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धमतरी में 'इंडस्ट्रियल रिवोल्यूशन': ₹115 करोड़ के 'चंद्राकर मॉडल' से कुरुद-मगरलोड को मिले विकास के पंख; अजय चंद्राकर ने विरोधियों को राजनैतिक पिच पर घेरा


"धमतरी के इतिहास में अजय चंद्राकर कुरुद औद्योगिक क्रांति का शंखनाद करते हुए आज 115 करोड़ के विकास कार्यों की नींव रखी गई..."
"धमतरी के इतिहास में अजय चंद्राकर कुरुद औद्योगिक क्रांति का शंखनाद करते हुए आज 115 करोड़ के विकास कार्यों की नींव रखी गई..."

कुरुद | 02 फरवरी, 2026

छत्तीसगढ़ के औद्योगिक मानचित्र पर आज कुरुद और मगरलोड का नाम सुनहरे अक्षरों में दर्ज हो गया है। डांडेसरा की धरती से विधायक अजय चंद्राकर ने ₹115.26 करोड़ की लागत वाले औद्योगिक क्षेत्रों का शिलान्यास कर एक ऐसे भविष्य की नींव रखी है, जो आने वाली पीढ़ियों की तकदीर बदल देगा। यह केवल फैक्ट्रियों का निर्माण नहीं, बल्कि 'आत्मनिर्भर कुरुद' के उस संकल्प की सिद्धि है, जिसे चंद्राकर पिछले कई वर्षों से सींच रहे हैं।

अजय चंद्राकर का 'ज्वालामुखी' प्रहार: "विकास के लिए विचारधारा और पीड़ा जरूरी"

समारोह में अजय चंद्राकर का संबोधन किसी 'पॉलिसी स्टेटमेंट' जैसा था। उन्होंने पिछले 5 वर्षों के राजनीतिक सूखे पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा:

"लोग पूछते हैं इच्छाशक्ति क्या होती है? मैं कहता हूँ—इच्छाशक्ति देखनी है तो इन औद्योगिक क्षेत्रों के पीछे की मेहनत देखिए। पिछले डेढ़ साल से मेरा ध्यान सिर्फ जमीन खोजने, उसे सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज कराने और स्वीकृतियाँ दिलाने पर था। सत्य तो यह है कि जब मेरी विचारधारा (सत्ता) नहीं रहती, तो कुरुद विकास के नक्शे से लुप्त और गायब हो जाता है। पिछले पांच साल में यहाँ विकास की एक ईंट तक नहीं लगी। जागरूक लोग फ्रंट लाइन में बैठे हैं, उन्हें भी उतना ही वोट मिलता है, फिर काम क्यों नहीं होता? यह सोचने का विषय है।"

उन्होंने दो टूक शब्दों में जनता को नसीहत दी कि अब 'छुट्टियां मनाने वाली मानसिकता' छोड़नी होगी। "अगर इस रफ्तार के साथ कदम से कदम नहीं मिलाया, तो आप विकास की इस दौड़ से बाहर हो जाएंगे। सुविधाएं हम दे रहे हैं, आप पसीना बहाने को तैयार रहिए।"

प्रोजेक्ट डेटा: औद्योगिक क्रांति के तीन स्तंभ

इस मेगा प्रोजेक्ट को धरातल पर उतारने के लिए CSIDC ने अत्याधुनिक ब्लूप्रिंट तैयार किया है:

कचना का 'प्लग एंड प्ले' (₹98.65 करोड़): यह प्रदेश का गेम-चेंजर प्रोजेक्ट है। यहाँ उद्यमियों को बना-बनाया ढांचा (रेडी-मेड शेड्स) मिलेगा। बस अपनी मशीनें लाइए और उत्पादन शुरू कीजिए।

भालूझूलन और करेलीबड़ी (₹16.61 करोड़): यहाँ कुल 75 इंडस्ट्रियल प्लॉट विकसित किए जा रहे हैं, जो क्षेत्र में लघु उद्योगों का जाल बिछा देंगे।

शिक्षा से उद्योग का 'कनेक्शन': चंद्राकर जी ने स्पष्ट किया कि अब हार्वेस्टर और मिलों के लिए पंजाब से ड्राइवर बुलाने की जरूरत नहीं होगी। स्थानीय ITI, इंजीनियरिंग और हॉर्टिकल्चर कॉलेजों के छात्र यहीं प्रशिक्षित होंगे और यहीं 'साहब' बनेंगे।

राजीव अग्रवाल (अध्यक्ष, CSIDC) का विजन

समारोह में मौजूद CSIDC अध्यक्ष राजीव अग्रवाल ने बताया कि अकेले भालूझूलन में लगने वाले 39 उद्योग ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए 'पावरहाउस' बनेंगे। यह न केवल प्रत्यक्ष रोजगार देंगे, बल्कि ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक्स के माध्यम से हजारों परिवारों की रसोई में समृद्धि लाएंगे।

🛡️ गरीबों और महिलाओं के लिए 'रिजर्वेशन'

चंद्राकर जी ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि इन उद्योगों को मशीनों का जंगल न बनाएं, बल्कि इसे 'इको-फ्रेंडली' रखें। उन्होंने सामाजिक न्याय सुनिश्चित करते हुए:

आजीविका मिशन (SHG): की महिलाओं के लिए झाड़ू निर्माण, कैंटीन और यूटिलिटी शॉप्स आरक्षित कीं।

अंतिम व्यक्ति का हक: उन्होंने कहा कि सारी विचारधाराएं गरीबों के लिए पैदा हुई हैं, इसलिए इन उद्योगों पर पहला हक स्थानीय गरीबों का होना चाहिए।

👥 समारोह में उमड़ा जनसैलाब

इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी जनपद अध्यक्ष गीतेश्वरी साहू, नगर पालिका अध्यक्ष ज्योति भानुचंद्राकर, अनिल चंद्राकर, भूपेंद्र चंद्राकर, योगेश चंद्राकर, प्रकाश शर्मा, गोपी जोशी, कैलाश साहू, सत्यनारायण और दीपक साहू बने।

प्रशासनिक स्तर पर उद्योग सचिव रजत कुमार, प्रबंध संचालक विश्वेश कुमार, एसडीएम नभ सिंह कोसले, सीईओ अमित सेन और तहसीलदार विरेंद्र बैंस सहित क्षेत्र के गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।

कुरुद का यह विकास मॉडल अब छत्तीसगढ़ के लिए नजीर बनने जा रहा है। अजय चंद्राकर ने स्पष्ट कर दिया है कि उनकी राजनीति का केंद्र केवल सत्ता नहीं, बल्कि क्षेत्रीय स्वाभिमान और औद्योगिक आत्मनिर्भरता है।

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