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खाकी का अपमान करने वाले 'विलेन' का पुलिस ने निकाला जुलूस, चप्पलों की माला पहनाकर लगवाया नारा - 'वर्दी फाड़ना पाप है'

प्रतीकात्मक फोटो ।  इंसाफ या अपमान?" या "बीच सड़क जुलूस
प्रतीकात्मक फोटो । इंसाफ या अपमान?" या "बीच सड़क जुलूस


रायगढ़/तमनार: छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में खाकी के स्वाभिमान और महिला अस्मिता से खिलवाड़ करने वाले आरोपियों को पुलिस ने कड़ा सबक सिखाया है। तमनार ब्लॉक के जेपीएल (JPL) कोयला खदान विरोध प्रदर्शन के दौरान एक महिला आरक्षक के साथ अमानवीय व्यवहार करने वाले मुख्य आरोपी चित्रसेन साव को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी का वह हाल किया, जो अब पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बना हुआ है।

​शर्मनाक घटना: जब रक्षक ही हुई असुरक्षित

​8 दिसंबर 2025 को धौराभाठा में हुई जनसुनवाई के विरोध में ग्रामीण 12 दिसंबर से धरने पर बैठे थे। 27 दिसंबर को यह आंदोलन उग्र हो गया। लिबरा चौक पर करीब 1000 प्रदर्शनकारियों की भीड़ ने पुलिस पर हमला बोल दिया। इस दौरान क्रूरता की सारी हदें पार कर दी गईं:

महिला आरक्षक के साथ दरिंदगी: प्रदर्शनकारियों ने एक महिला आरक्षक की वर्दी फाड़ दी और उसे अर्धनग्न कर दिया।

वीडियो बनाकर किया वायरल: बेबस महिला आरक्षक रोती रही, उपद्रवियों को 'भाई' कहकर छोड़ने की भीख मांगती रही, लेकिन पत्थरदिल भीड़ वीडियो बनाती रही और उसे गालियां देती रही।

महिला अधिकारी पर हमला: तमनार थाना प्रभारी (TI) कमला पुषाम को भी महिलाओं और पुरुषों की भीड़ ने लात-घूंसों से पीटा।

​पुलिस का 'ऑन द स्पॉट' इंसाफ: चेहरे पर लिपस्टिक और चप्पलों की माला

​महिला आरक्षक के साथ हुई इस अमानवीय घटना से पुलिस महकमे में भारी आक्रोश था। मुख्य आरोपी चित्रसेन साव की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उसे उसी जनता के बीच ले जाकर बेनकाब किया।

जुलूस और नारे: सिग्नल चौक से न्यायालय तक आरोपी का पैदल जुलूस निकाला गया।

अनोखी सजा: आरोपी के चेहरे पर लिपस्टिक पोत दी गई और उसे चप्पलों की माला पहनाई गई।

कठोर संदेश: पुलिस ने आरोपी से सड़क पर उठक-बैठक करवाई और उससे नारे लगवाए— "पुलिस हमारी बाप है, वर्दी फाड़ना पाप है।"

​अब तक 6 गिरफ्तार, एक अब भी फरार

​पुलिस ने इस मामले में अब तक मुख्य आरोपी चित्रसेन साव समेत 6 लोगों को सलाखों के पीछे भेज दिया है। गिरफ्तार आरोपियों में शामिल हैं:

  • ​चित्रसेन साव (मुख्य आरोपी)

  • ​मंगल राठिया

  • ​चिनेश खमारी

  • ​प्रेमसिंह राठिया

  • ​कीर्ति श्रीवास

  • ​वनमाली राठिया

​एक अन्य आरोपी अभी भी फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है।

​हिंसा का तांडव: फूंकी गाड़ियां, प्लांट में लगाई आग

​प्रशासन के अनुसार, उग्र भीड़ ने केवल पुलिसकर्मियों को ही निशाना नहीं बनाया, बल्कि सरकारी संपत्ति को भी भारी नुकसान पहुंचाया। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की बस, जीप और एम्बुलेंस को आग के हवाले कर दिया। इसके बाद भीड़ जिंदल के कोल हैंडलिंग प्लांट में घुस गई और वहां कन्वेयर बेल्ट, ट्रैक्टरों और दफ्तर में जमकर तोड़फोड़ और आगजनी की।

​ रायगढ़ की यह घटना बताती है कि किस तरह एक लोकतांत्रिक विरोध प्रदर्शन, हिंसा और अराजकता की भेंट चढ़ गया। पुलिस की इस 'सख्त' कार्रवाई ने यह संदेश देने की कोशिश की है कि कानून के रक्षकों के साथ बदसलूकी करने वालों का अंजाम बेहद बुरा होगा।

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