ताना बना जानलेवा: "चप्पल चुराते हो" सुनकर भड़के युवक, कुरूद के इस गांव में चली चाकूबाजी
- moolchand sinha

- Dec 29, 2025
- 2 min read

न्यूज डेस्क, कुरूद: क्या कभी किसी ने सोचा है कि पैरों की चप्पल जान लेने पर आमादा कर सकती है? छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के अंतर्गत आने वाले ग्राम नवीन जोराताराई में कुछ ऐसा ही हुआ। जहां हंसी-मजाक और छोटे से ताने ने ऐसी चिंगारी सुलगाई कि देखते ही देखते खून बह गया। नशे में चूर दो दोस्तों ने महज 'चप्पल चोरी' की बात पर एक युवक के सिर को बटंची चाकू से गोद दिया।
वारदात की पूरी इनसाइड स्टोरी
शनिवार की रात, जब पूरा गांव कड़ाके की ठंड से बचने के लिए अलाव (आग) के इर्द-गिर्द सिमटा हुआ था, तभी यह खूनी खेल शुरू हुआ। गांव के मेहुल निषाद और पुमेंद्र दीवान चौक पर आग ताप रहे थे। इसी बीच कमलनारायण कंवर अपने एक साथी के साथ वहां पहुंचा।
विवाद की जड़:
प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो आरोपी नशे की हालत में थे। उन्होंने मेहुल को देखते ही 'चप्पल चोर' कहना शुरू कर दिया। पहले गाली-गलौज हुई और देखते ही देखते यह मजाक गाली-गलौज और फिर खूनी संघर्ष में बदल गया। आरोपियों ने जेब से 'बटंची' (फोल्डिंग चाकू) निकाला और सीधे मेहुल के सिर पर वार कर दिया।
अस्पताल का मंजर और पुलिस की रेड
मेहुल का सिर फट चुका था और खून की धार बहने लगी। परिजन आनन-फानन में उसे लेकर कुरूद के सिविल अस्पताल भागे।
डॉक्टरों की रिपोर्ट: घाव इतना गहरा था कि कई टांके लगाने पड़े।
पुलिस का एक्शन: थाना प्रभारी चंद्रकांत साहू की टीम ने रात में ही घेराबंदी की। आरोपी ने चाकू अपने दोस्त के घर छिपा दिया था, जिसे पुलिस ने बरामद कर लिया है। अब दोनों आरोपी जेल की सलाखों के पीछे हैं।
दूसरी बड़ी खबर: आमने-सामने की भिड़ंत
इसी बीच आमदी क्षेत्र में भी हड़कंप मच गया जब पंजाब नेशनल बैंक के पास दो बाइक सवार आपस में भिड़ गए। इस भीषण सड़क हादसे में नंदकुमार, पवन और संतोष गंभीर रूप से घायल हुए हैं। जिन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
यह सिर्फ चप्पल का विवाद था?
"जब ताना बन गया मौत का बुलावा..."
कुरूद की इस वारदात ने पूरे इलाके को सोच में डाल दिया है। क्या वाकई चप्पल चोरी इतनी बड़ी बात थी कि चाकू चल गया? या फिर नशे की लत ने दो युवकों को अपराधी बना दिया? इस पूरी वारदात के पीछे एक गहरा राज छिपा है कि कैसे एक छोटा सा मजाक बीएनएस (BNS) की संगीन धाराओं तक पहुंच गया। पुलिस की तफ्तीश में जो बातें सामने आई हैं, वो किसी भी सभ्य समाज को डराने के लिए काफी हैं।
संपादकीय: यह घटना हमें सचेत करती है कि नशे और आवेश का मेल हमेशा विनाशकारी होता है।








Comments