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धमतरी का स्वर्ण अध्याय: दो दिन, दो बेटियाँ, दो राष्ट्रीय सम्मान — देशना को लेखक सम्मान, स्तुति को गोल्ड मेडल; प्रतिभा और संस्कार की अनोखी मिसालओ इनके

Updated: Nov 12, 2025




धमतरी।

कभी-कभी इतिहास किताबों में नहीं, परिवारों में लिखा जाता है—और धमतरी के जैन परिवार ने यही कर दिखाया। प्रदेश की इस प्रतिभाशाली परिवार की दो बेटियों ने लगातार दो दिनों में दो राष्ट्रीय उपलब्धियाँ हासिल कर न केवल अपने परिवार, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ को गौरवान्वित कर दिया।


7 और 8 नवंबर—ये दो तिथियाँ अब धमतरी के सामाजिक-सांस्कृतिक इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज हो गई हैं। जहां एक ओर नन्ही लेखिका देशना जैन ने साहित्यिक दुनिया में अपनी पहचान बनाई, वहीं दूसरी ओर बड़ी बहन स्तुति कविन्द्र जैन ने शिक्षा के सर्वोच्च मंच पर सोना जीतकर राज्य की प्रतिष्ठा को नई ऊँचाई दी।


इन प्रतिभाशाली बेटियों के पिता हैं धमतरी के सम्मानित सामाजिक व्यक्तित्व श्री कवींद्र जैन, जिनके संस्कार, मार्गदर्शन और प्रेरणा ने इस परिवार को ज्ञान, कला और अनुशासन की उच्चतम धारा से जोड़े रखा है।

7 नवंबर: देशना जैन को राष्ट्रीय लेखक सम्मान — पुस्तक का भव्य विमोचन


राजधानी भोपाल स्थित इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय में आयोजित एक गरिमामय राष्ट्रीय कार्यक्रम में धमतरी की प्रतिभाशाली युवा लेखिका देशना जैन को विशेष सम्मान से नवाज़ा गया। इसी मंच पर उनकी पुस्तक “Mapping Museums Vol. 1” का औपचारिक विमोचन किया गया।


कार्यक्रम में देश के प्रमुख म्यूजियम विद्वानों की उपस्थिति ने इस सम्मान को ऐतिहासिक बना दिया।


इस अवसर पर मंच पर उपस्थित थे —

प्रो. आनंद बर्धन — प्रख्यात इतिहासकार,

अम्बेडकर यूनिवर्सिटी दिल्ली के प्रोफेसर,

तथा म्यूज़ियम एसोसिएशन ऑफ इंडिया के चेयरमैन

श्री राजेश प्रसाद —

म्यूज़ियम एसोसिएशन ऑफ इंडिया के सेक्रेटरी


विशेष उल्लेखनीय यह भी है कि देशना जैन भारतीय विरासत संस्थान (Indian Heritage Institute) से मास्टर्स कर चुकी हैं और एक उभरती हुई आर्ट हिस्टोरियन के रूप में राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना चुकी हैं। इतनी कम उम्र में यह उपलब्धि असाधारण और प्रेरणादायी है।




8 नवंबर: स्तुति कविन्द्र जैन को स्वर्ण पदक


MSU बड़ौदा के मंच पर चमका छत्तीसगढ़**


अगले ही दिन, 8 नवंबर को, परिवार की बड़ी बेटी स्तुति कविन्द्र जैन ने गुजरात के प्रतिष्ठित महाराजा सयाजीराव यूनिवर्सिटी (MSU) ऑफ बड़ौदा में मनोविज्ञान में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर स्वर्ण पदक (Gold Medal) हासिल किया।


दीक्षांत समारोह में मंच पर उपस्थित उच्च गणमान्यों की उपस्थिति में यह सम्मान मिला, जिसने छत्तीसगढ़ का गौरव और उज्ज्वल किया। यह सम्मान स्तुति के अनुशासन, लगन और शैक्षणिक उत्कृष्टता का उज्ज्वल प्रमाण है।




“दो दिन, दो उपलब्धियाँ” — परिवार का भावपूर्ण क्षण


जैन परिवार ने कहा — “दो दिनों में दो बेटियों की दो महान उपलब्धियाँ… मन प्रसन्न, हृदय गौरवान्वित। यह क्षण हमारे लिए ईश्वर का आशीर्वाद है।”

प्रदेश के लिए प्रेरणा, भविष्य की दिशा

देशना और स्तुति की यह सफलता संदेश देती है

“संस्कार और समर्पण मिल जाएँ, तो सपनों को सोना बनने में देर नहीं लगती।”


छत्तीसगढ़ की ये दोनों बेटियाँ अब केवल परिवार का नाम नहीं, बल्कि प्रदेश की शैक्षणिक, सांस्कृतिक और बौद्धिक पहचान बनकर उभरी हैं।

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