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कांकेर: शादी की सौगंध देकर भरोसे का कत्ल, हल्बा पुलिस की 24 घंटे में करारी गिरफ्तारी

कांकेर/नरहरपुर:

​छत्तीसगढ़ के शांत वनांचल क्षेत्र कांकेर से एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है जिसने मानवीय संवेदनाओं और सामाजिक विश्वास को झकझोर कर रख दिया है। एक तरफ जहां समाज में रिश्तों की पवित्रता की मिसाल दी जाती है, वहीं ग्राम गितपहर के एक युवक ने रिश्तों की आड़ में न केवल कानून को चुनौती दी, बल्कि एक युवती के आत्मसम्मान को भी गहरी चोट पहुंचाई। हालांकि, कानून के रक्षकों ने इस 'भरोसे के कत्ल' का हिसाब महज 24 घंटे के भीतर चुकता कर दिया है।

​प्यार का नाटक और 500 दिनों का शोषण

​यह कहानी केवल एक अपराध की नहीं, बल्कि एक लंबे धोखे की है। आरोपी अजीत उसेण्डी (28 वर्ष) ने अगस्त 2023 में युवती को सुनहरे भविष्य और वैवाहिक जीवन का सपना दिखाया था। पुलिसिया जांच में यह तथ्य उभर कर सामने आया कि 25 अगस्त 2023 से ही आरोपी लगातार शादी का झांसा देकर युवती का दैहिक शोषण कर रहा था।

​पीड़िता इस उम्मीद में हर जुल्म सहती रही कि एक दिन समाज की मौजूदगी में वह इस रिश्ते को नाम देगा। लेकिन जैसे ही पीड़िता ने विवाह के लिए अंतिम दबाव बनाया, अजीत ने अपने वादे से मुकरते हुए उसे अपनाने से इनकार कर दिया।

​पुलिस अधीक्षक की पैनी नजर और 'जीरो टॉलरेंस'

​05 जनवरी को जब पीड़िता अपनी व्यथा लेकर हल्बा पुलिस चौकी पहुंची, तो मामला सीधे जिले के कप्तान पुलिस अधीक्षक निखिल अशोक कुमार राखेचा के पास पहुंचा। महिला सुरक्षा को लेकर बेहद संवेदनशील रहने वाले एसपी राखेचा ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल 'हल्बा पुलिस' को विशेष टास्क दिया।

​एसपी के सख्त निर्देश थे: "महिला संबंधी अपराधों में कोई ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आरोपी को 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजा जाए।"

​ऑपरेशन '24 घंटे': हल्बा पुलिस की मुस्तैदी

​आदेश मिलते ही हल्बा चौकी प्रभारी और नरहरपुर थाना की टीम हरकत में आई। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिरों के जाल के जरिए आरोपी की लोकेशन ट्रैक की। अजीत उसेण्डी जो खुद को कानून से ऊपर समझ रहा था, पुलिस की घेराबंदी के आगे ज्यादा देर टिक नहीं पाया।

विवेचना के मुख्य बिंदु:

धारा 69 BNS: नई भारतीय न्याय संहिता के तहत धोखाधड़ी से सहमति प्राप्त करने (शादी का झांसा) के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की गई।

साक्ष्य संकलन: पुलिस ने पीड़िता के बयान और अन्य तकनीकी साक्ष्यों को इतनी तेजी से जुटाया कि आरोपी के पास बचने का कोई रास्ता नहीं बचा।

स्वीकारोक्ति: गिरफ्तारी के बाद हुई पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया।

​कानूनी अंजाम और सामाजिक संदेश

​आरोपी अजीत उसेण्डी को गिरफ्तार करने के बाद कांकेर न्यायालय में पेश किया गया। पुलिस की मजबूत पैरवी और पर्याप्त सबूतों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।

​यह कार्रवाई उन लोगों के लिए एक कड़ा संदेश है जो विवाह के नाम पर सहमति को हथियार बनाकर किसी की जिंदगी बर्बाद करने की कोशिश करते हैं। हल्बा पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई की पूरे जिले में सराहना हो रही है, जिससे कानून व्यवस्था के प्रति जनता का विश्वास और गहरा हुआ है।

बड़ा सवाल: क्या शादी का झूठा झांसा देकर किए गए अपराधों के लिए उम्रकैद जैसी सख्त सजा होनी चाहिए? अपनी राय नीचे कमेंट में साझा करें।

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