छत्तीसगढ़ ट्रिपल मर्डर केस: कार में जिंदा जलाए गए थे बीजेपी नेता, मास्टरमाइंड मनोज त्रिपाठी ने 4 साथियों के साथ किया सरेंडर
- moolchand sinha

- Jun 20
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Updated: Jun 21

कोरिया / मनेंद्रगढ़।
छत्तीसगढ़ के कोरिया और एमसीबी जिले की सरहद पर हुए सनसनीखेज छत्तीसगढ़ ट्रिपल मर्डर केस में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। बीजेपी नेता भरत सिंह उर्फ लल्ला सिंह सहित तीन लोगों को गाड़ी में जिंदा जलाने के इस खौफनाक कोरिया ट्रिपल मर्डर मामले के मुख्य आरोपी मनोज त्रिपाठी सहित 4 आरोपियों ने शनिवार को मनेंद्रगढ़ थाने में सरेंडर कर दिया है।
पुलिस की लगातार दबिश और चौतरफा बढ़ते दबाव के आगे आखिरकार रसूखदार आरोपियों को घुटने टेकने पड़े। पुलिस ने नौवें नामजद आरोपी गौरव त्रिपाठी को भी खड़गवां क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया है, जिसके साथ ही इस हत्याकांड से जुड़े सभी 9 नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी पूरी हो चुकी है।
छत्तीसगढ़ ट्रिपल मर्डर केस: क्यों और कैसे दहला कोरिया?
यह रूह कंपा देने वाली वारदात 16 जून की देर रात नौगईं गांव में अंजाम दी गई थी। आरोपियों ने बाकायदा रेकी कर पूर्व जनपद पंचायत अध्यक्ष भरत सिंह उर्फ लल्ला सिंह की फॉर्च्यूनर कार को घेरा। कार के आगे-पीछे भारी-भरकम हाईवा वाहन अड़ाकर रास्ता पूरी तरह ब्लॉक कर दिया गया।
इससे पहले कि कार सवार कुछ समझ पाते, हमलावरों ने पूरी गाड़ी पर पेट्रोल छिड़कर उसे आग के हवाले कर दिया। इस जघन्य हमले में दबंग बीजेपी नेता लल्ला सिंह और उनके दो साथी जिंदा जल गए। इस छत्तीसगढ़ ट्रिपल मर्डर केस ने पूरे सूबे की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
वर्चस्व, रेत और 'हूटर' का टशन: छत्तीसगढ़ ट्रिपल मर्डर केस की इनसाइड स्टोरी
स्थानीय सूत्रों और पुलिस जांच के मुताबिक, इस कोरिया ट्रिपल मर्डर की पटकथा अवैध रेत खनन और राजनीतिक रसूख की जंग से लिखी गई थी:
अवैध वसूली का साम्राज्य: चिरमी रेत घाट का ठेका करीब 8 महीने पहले सिंह परिवार के मयंक सिंह को मिला था। आरोप है कि इसके बाद सोनहत और आसपास के क्षेत्रों से निकलने वाले रेत वाहनों से प्रति हाईवा ₹1,000 की वसूली शुरू हो गई, जो त्रिपाठी परिवार (जिसके पास खुद कई टीपर वाहन थे) को खटक रही थी।
विधायकों का रसूख: मृतक लल्ला सिंह बैकुंठपुर विधायक भैयालाल राजवाड़े के बेहद करीबी थे, जबकि आरोपी मनोज त्रिपाठी भरतपुर-सोनहत विधायक रेणुका सिंह का खास माना जाता था। लल्ला सिंह की गाड़ी से हूटर हटाए जाने की पुलिसिया कार्रवाई के बाद दोनों गुटों में अहंकार की लड़ाई और बढ़ गई।
तात्कालिक मारपीट: मंगलवार को नौगईं के शिवघाट के पास सिंह परिवार ने त्रिपाठी गुट के निशांत त्रिपाठी की पिटाई कर दी थी, जिसकी एफआईआर सोनहत थाने में दर्ज हुई। लेकिन कानूनी कार्रवाई से पहले ही रात को इस खौफनाक हत्याकांड को अंजाम दे दिया गया।
पुलिस का चौतरफा दबाव और करणी सेना का अल्टीमेटम
मनेंद्रगढ़ एसपी रत्ना सिंह ने बताया कि वारदात के बाद से ही पुलिस की कई टीमें आरोपियों की तलाश में छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में छापेमारी कर रही थीं। दूसरी तरफ, घटना के विरोध में करणी सेना ने उग्र प्रदर्शन का ऐलान किया था। पुलिस की कड़े घेराबंदी के चलते मुख्य आरोपी मनोज त्रिपाठी, निशांत त्रिपाठी, अमन और आशुतोष त्रिपाठी को मनेंद्रगढ़ थाने आकर आत्मसमर्पण करना पड़ा।
अब आगे की कड़ाई से विवेचना कोरिया जिला पुलिस द्वारा की जाएगी। पुलिस सभी 9 आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ की तैयारी में है।
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