कुरुद का रण'Kurud Assembly Mission 2028': सांसद फूलों देवी ने अजय चंद्राकर को ललकारा, पर क्या घर की 'कलह' बनेगी कांग्रेस की कमजोरी?
- moolchand sinha

- 2 days ago
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'कुरुद का सियासी समीकरण और Kurud Assembly Mission 2028

कुरुद, छत्तीसगढ़।
छत्तीसगढ़ की सबसे हाई-प्रोफाइल सीटों में शुमार कुरुद विधानसभा में 'मिशन 2028' की बिसात बिछ चुकी है। राज्यसभा सांसद फूलों देवी नेताम का प्रथम आगमन महज एक औपचारिक दौरा नहीं, बल्कि भाजपा के अभेद्य किले में सेंध लगाने की एक सोची-समझी कोशिश थी। लेकिन, इस शक्ति प्रदर्शन ने एक साथ दो कहानियां लिखीं—पहली, अजय चंद्राकर के खिलाफ कांग्रेस का आक्रामक रुख और दूसरी, कुरुद कांग्रेस के भीतर सुलगती गुटबाजी की चिंगारी।
अजय चंद्राकर के 'धनबल' के खिलाफ फूलों देवी नेताम की हुंकार
सांसद का सीधा प्रहार: "अजय चंद्राकर का अहंकार ही उनके पतन का कारण बनेगा"
सांसद फूलों देवी नेताम ने अपने चिर-परिचित अंदाज में पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर को उनके ही गढ़ में घेरा। उन्होंने कार्यकर्ताओं में जोश भरते हुए कहा: "पिछला चुनाव भले ही पूर्व मंत्री व विधायक अजय चंद्राकर के धनबल और बाहुबल की भेंट चढ़ गया हो, लेकिन Kurud Assembly Mission 2028 में अब हमें संगठित होकर लड़ना होगा। उनके इस वर्चस्व को ढहाने के लिए कांग्रेस कार्यकर्ताओं को कंधे से कंधा मिलाकर और व्यक्तिगत मतभेदों को भुलाकर मैदान में उतरना होगा।"
अंतर्कलह का कड़वा सच: स्वागत की चमक में 'अपनों' की बेरुखी
सियासी गलियारों में सबसे ज्यादा चर्चा सांसद के भाषण की नहीं, बल्कि उन नवनियुक्त पदाधिकारियों की अनुपस्थिति की रही, जिन्हें संगठन को मजबूती देनी थी। जब सांसद खुद मैदान में उतरीं, तब पदाधिकारियों का नदारद रहना स्थानीय स्तर पर भारी अंतर्कलह की ओर इशारा करता है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि अजय चंद्राकर जैसे मंझे हुए खिलाड़ी को हराना है, तो कांग्रेस को पहले अपने 'अदृश्य दुश्मनों' यानी गुटबाजी से निपटना होगा।
ये रहे सांसद के 'सारथी': उपस्थिति ने दिखाई ताकत
तमाम विरोधाभासों के बावजूद, कुरुद कांग्रेस के समर्पित योद्धाओं की एक लंबी फौज सांसद के साथ चट्टान की तरह खड़ी दिखी। इन नेताओं की उपस्थिति ने साबित किया कि विपरीत परिस्थितियों में भी पार्टी का एक बड़ा धड़ा एकजुट है:
संगठन के धुरंधर: सोहेंद्र सिंह (जिला उपाध्यक्ष), जानसिंह (जिला उपाध्यक्ष), रमेसर साहू (जिला महामंत्री), मनोज अग्रवाल, राजू साहू, कामराय साहू, रेखा साहू (जिला सचिव)।
ब्लॉक नेतृत्व: माहिम शुक्ला (कुरुद), होमेंद्र साहू (भखारा), विनीत बाफना (मगरलोड), आशीष शर्मा (पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष)।
जनप्रतिनिधियों की फौज: मनीष साहू, उत्तम साहू, अविनाश गौर, मिक्की गुप्ता, भानुप्रताप गायकवाड़ (पार्षद)। साथ ही चंद्रप्रकाश देवांगन, टुकेश साहू ने अपनी सक्रियता से कार्यक्रम में जान फूंकी।
कांटों भरा है 'मिशन 2028' का सफर
कुरुद की बिसात पर मोहरे सज चुके हैं। एक तरफ अजय चंद्राकर का अनुभव और सांगठनिक पकड़ है, तो दूसरी तरफ सांसद फूलों देवी नेताम का आक्रामक नेतृत्व। कांग्रेस के लिए चुनौती बाहर से ज्यादा भीतर है। यदि नवनियुक्त पदाधिकारी और पुराने कार्यकर्ता एक जाजम पर नहीं आए, तो अजय चंद्राकर को मात देना तो दूर, अपनी राजनीतिक जमीन बचाना भी मुश्किल होगा।




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