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एक कॉल… और 19.50 लाख गायब! आइसक्रीम डीलरशिप के नाम पर धमतरी में बड़ी साइबर ठगी


धमतरी।

कारोबार बढ़ाने का सपना, एक भरोसेमंद-सी आवाज़ और प्रोफेशनल बातचीत—बस इतनी ही देर में मेहनत की कमाई साइबर ठगों की झोली में चली गई। नामी आइसक्रीम कंपनी की डीलरशिप दिलाने का झांसा देकर एक कारोबारी से करीब 19.50 लाख रुपये ट्रांसफर करवा लिए गए। जब तक सच्चाई सामने आई, तब तक डिजिटल रास्ते से पैसा उड़ चुका था। यह घटना सिर्फ एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि हर उस कारोबारी के लिए चेतावनी है जो फोन कॉल पर भरोसा कर लेता है।

नामी आइसक्रीम ब्रांड की डीलरशिप दिलाने के नाम पर धमतरी के एक कारोबारी से करीब 19.50 लाख रुपये की साइबर ठगी का मामला सामने आया है। पीड़ित कारोबारी अमलतास पुरम कॉलोनी निवासी शिव अग्रवाल ने सिटी कोतवाली थाना में शिकायत दर्ज कराई है।

पीड़ित के अनुसार, करीब दो वर्ष पूर्व उन्होंने एक नामी आइसक्रीम कंपनी की डीलरशिप के लिए ई-मेल के माध्यम से संपर्क किया था, लेकिन उस समय कोई जवाब नहीं मिला। मामला यहीं समाप्त हो गया।

इसी बीच 9 दिसंबर 2025 को उनके पास एक अनजान नंबर से कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को कंपनी से जुड़ा बताते हुए डीलरशिप प्रक्रिया, दस्तावेज़, रजिस्ट्रेशन और स्टॉक व्यवस्था का हवाला दिया। बातचीत इतनी पेशेवर थी कि कारोबारी को किसी प्रकार का संदेह नहीं हुआ।

कॉलर के निर्देश पर 10 से 15 दिसंबर के बीच अलग-अलग किश्तों में ₹19.50 लाख विभिन्न खातों में ट्रांसफर करा लिए गए। हर भुगतान के बाद नई प्रक्रिया बताई जाती रही, लेकिन डीलरशिप से जुड़ा कोई ठोस दस्तावेज़ सामने नहीं आया।

लगातार बढ़ती मांगों से संदेह होने पर कारोबारी ने बैंक से खातों की जानकारी निकलवाई, जहां खुलासा हुआ कि जिस खाते में राशि भेजी गई थी, वह कंपनी के नाम पर नहीं, बल्कि किसी अन्य व्यक्ति के नाम से संचालित हो रहा है।

शिकायत के बाद पुलिस ने मामले को साइबर ठगी मानते हुए जांच शुरू कर दी है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मणिशंकर चंद्रा ने बताया कि अज्ञात आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) के तहत अपराध दर्ज कर लिया गया है। बैंक खातों, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और डिजिटल ट्रेल के आधार पर जांच जारी है।

⚠️ CLIMAX

यह मामला केवल एक कारोबारी की जेब खाली होने की कहानी नहीं है, बल्कि उस भरोसे पर करारा तमाचा है, जिसे साइबर ठग सबसे पहले निशाना बनाते हैं।

फोन कॉल पर डीलरशिप, निवेश या फ्रेंचाइज़ी—आज के दौर में सबसे बड़ा खतरा बन चुकी है।

एक कॉल, कुछ मीठे वादे और बिना जांच किया गया ट्रांसफर—और जीवन भर की कमाई मिनटों में गायब हो सकती है।

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