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धमतरी पुलिस का धमाकेदार एक्शन: '200 करोड़' के लालच में फँसा फर्जी IT रेड गैंग, 12 शातिर जालसाज़ गिरफ्तार! ​एसपी सूरज सिंह परिहार के 'ऑपरेशन पर्दाफाश' से नागपुर-रायपुर तक मचा हड़कंप!


धमतरी।

रात के अंधेरे में धमतरी की शांत सड़कों पर एक अंतर्राज्यीय गिरोह ने एक खौफनाक साजिश रची। वे आए, खुद को देश की सबसे ताकतवर एजेंसी 'इनकम टैक्स' का अधिकारी बताया, और एक प्रतिष्ठित डॉक्टर के घर में घुसकर दहशत का खेल शुरू कर दिया। उनके दिमाग में था सिर्फ ₹200 करोड़ की काल्पनिक दौलत, और उनकी आँखों में था पेशेवर अपराधी का लालच। लेकिन उन्हें नहीं पता था कि छत्तीसगढ़ पुलिस की तीसरी आँख—साइबर सेल—उन पर नज़र रखे हुए है। जैसे ही यह हाई-प्रोफाइल मामला धमतरी पुलिस अधीक्षक (SP) श्री सूरज सिंह परिहार के संज्ञान में आया, उन्होंने "संगठित अपराधों पर ज़ीरो टॉलरेंस" की नीति के तहत तत्काल एक गुप्त, बहु-राज्यीय ऑपरेशन का आदेश दिया। और आज, एसपी धमतरी ने 'ऑपरेशन पर्दाफाश' की शानदार सफलता का ऐलान करते हुए, 12 शातिर जालसाज़ों के अंतर्राज्यीय नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया है। यह सिर्फ एक गिरफ्तारी नहीं, बल्कि संगठित अपराध के मंसूबों पर धमतरी पुलिस का एक करारा प्रहार है!

​फर्जी इनकम टैक्स अधिकारी गिरोह का पर्दाफाश, 12 आरोपी गिरफ्तार

एसपी धमतरी के सख्त निर्देश पर बड़ी कार्यवाही, नागपुर, रायपुर और दुर्ग तक चली धरपकड़

​धमतरी पुलिस ने थाना सिटी कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत फर्जी इनकम टैक्स अधिकारी बनकर डॉ. दिलीप राठौर के घर में घुसकर तलाशी लेने वाले एक अंतर्राज्यीय संगठित गिरोह का सफलतापूर्वक पर्दाफाश किया है। इस मामले में कुल 12 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।

मामले का संक्षिप्त विवरण:

दिनांक 12.12.2025 को प्रार्थी दिलीप राठौर (उम्र 67 वर्ष, निवासी रत्नाबांधा) ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि दिनांक 17.11.2025 को लगभग 11:30 बजे 6-7 व्यक्ति बिना किसी पहचान पत्र या वैध वारंट के उनके घर में जबरन घुस आए। उन्होंने खुद को इनकम टैक्स अधिकारी बताया और लगभग ढाई घंटे तक घर के सभी कमरों, लॉकरों और दराजों की तलाशी ली। तलाशी में कुछ भी न मिलने पर आरोपी दो कारों में सवार होकर फरार हो गए।

पुलिस की त्वरित कार्रवाई:

मामले की गंभीरता को देखते हुए, एसपी श्री सूरज सिंह परिहार के निर्देशन में विशेष पुलिस टीमों का गठन किया गया। इन टीमों ने सायबर तकनीकी विश्लेषण का उपयोग करते हुए आरोपियों का पीछा नागपुर (महाराष्ट्र), दुर्ग, रायपुर, बालोद और दल्लीराजहरा (छत्तीसगढ़) तक किया। निरंतर प्रयास और सटीक तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर सभी 12 आरोपियों को हिरासत में लिया गया।

षडयंत्र का खुलासा:

गहन पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्हें प्रार्थी के घर में ₹200 करोड़ रुपये रखे होने की फर्जी सूचना मिली थी। इसी सूचना के आधार पर उन्होंने एक सुनियोजित षडयंत्र रचा और फर्जी इनकम टैक्स टीम बनाकर घटना को अंजाम दिया। प्रार्थी द्वारा सभी आरोपियों की विधिवत पहचान की गई।

जप्त की गई सामग्री:

आरोपियों के मेमोरेण्डम कथन के आधार पर घटना में प्रयुक्त चार पहिया वाहन (टाटा सफारी, स्विफ्ट डिजायर एवं स्विफ्ट कार), आपसी संपर्क में प्रयुक्त मोबाइल फोन, तथा नकदी रखने हेतु लाई गई एक जूट बोरी को विधिवत जप्त किया गया है।

आपराधिक इतिहास:

गिरफ्तार आरोपियों में से कुछ का पूर्व में भी गंभीर आपराधिक रिकॉर्ड रहा है:

  • आरोपी अमन उत्तम मेश्राम: इसके विरुद्ध नागपुर में आर्म्स एक्ट सहित हत्या (धारा 302) का प्रकरण पंजीबद्ध है।

  • आरोपी दीपक मोहन वर्डे: इसके विरुद्ध नागपुर में धारा 305 (बीएनएस) के तहत पूर्व में अपराध पंजीबद्ध है।

धमतरी पुलिस की अपील:

धमतरी पुलिस आमजन से अपील करती है कि किसी भी सरकारी विभाग के अधिकारी द्वारा की जाने वाली कार्यवाही के दौरान पहचान पत्र एवं वैध आदेश वारंट की अनिवार्य रूप से पुष्टि करें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें, ताकि संगठित अपराधों को रोका जा सके।

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