइड स्टोरी: आखिर 8 जून की रात क्या हुआ था?
दिनांक 8 जून 2026 की रात ग्राम उमरदा गौठान के पास एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ था, जिसमें एक स्थानीय व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद वहां मौजूद भीड़ बेकाबू हो रही थी। सूचना मिलते ही बोल बम एवं वंदे मातरम समिति के एम्बुलेंस पायलट राधेश्याम निर्मलकर बिना एक पल गंवाए एम्बुलेंस (क्रमांक CG 05 15001) लेकर मौके पर पहुंचे।
प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, घटनास्थल पर मौजूद कुछ असामाजिक तत्वों ने एम्बुलेंस के 'विलंब से पहुंचने' का झूठा बहाना बनाया और विवाद शुरू कर दिया। देखते ही देखते बात इतनी बढ़ गई कि उपद्रवियों ने एम्बुलेंस चालक के साथ अश्लील गाली-गलौच करते हुए उसे जान से मारने की धमकी दी और हाथ-मुक्कों से बेदम मारपीट की। इतना ही नहीं, उन उन्मादी तत्वों ने पत्थरों और लाठियों से हमला कर एम्बुलेंस का सामने का कांच, बोनट, इंडिकेटर और अन्य हिस्सों को बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया, जिससे इस सामाजिक संपत्ति को लगभग लाखों रुपये की भारी क्षति पहुंची।
धमतरी पुलिस का महा-एक्शन: 'स्पेशल एक्ट' के तहत तीनों आरोपी भेजे गए जेल
इस बर्बरता के बाद कुरुद क्षेत्र के सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों में भारी आक्रोश व्याप्त हो गया। घायल पायलट राधेश्याम निर्मलकर की लिखित शिकायत पर कुरुद पुलिस ने बिना वक्त गंवाए अपराध क्रमांक 177/2026 दर्ज किया। पुलिस ने इस उमरदा एम्बुलेंस कांड के आरोपियों को घेरने के लिए साधारण धाराओं के साथ-साथ डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा के लिए बने विशेष कड़े कानून का इस्तेमाल किया।
दर्ज की गई कड़ी धाराएं:
भारतीय न्याय संहिता (BNS): धारा 296(ख), 115(2), 351(2), 324(4), 3(5)
विशेष अधिनियम: चिकित्सा सेवक तथा चिकित्सा सेवा संस्थान (हिंसा तथा संपत्ति की क्षति या हानि की रोकथाम) अधिनियम 2010 की धारा 3(2)
विवेचना के दौरान पुलिस ने डिजिटल वीडियो फुटेज, चश्मदीदों के बयान और कार्यपालिक मजिस्ट्रेट (Executive Magistrate) के समक्ष कराई गई लाइव शिनाख्ती परेड के आधार पर तीन नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय के आदेश पर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की सूची: आरोपी का नामपिता का नामउम्रनिवासीवर्तमान स्थिति
रमन दीवान उजयार दीवान30 वर्षग्राम उमरदा, कुरुद केंद्रीय जेल दाखिल,
तामेश्वर पटेल शैलेष पटेल33 वर्षग्राम उमरदा, कुरुद न्यायिक रिमांड पर,
फनेन्द्र उर्फ विक्की चंद्राकर पुरन चंद्राकर25 वर्ष ग्राम उमरदा, कुरुद सलाखों के पीछे
भानु चंद्राकर का नया संकल्प: "आरोपी जेल गए यह तो शुरुआत है, अंतिम न्याय तक खड़ी रहेगी क्षतिग्रस्त एम्बुलेंस"
उमरदा एम्बुलेंस कांड के तीनों आरोपियों को पुलिस ने 120 घंटे के भीतर सीधे जेल भेज दिया है। इस त्वरित कार्रवाई पर संतोष जताते हुए भी 'बोल बम एवं वंदे मातरम समिति' का रुख अब और कड़ा हो गया है। कुरुद थाने के बाहर सैकड़ों समर्थकों के बीच समिति अध्यक्ष भानु चंद्राकर ने भावुक और फौलादी लहजे में कहा:
"उपद्रवियों का जेल जाना तो महज पहली सीढ़ी है। असली इंसाफ तब होगा जब इन्हें अदालत से कड़ी से कड़ी सजा मिलेगी। यह हमारी 17 साल की उस बेदाग सेवा के सम्मान की लड़ाई है जिसने हजारों लोगों को नई जिंदगी दी।"
भानु चंद्राकर ने अपनी घोषणा को दोहराते हुए दो टूक शब्दों में कहा:
"जब तक इस उमरदा एम्बुलेंस कांड के दोषियों को अंतिम कानूनी सजा नहीं मिल जाती, तब तक यह क्षतिग्रस्त एम्बुलेंस इसी जर्जर हालत में प्रशासन के सामने मूक गवाही बनकर खड़ी रहेगी। इसका संचालन नहीं होगा, ताकि भविष्य में कोई रक्षक पर हाथ उठाने की हिम्मत न करे। हालांकि, कुरुद की जनता की सुविधा के लिए हमारी दूसरी बैकअप एम्बुलेंस सेवा चौबीसों घंटे जारी रहेगी। सेवा नहीं रुकेगी, लेकिन न्याय की यह जंग भी अब थमेगी नहीं।"




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