छत्तीसगढ़: मॉब लिंचिंग का लाइव प्रयास, वैध कागज़ दिखाने पर भी नहीं बख्शा; भीड़ ने 3 युवकों को पीटा, एसपी ने दिए गिरफ्तारी के निर्देश
- moolchand sinha

- Dec 12, 2025
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गुरूर, छत्तीसगढ़।
गुरूर थाना क्षेत्र के ग्राम भरदा में कानून को हाथ में लेने का एक बेहद शर्मनाक और सनसनीखेज मामला सामने आया है। बीती रात मवेशी तस्करी के महज झूठे शक पर अज्ञात लोगों की एक भीड़ ने तीन युवकों को लाठी-डंडों, बेल्ट और यहां तक कि चूड़े तक से बेदम पीटा, जिससे तीनों बुरी तरह घायल हो गए। हैरान करने वाली बात यह है कि युवकों के पास मवेशियों के परिवहन के लिए वैध खरीद दस्तावेज मौजूद थे, बावजूद इसके भीड़ ने उनकी एक न सुनी और उन पर जानलेवा हमला किया।
तीनों घायल युवकों को गुरूर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। पुलिस ने पीड़ितों की शिकायत पर अज्ञात हमलावरों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और छानबीन शुरू कर दी है।
वैध खरीद के बावजूद, 'छोटा हाथी' रोककर शुरू हुई बर्बरता
पीड़ित सतीश साहू (31), जो कि ग्राम रांवा अर्जुनी, धमतरी के निवासी हैं और पेशे से किसान हैं, ने पुलिस को बताया कि 06 दिसंबर 2025 की रात लगभग 10 बजे वह अपने गांव के वेदप्रकाश साहू और बलराम साहू के साथ निकले थे। उन्होंने ग्राम सौराबांधा के रजउराम से छह बछवा खरीदे थे।
सतीश ने स्पष्ट किया कि उनके पास खरीददारी के सभी वैध दस्तावेज थे और वे इन मवेशियों को अपने 'छोटा हाथी' पिकअप वाहन (क्रमांक CG04 QD2713) में भरकर करहीभदर मवेशी बाजार ले जा रहे थे।
देर रात गाड़ी रोकी और हमलावरों ने खुद संभाला कानून
रात करीब सवा 11 बजे जब तीनों युवक ग्राम भरदा के पास पैंवरों जाने वाले मार्ग मोड़ पर पहुंचे, तो अज्ञात लोगों ने उनकी गाड़ी को रोका। बिना किसी जांच-पड़ताल के, भीड़ ने तुरंत गाड़ी की चाबी निकाल ली और तीनों को वाहन से उतारकर गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी।

इसके बाद भीड़ ने हाथ-मुक्कों, बेल्ट, डंडों और हाथों में पहने चुड़े से तीनों युवकों पर बर्बरतापूर्ण हमला किया। इस अमानवीय पिटाई से तीनों युवक बुरी तरह लहूलुहान हो गए।
तीनों को गंभीर चोटें: पीड़ितों ने मांगी सुरक्षा
मारपीट के कारण सतीश साहू के पीठ, दोनों भुजाओं, सिर के दांये तरफ कान के ऊपर और घुटने में गंभीर चोटें आई हैं। वेदप्रकाश साहू के माथे, पीठ और घुटने पर चोटें आई हैं, जबकि बलराम साहू के पीठ, दोनों घुटनों और दोनों भुजाओं पर गहरी चोट लगी है। पीड़ितों ने स्थानीय प्रशासन से सुरक्षा और न्याय की गुहार लगाई है।
पुलिस अधीक्षक सख्त: अज्ञात हमलावरों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम गठित
पीड़ित सतीश साहू की शिकायत के आधार पर गुरूर पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं (मारपीट, जान से मारने की धमकी और गैरकानूनी रूप से इकट्ठा होने) के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
पुलिस अधीक्षक (SP) ने मामले की गंभीरता को देखते हुए, आरोपियों की पहचान और तत्काल गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम गठित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी को भी कानून हाथ में लेने की इजाजत नहीं दी जाएगी और सभी आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जिम्मेदार कौन?
यह घटना एक बार फिर दर्शाती है कि कानून को अपने हाथ में लेना और सिर्फ शक के आधार पर किसी को भी प्रताड़ित करना न केवल अवैध है, बल्कि एक गंभीर अपराध है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी तरह के संदेह पर तुरंत क़ानूनी संस्थाओं को सूचित करें और 'मॉब लिंचिंग' जैसी गैर-क़ानूनी गतिविधियों से बचें।








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