धमतरी: दुख की घड़ी में संबल बना प्रशासन; डूबने की घटनाओं में प्रभावित 4 परिवारों को 16 लाख की सहायता

धमतरी |
धमतरी जिले में आपदा प्रभावितों को त्वरित संबल देने के उद्देश्य से धमतरी प्रशासन सहायता के तहत एक अहम फैसला लिया गया है। कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा ने संवेदनशीलता दिखाते हुए चार अलग-अलग मामलों में कुल 16 लाख रुपये की आर्थिक सहायता मंजूर की है।
धमतरी प्रशासन सहायता: आरबीसी 6-4 के तहत मिली त्वरित राहत
यह सहायता केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि समाज के उस संकल्प का हिस्सा है जहाँ संकट के समय शासन अपने नागरिकों के साथ मजबूती से खड़ा होता है। कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि जान की क्षति अपूरणीय है, लेकिन आर्थिक सहयोग से प्रभावित परिवारों को जीवन की नई शुरुआत करने में मदद मिलेगी।
सहायता राशि का विवरण और प्रभावित क्षेत्र
शासन की ओर से निम्नलिखित मामलों में प्रति परिवार 4 लाख रुपये की राशि दी गई है:
ग्राम जबर्रा (नगरी):
नदी पार करते समय दिवंगत हुए मनिहार मरकाम की पत्नी श्रीमती रामकुमारी को सहायता। 🌊
ग्राम चर्रा (कुरूद):
जलभराव वाले गड्ढे में डूबने से मृत नरेन्द्र कुमार पटेल की पत्नी श्रीमती दुर्गा पटेल को सहयोग।
ग्राम मड़ेली (मगरलोड):
नाले में डूबने से असामयिक मृत्यु का शिकार हुए मनीराम कमार की पत्नी श्रीमती हेमीन बाई को संबल।
ग्राम आमाचानी (मगरलोड):
तालाब हादसे में जान गंवाने वाले विष्णु राम निर्मलकर की पत्नी श्रीमती शांताबाई को राहत।
त्वरित जांच और पारदर्शिता से मिली मंजूरी
इन सभी प्रकरणों में प्रशासन ने 'रेड टेपिज्म' (लालफीताशाही) को दरकिनार कर मानवीय आधार पर काम किया। संबंधित नायब तहसीलदारों द्वारा प्रस्तुत जांच रिपोर्ट और अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) के सकारात्मक अभिमत के बाद कलेक्टर ने तत्काल अपनी स्वीकृति प्रदान की।
शासन का संकल्प: कोई अकेला न रहे
कलेक्टर श्री मिश्रा ने साझा किया कि शासन की मंशा के अनुरूप आपदा प्रभावितों को न्यूनतम समय में अधिकतम सहायता पहुंचाना ही लक्ष्य है। यह सामुदायिक नजरिया ही है जो कठिन समय में आम जन का प्रशासन पर विश्वास बनाए रखता है।





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