बगदेही में 21 दिसंबर को गूँजेगा 'गौ क्रांति' का शंखनाद: बालयोगेश्वर श्रीराम बालकदास की भव्य धर्मसभा और रक्तदान शिविर का आयोजन
- moolchand sinha

- Dec 18, 2025
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कुरूद/धमतरी:
अध्यात्म, गौ-सेवा और सामाजिक सरोकार का एक अनूठा संगम आगामी 20 और 21 दिसंबर को धमतरी जिले के विभिन्न अंचलों में देखने को मिलेगा। भारतीय गौ क्रांति मंच द्वारा आयोजित इस 'धर्मसभा' में पाटेश्वर धाम के पीठाधीश्वर, प्रसिद्ध संत बालयोगेश्वर श्रीराम बालकदास महात्यागी मुख्य वक्ता के रूप में शामिल होंगे। विशेष रूप से ग्राम बगदेही में इसे लेकर युवाओं के बीच भारी उत्साह है, जहाँ धर्म के साथ-साथ सेवा के प्रकल्प भी जुड़ेंगे।
दो दिवसीय प्रवास का पूरा कार्यक्रम
भारतीय गौ क्रांति मंच के प्रदेश महामंत्री नामदेव राय और जिलाध्यक्ष संजय सिन्हा ने कार्यक्रम की रूपरेखा साझा करते हुए बताया कि दो दिनों में चार प्रमुख स्थानों पर धर्मसभाएँ आयोजित होंगी:
20 दिसंबर (प्रथम दिन):
सुबह 11:00 बजे: नगर पंचायत आमदी में धर्मसभा।
दोपहर 02:00 बजे: कुरूद ब्लॉक के ग्राम कोर्रा में आयोजन।
21 दिसंबर (द्वितीय दिन):
सुबह 11:00 बजे: नगरी के ग्राम सिंगपुर में धर्मसभा।
दोपहर 02:00 बजे: ग्राम बगदेही में भव्य समापन कार्यक्रम।
बगदेही में 'धर्म' के साथ 'सेवा' का संकल्प
21 दिसंबर को बगदेही में आयोजित होने वाला कार्यक्रम विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगा। यहाँ केवल आध्यात्मिक प्रवचन ही नहीं, बल्कि सामाजिक सरोकारों को जोड़ते हुए स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का भी आयोजन किया गया है। इसके साथ ही:
रामायण पाठ: मर्यादा पुरुषोत्तम राम के आदर्शों का गान।
भजन संध्या: सुमधुर भजनों से भक्तिमय वातावरण।
प्रसादी वितरण: धर्मसभा के पश्चात विशाल भंडारा।
युवाओं ने संभाली कमान, तैयारियों में जुटा पूरा गाँव
बगदेही में इस आयोजन को ऐतिहासिक बनाने के लिए स्थानीय युवाओं की टोली दिन-रात एक कर रही है। तैयारियों का नेतृत्व रामकुमार ध्रुवंशी, गौरव साहू, महेंद्र साहू और उनकी पूरी टीम कर रही है।
तैयारियों में प्रमुख रूप से कामता साहू, निरंजन साहू, दीपक साहू, संतोष निर्मलकर, कृष्णा कामडे, योगेश साहू, मोरध्वज साहू, जागेंद्र साहू, झम्मन साहू, जितेश निर्मलकर, निराला साहू, डाकेश साहू, तुलेश्वर साहू, राकेश यादव और खिलेश्वर साहू सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण और कार्यकर्ता जुटे हुए हैं।
गौ क्रांति का संदेश पहुँचाना मुख्य लक्ष्य
आयोजकों का कहना है कि इस धर्मसभा का मुख्य उद्देश्य भारतीय संस्कृति में गाय के महत्व को पुनः स्थापित करना और समाज को गौ-संरक्षण के प्रति जागरूक करना है। संत रामबालक दास जी के ओजस्वी विचारों को सुनने के लिए पूरे अंचल से हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं के पहुँचने की उम्मीद है।








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