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कुरुद में डामर प्लांट प्रदूषण: 700 बच्चों के फेफड़ों से खिलवाड़, प्रशासन का 'शर्मनाक' समझौता



डामर प्लांट प्रदूषण कुरुद के विरोध में स्कूल pl से चर्चा करतीं तारिणी नीलम चंद्राकर
डामर प्लांट प्रदूषण कुरुद के विरोध में स्कूल pl से चर्चा करतीं तारिणी नीलम चंद्राकर

कुरुद (धमतरी)

कुरुद के विकास की फाइल पर अब बच्चों के फेफड़ों की राख जमने लगी है, क्योंकि डामर प्लांट प्रदूषण कुरुद के मासूमों के लिए जानलेवा साबित हो रहा है। विकास के नाम पर विनाश का जो डामर बिछाया जा रहा है, उसके नीचे नियमों को जिंदा दफन कर दिया गया है। इस गंभीर मुद्दे पर अब जिला कांग्रेस अध्यक्ष तारिणी नीलम चंद्राकर ने मोर्चा संभाल लिया है, उनके तीखे सवालों से प्रशासनिक तंत्र को हिला कर रख दिया है

प्रशासन का 'झुनझुना' समाधान: क्या डामर प्लांट प्रदूषण कुरुद में दोपहर बाद खत्म हो जाएगा??

प्रशासन ने समाधान के नाम पर जो तर्क दिया है, वह किसी मजाक से कम नहीं है। स्कूल प्रबंधन अधिकारियों का कहना है कि स्कूल लगने के दौरान प्लांट बंद रहेगा और दोपहर बाद चलेगा। यहाँ कुछ बुनियादी सवाल खड़े होते हैं:

क्या दोपहर के बाद हवा का रुख बदल जाता है?

क्या शाम को घर लौटने वाले बच्चों और ग्रामीणों को स्वच्छ हवा का अधिकार नहीं है?

क्या यह 'अस्थाई सेटिंग' प्लांट संचालक को बचाने की कोशिश है?

जिला कांग्रेस अध्यक्ष का तीखा प्रहार: 'क्या शासन के संरक्षण में फल-फूल रहा यह जहर?'

मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष तारिणी नीलम चंद्राकर ने स्कूल पहुँचकर बच्चों की सेहत का जायजा लिया। स्कूल प्रबंधन और पालकों की व्यथा सुनने के बाद वे अधिकारियों पर जमकर बरसीं। उन्होंने सीधे तौर पर प्रशासन को आड़े हाथों लेते हुए पूछा कि "क्या शासन-प्रशासन के संरक्षण में यह जहरीला कारोबार फल-फूल रहा है?" उन्होंने डामर प्लांट में उपयोग किए जा रहे निम्न स्तर के मटेरियल पर भी सवाल उठाए और संबंधित अधिकारियों से तत्काल जवाब-तलब किया है।

स्कूल प्रबंधन की बेबसी: सफेद वर्दी पर जम रही है कालिख

स्कूल प्रबंधन के अनुसार, पिछले कुछ दिनों में प्रदूषण का स्तर इतना बढ़ गया है कि बच्चों के कपड़े तक काले पड़ रहे हैं।

विजुअल रिपोर्ट:

जब बाहरी कपड़ों का यह हाल है, तो उन मासूमों के कोमल फेफड़ों के अंदर क्या मंजर होगा? क्लासरूम में फैली तीखी गंध ने पढ़ाई को असंभव बना दिया है।

जिम्मेदार पक्षों का बयान: जांच और बचाव का खेल

एसडीएम कुरुद का पक्ष - "होगी दंडात्मक कार्यवाही"

एसडीएम नभ सिंह कोसले ने कहा कि मामले की सूक्ष्म जांच की जा रही है। यदि मानकों का उल्लंघन पाया गया, तो कड़ी कार्यवाही की जाएगी। मामला संबंधित विभाग को भी भेजा गया है।

प्लांट मालिक का स्पष्टीकरण - "संचालन अब किराएदार के पास"

"मेरा यह डामर प्लांट पिछले 10 वर्षों से निरंतर संचालित है और इस लंबी अवधि में आज तक प्रदूषण या किसी अन्य प्रकार की कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई थी। विगत 15 दिनों से मैंने इस प्लांट को आशुतोष माथुर को किराए पर संचालित करने हेतु दिया है। उन्हें वर्तमान संचालन के मानकों की जानकारी नहीं है।

कुरुद का यह मुद्दा अब केवल स्थानीय शिकायत नहीं, बल्कि एक बड़ा आंदोलन बन चुका है। 'Breaking Now' इस खबर पर लगातार बना रहेगा जब तक कि बच्चों को इंसाफ नहीं मिल जाता।

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