चांपा कोर्ट में जमानत के बदले डिजिटल रिश्वत: महिला अधिवक्ता की शिकायत पर आरक्षक निलंबित
- moolchand sinha

- Jan 7
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चांपा/जांजगीर-चांपा। न्याय के मंदिर में तैनात 'खाकी' जब मर्यादा भूलकर वसूली पर उतर आए, तो अंजाम कितना गंभीर हो सकता है, इसकी बानगी जांजगीर-चांपा में देखने को मिली है। चांपा न्यायालय में पदस्थ आरक्षक रंजीत कुमार अनंत को एक महिला अधिवक्ता से दुर्व्यवहार करने और डिजिटल ट्रांजेक्शन के माध्यम से अवैध राशि वसूलने के आरोप में जिला पुलिस अधीक्षक ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
प्रक्रिया के नाम पर प्रलोभन और दबाव
पूरा घटनाक्रम 2 जनवरी का है, जब थाना बिर्रा के एक मामले में जमानत की पैरवी हेतु महिला अधिवक्ता न्यायालय पहुंची थीं। आरोप है कि आरक्षक रंजीत कुमार अनंत ने जमानत प्रक्रिया में सहायता का प्रलोभन देकर पहले विश्वास हासिल किया और फिर न्यायालय परिसर के बाहर निकलते ही अपनी 'सेवाओं' के बदले अनुचित आर्थिक लाभ की मांग शुरू कर दी।
'नया साल' और 'खर्चा-पानी': दुर्व्यवहार की पराकाष्ठा
प्राप्त विवरण के अनुसार, आरक्षक ने 'नया साल के खर्चे' के नाम पर अधिवक्ता से ₹3000 की मांग की। जब अधिवक्ता ने इस अनैतिक मांग का विरोध किया, तो आरक्षक ने शालीनता की सीमा लांघते हुए उनके साथ अभद्र व्यवहार किया। समय की प्रतिकूलता और आरक्षक के दबाव को देखते हुए, अधिवक्ता ने अंततः ₹1000 की राशि आरक्षक द्वारा उपलब्ध कराए गए मोबाइल नंबर पर 'फोन-पे' (UPI) के माध्यम से स्थानांतरित कर दी।
डिजिटल फुटप्रिंट ने खोली भ्रष्टाचार की पोल
डिजिटल इंडिया के इस दौर में आरक्षक यह भूल गया कि ऑनलाइन ट्रांजेक्शन का हर कदम एक अमिट साक्ष्य छोड़ता है। अधिवक्ता ने इसी ट्रांजेक्शन और आरक्षक के व्यवहार की साक्ष्यों सहित लिखित शिकायत पुलिस अधीक्षक से की। मामले की प्राथमिक जांच में प्रथम दृष्टया आरक्षक को दोषी पाया गया, जिसके बाद एसपी ने अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए निलंबन का आदेश जारी किया।
एसपी की दो टूक: छवि खराब करने वाले बख्शे नहीं जाएंगे
पुलिस अधीक्षक ने इस कार्रवाई के माध्यम से विभाग के भीतर और बाहर कड़ा संदेश दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आम जनमानस या न्याय प्रक्रिया से जुड़े व्यक्तियों के साथ दुर्व्यवहार और भ्रष्टाचार किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
यह मामला किसी न्यायालय या न्यायिक प्रक्रिया पर प्रश्न नहीं, बल्कि एक व्यक्ति-विशेष के कथित आचरण से जुड़ा है। त्वरित निलंबन यह बताने के लिए काफी है कि व्यवस्था में जवाबदेही और सुधार की प्रक्रिया सक्रिय है।








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