भखारा की 'शक्ति' ने श्मशान को बनाया नंदनवन: 350 पौधों से महका मुक्तिधाम, रूढ़ियों को तोड़ महिलाओं ने लिखी सेवा की नई इबादत
- moolchand sinha

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भखारा / कुरूद।
जहाँ कभी सन्नाटा और वैराग्य का वास होता था, आज वहाँ पक्षियों की चहचहाहट और हरियाली की चादर बिछी है। नगर पंचायत भखारा के मुक्तिधाम को 'जय मां शक्ति स्व-सहायता समूह' की कर्मठ महिलाओं ने अपनी मेहनत से एक जीवंत उपवन में बदल दिया है। फल, फूल और छायादार पौधों के रोपण से अब यह स्थान किसी सुंदर वाटिका सा प्रतीत होने लगा है।
विविधता से भरपूर 'ऑक्सीजन हब'
समूह की महिलाओं ने पर्यावरण संतुलन को ध्यान में रखते हुए यहाँ 350 से अधिक पौधों का रोपण किया है। इनमें पीपल, बरगद और नीम जैसे औषधीय व छायादार वृक्षों के साथ-साथ जाम (अमरूद) जैसे फलदार और मनमोहक फूलों के पौधे शामिल हैं। यह विविधता न केवल पर्यावरण को शुद्ध कर रही है, बल्कि आने वाले समय में राहगीरों और आगंतुकों के लिए शीतल छाया और फल भी सुनिश्चित करेगी।
केवल रोपण नहीं, बच्चों की तरह देखभाल

अक्सर देखा जाता है कि वृक्षारोपण के बाद पौधों को उनके हाल पर छोड़ दिया जाता है, लेकिन जय मां शक्ति समूह ने जिम्मेदारी की नई परिभाषा लिखी है। समूह की सदस्य प्रतिदिन:
मुक्तिधाम परिसर की साफ-सफाई सुनिश्चित करती हैं।
प्रत्येक पौधे को नियमित रूप से पानी से सिंचित करती हैं।
खाद और सुरक्षा (ट्री-गार्ड) का स्वयं ध्यान रखती हैं।
रूढ़िवादी बेड़ियों को तोड़ रचा नया इतिहास
श्रीमती सुशीला निर्मलकर के नेतृत्व में समूह की महिलाओं ने समाज की उन पुरानी वर्जनाओं को दरकिनार कर दिया है, जो महिलाओं के मुक्तिधाम जाने को प्रतिबंधित मानती थीं। आज ये महिलाएँ न केवल वहाँ जा रही हैं, बल्कि रोपे गए एक-एक पौधे की देखभाल अपने परिवार के सदस्य की भाँति कर रही हैं। उनका यह सेवा भाव नगर के प्रति उनकी गहरी जिम्मेदारी को दर्शाता है।
'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान को मिला नया आयाम
नगर पंचायत अध्यक्ष श्रीमती ज्योति हरखचंद जैन ने महिलाओं के इस जज्बे की प्रशंसा करते हुए इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान और क्षेत्रीय विधायक अजय चंद्राकर जी के मार्गदर्शन का सफल क्रियान्वयन बताया। उन्होंने कहा कि यह पहल जलवायु परिवर्तन और जल संरक्षण की दिशा में भखारा को एक आदर्श नगर के रूप में स्थापित करेगी।
प्रशासनिक सहयोग और जन-जागरूकता
स्वच्छता विभाग के सजग कर्मचारी चंद्रकांत साहू इस अभियान में तकनीकी और धरातलीय सहयोग प्रदान कर रहे हैं। महिला समूह के साथ मिलकर वे न केवल पर्यावरण को हरा-भरा बना रहे हैं, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक दृष्टिकोण से स्वच्छता के प्रति लोगों को जागरूक भी कर रहे हैं।
बदलता भखारा, बढ़ती जिम्मेदारी
नगर पंचायत प्रशासन और अधिकारियों के सहयोग से शुरू हुआ यह सेवा कार्य आज जन-आंदोलन बन चुका है। जय मां शक्ति समूह की यह पहल न केवल भखारा को प्रदूषण मुक्त बनाएगी, बल्कि जल संरक्षण और जलवायु परिवर्तन की वैश्विक लड़ाई में एक छोटा लेकिन अत्यंत महत्वपूर्ण योगदान साबित होगी।


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