top of page

इतिहास: 60 साल का सूखा खत्म! रायपुर में गूंजी 'कुरुद' की ललकार; प्रीति और गोविंद बने संभाग के 'सुपरस्टार', दिग्गजों को पछाड़ रचा कीर्तिमान



[रायपुर/कुरुद |

​छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के प्रोफेसर जयनारायण पांडे विद्यालय में आयोजित 'युवा संसद' के महामुकाबले में वह हुआ, जो पिछले 6 दशकों में नहीं हो सका था। पीएम श्री स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय (सेजेस), कुरुद के होनहार विद्यार्थियों ने 1966 के बाद पहली बार धमतरी जिले को संभाग में प्रथम स्थान दिलाकर एक नया कीर्तिमान स्थापित कर दिया है।

​रायपुर और गरियाबंद जैसी दिग्गज टीमों को करारी शिकस्त देते हुए कुरुद के नन्हे सांसदों ने साबित कर दिया कि प्रतिभा सुविधाओं की नहीं, बल्कि जुनून और सही मार्गदर्शन की मोहताज होती है।

सदन के दो 'सुपरस्टार': प्रीति और गोविंद का चला जादू

​इस जीत में टीम के साथ-साथ व्यक्तिगत प्रदर्शन ने जजों (Jury) को खड़े होकर तालियां बजाने पर मजबूर कर दिया:

बेस्ट सभापति (प्रीति प्रजापति): सदन की कार्यवाही को जिस गंभीरता, अनुशासन और नियमावली के साथ प्रीति प्रजापति ने संचालित किया, वह अद्भुत था। उन्हें सर्वसम्मति से 'सर्वश्रेष्ठ सभापति' के खिताब से नवाजा गया।

बेस्ट नेता प्रतिपक्ष (गोविंद नित्यानंद झा): सरकार की नीतियों की बखिया उधेड़ने वाले और तर्कों के तीर छोड़ने वाले गोविंद नित्यानंद झा को 'सर्वश्रेष्ठ नेता प्रतिपक्ष' चुना गया। उनकी वाकपटुता ने सत्ता पक्ष को निरुत्तर कर दिया।

सदन का संग्राम: जब UAPA बिल पर हुई आर-पार की बहस

​सदन का माहौल तब गरमाया जब यूएपीए (UAPA) एक्ट 1967 और महंगाई जैसे ज्वलंत मुद्दों पर बहस शुरू हुई:

सत्ता पक्ष का अभेद्य किला: कानून मंत्री कोनिका साहू ने विधेयक को देश की सुरक्षा के लिए 'ब्रह्मास्त्र' बताया। वहीं, गृहमंत्री गौरव साहू, स्वास्थ्य मंत्री प्राची साहू और शिक्षा मंत्री स्वभाव अग्रवाल ने आंकड़ों के साथ सरकार का जोरदार बचाव किया।

विपक्ष का तीखा प्रहार: विपक्ष के हमले की कमान गोविंद के हाथ में थी। उनके साथी भूमिका, शिवांस गुरू, प्राची चंद्राकर और रेशमी साहू ने मिलावट, महिला सुरक्षा और शिक्षा व्यवस्था पर सरकार को कटघरे में खड़ा किया।

सम्मान: जब सांसद बृजमोहन ने थपथपाई पीठ

समापन समारोह में मुख्य अतिथि, वरिष्ठ सांसद बृजमोहन अग्रवाल और रायपुर कलेक्टर महादेव कावरे ने जब विजेता ट्रॉफी और व्यक्तिगत पदक कुरुद की टीम को सौंपे, तो यह क्षण धमतरी के लिए गौरवपूर्ण बन गया। अतिथियों ने विशेष रूप से बच्चों की 'तार्किक क्षमता' और 'ड्राफ्टिंग स्किल' की सराहना की।

विजय का परचम

सेजेस कुरुद की यह जीत बताती है कि प्रतिभा अब महानगरों तक सीमित नहीं है। कुरुद के इन 'युवा सांसदों' ने नूतन भारत के सपनों को सच कर दिखाया है। जीत के इस जज्बे को ये पंक्तियाँ बयां करती हैं:

"रामप्रकाश के मार्गदर्शन में, संकल्पों ने उड़ान भरी,

मेनका साहू की कर्मठता ने, गौरव की नई पटकथा गढ़ी।

कौशल पूरी गोस्वामी का, कौशल जग में छाया है,

जागृति ने अपनी प्रज्ञा से, जीत का अलख जगाया है।

बधाई हो प्रीति-गोविंद की टोली को, जिसने मान बढ़ाया है,

सेजेस कुरुद का नाम आज, शिखर पर चमकाया है!"

इन शिक्षकों ने बच्चों को सिखाया कि संसद केवल राजनीति का अखाड़ा नहीं, बल्कि देश गढ़ने का मंच है।

Comments


bottom of page