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कुरूद में मानवता की मिसाल: बोल बम सेवा समिति ने 74वें लावारिस शव को दी सम्मानजनक सद्गति


बोल बम सेवा समिति कुरूद द्वारा लावारिस शव का अंतिम संस्कार

कुरूद | 10 अप्रैल 2026

आज के दौर में जहां कई बार लावारिस शवों को नजरअंदाज कर दिया जाता है, वहीं कुरूद की बोल बम सेवा समिति लगातार मानवता और सेवा का अद्भुत उदाहरण पेश कर रही है।

समिति ने एक बार फिर अपने संकल्प को निभाते हुए 74वें अज्ञात शव का विधि-विधान से अंतिम संस्कार कर समाज को संवेदनशीलता और जिम्मेदारी का संदेश दिया।

नया तालाब किनारे मिला अज्ञात शव, समिति ने निभाई जिम्मेदारी

कुरूद के नया तालाब किनारे मिले अज्ञात शव को समिति ने अपने दायित्व के तहत अपनाया।

कुरूद थाना की अनुमति और पुलिस स्टाफ की मौजूदगी में शव को पूरे सम्मान के साथ हिन्दू मुक्तिधाम, कुरूद में अंतिम संस्कार किया गया।

श्रद्धांजलि के साथ दी गई सद्गति

समिति के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने अज्ञात मृतक को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उसे सम्मानजनक विदाई दी।

यह सेवा कार्य समिति द्वारा किए गए 74वें लावारिस शव के अंतिम संस्कार के रूप में दर्ज हुआ, जो अपने आप में एक बड़ी मानवीय उपलब्धि है।

इनकी रही महत्वपूर्ण भूमिका

इस पुनीत कार्य में समिति के

अध्यक्ष – भानु चन्द्राकर

उपाध्यक्ष – नंद आमदे

कोषाध्यक्ष – अजय कुमार

सह-कोषाध्यक्ष – भारत साहु

सहसचिव – कमल शर्मा

सहित सदस्य कृष्णा ढीमर, सीताराम, राजा चन्द्राकर, रवि यादव, अमित कुमार, विक्रम की सक्रिय सहभागिता रही।

वहीं पुलिस टीम से

रामसेवक बमबोडे (प्रधान आरक्षक)

महेश साहु (आरक्षक)

संतोष ध्रुव (आरक्षक)

की उपस्थिति में पूरा अंतिम संस्कार संपन्न हुआ।

“सेवा ही सबसे बड़ा धर्म”

समिति के अध्यक्ष भानु चन्द्राकर ने कहा —

“हर व्यक्ति को सम्मानजनक विदाई मिलना उसका अधिकार है। हमारा प्रयास है कि कोई भी शव लावारिस न रहे और उसे पूरे सम्मान के साथ अंतिम संस्कार मिले।”

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