राजिम कुंभ 2026: क्या प्रशासन ने खींच दी है 'भेदभाव की लक्ष्मण रेखा'? भाजपा दिग्गजों ने अपनी ही सरकार के अफसरों के खिलाफ खोला मोर्चा
- moolchand sinha

- Feb 1
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धमतरी | [1 फरवरी, 2026]
छत्तीसगढ़ के राजिम में 'कुंभ कल्प' के भव्य शुभारंभ से ठीक पहले श्रद्धा के संगम पर सियासत का सैलाब उमड़ पड़ा है। मामला किसी विपक्षी दल का नहीं, बल्कि सत्ताधारी भाजपा के ही उन कद्दावर नेताओं का है, जिन्होंने गरियाबंद जिला प्रशासन पर धमतरी जिले के साथ 'सौतेला व्यवहार' करने का सनसनीखेज आरोप लगाया है। कुलेश्वर महादेव मंदिर की चौखट पर हुए 3 घंटे के इस 'हल्ला बोल' ने प्रशासनिक तालमेल की पोल खोलकर रख दी है।
'तिरस्कार' बनाम 'तालमेल' की जंग
धार्मिक आस्था के महापर्व में उस समय तनाव व्याप्त हो गया जब मगरलोड क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों ने कुलेश्वर महादेव मंदिर के सामने धरना दे दिया। वरिष्ठ नेताओं का तर्क है कि प्रशासन ने 'क्षेत्रवाद की एक ऐसी लक्ष्मण रेखा' खींच दी है, जिसमें धमतरी जिले के संसाधनों और कर्मचारियों का इस्तेमाल तो 'भरपूर' किया जा रहा है, लेकिन मान-सम्मान और विकास फंड के मामले में उन्हें 'शून्य' कर दिया गया है।
श्याम साहू का प्रहार: "आस्था को सीमाओं में बांटना बंद करे प्रशासन"
वरिष्ठ भाजपा नेता श्याम साहू ने बेहद तल्ख लहजे में गरियाबंद कलेक्टर और मेला प्रबंधन को कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि कुलेश्वर महादेव और लोमस ऋषि आश्रम का एक-तिहाई हिस्सा धमतरी की नवागांव पंचायत में आता है, मगर गरियाबंद प्रशासन इसे अपना 'निजी क्षेत्र' समझकर धमतरी के जनप्रतिनिधियों को पूरी तरह नजरअंदाज कर रहा है।
"धमतरी का मगरलोड ब्लॉक इस कुंभ की रीढ़ है, लेकिन अधिकारी इसे केवल मजदूरों की सप्लाई चेन मान रहे हैं। यह अपमान अब बर्दाश्त के बाहर है।" > — श्याम साहू, वरिष्ठ भाजपा नेता
भ्रष्टाचार और 'रंगदारी' का खुलासा: होरी लाल साहू के गंभीर आरोप
पूर्व मंडल अध्यक्ष होरी लाल साहू ने इस विरोध को भ्रष्टाचार के मुद्दों से जोड़ते हुए दो बड़े खुलासे किए:
PWD का 'प्री-फिक्स्ड' टेंडर: आरोप है कि विभाग ने टेंडर खुलने से पहले ही चहेते ठेकेदारों से काम शुरू करा दिया। यह सरकारी खजाने की खुली लूट और नियमों का उल्लंघन है।
दुकानदारों से 'अवैध वसूली': मेले में रोजी-रोटी कमाने आए छोटे दुकानदारों और होटल संचालकों से 1 हजार से लेकर 5 लाख रुपये तक की अवैध वसूली की जा रही है, जिसे नेताओं ने 'प्रशासनिक रंगदारी' करार दिया है।
जनपद अध्यक्ष वीरेंद्र साहू का '8-सूत्रीय अल्टीमेटम'
धरना प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे जनपद अध्यक्ष वीरेंद्र साहू ने प्रशासन को घुटनों पर लाते हुए 8 सूत्रीय मांगें रखीं और चेतावनी दी कि अगर ये पूरी नहीं हुईं तो कुंभ का रंग फीका पड़ सकता है।
प्रमुख मांगें एक नजर में:
60 लाख का हिसाब: जनपद पंचायत मगरलोड की पिछली कुंभ राशि का बकाया तत्काल दिया जाए।
प्रतिनिधित्व का हक: लोमस ऋषि आश्रम और कुलेश्वर क्षेत्र की व्यवस्था का प्रतिनिधित्व नवागांव पंचायत को मिले।
बुनियादी सुविधाएं: आश्रम में साधु-संतों के लिए भोजन, प्रसाधन और तत्काल सफाई-पुताई की व्यवस्था हो।
अवैध वसूली की वापसी: छोटे व्यापारियों से लूटी गई राशि तत्काल वापस की जाए।
ठप पड़े ब्लॉक के काम, उपेक्षा चरम पर
समाचार का सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि मगरलोड ब्लॉक के 66 ग्राम पंचायतों के सचिव, कोटवार, पटवारी और अन्य विभागों के कर्मचारी कुंभ की सेवा में दिन-रात एक कर रहे हैं, जिससे आम जनता के सरकारी काम ठप पड़े हैं। लेकिन बदले में मगरलोड को न तो फंड मिल रहा है और न ही सम्मान।
राजिम एसडीएम विशाल महाराणा के आश्वासन के बाद धरना तो समाप्त हो गया, लेकिन श्याम साहू और वीरेंद्र साहू के तेवर साफ कर रहे हैं कि यह 'शांत हुआ ज्वालामुखी' कभी भी फिर से फूट सकता है।
हेडलाइंस:
बड़ी खबर: राजिम कुंभ में भड़की 'बगावत'; भाजपा नेताओं ने गरियाबंद कलेक्टर की 'लक्ष्मण रेखा' को किया चैलेंज।
Sensation: कुलेश्वर महादेव मंदिर के सामने धरने पर बैठे दिग्गज, क्या प्रशासन ने धमतरी को दिया 'धोखा'?
Investigative: टेंडर से पहले ही करोड़ों का काम! कुंभ मेले में भ्रष्टाचार के आरोपों से हड़कंप।



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