भाठागांव में मातम: तीर्थ से लौटे पिता की आंखों के सामने उजड़ गई दुनिया, ट्रक ने 4 साल के मासूम की ली जान
- moolchand sinha

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कुरूद (छत्तीसगढ़) | शनिवार की अल सुबह कुरुद ब्लॉक के भाठागांव में एक ऐसा 'रन एंड हिट' मामला सामने आया, जिसने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। रायपुर से धमतरी की ओर जा रहे एक तेज रफ्तार आयशर ट्रक (UP 78 LT 5690) ने 4 साल के मासूम को कुचल दिया। हादसे में बच्चे की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि आरोपी चालक ट्रक लेकर फरार होने में कामयाब रहा।
पुण्य की डगर पर काल का साया: तीर्थ की खुशी मातम में बदली
घटना का सबसे हृदयविदारक पहलू यह है कि बच्चे के पिता धर्मेंद्र साहू और उनकी पत्नी शनिवार अल सुबह ही तीर्थ धाम के दर्शन कर लौटे थे। मासूम अपने माता-पिता के आने की खबर सुनकर उनसे मिलने की बेताबी में घर से बाहर निकला था। सड़क क्रॉस करते समय काल बनकर आए UP 78 LT 5690 नंबर के ट्रक ने उसे अपनी चपेट में ले लिया। जिस आंगन में तीर्थ यात्रा के बाद खुशियां मनाई जानी थीं, वहां अब सिर्फ सन्नाटा और करुण क्रंदन है।
कुरूद थाना प्रभारी का बयान
घटना के बाद पुलिस सक्रिय हो गई है। कुरूद थाना प्रभारी चंद्रकांत साहू ने बताया:
"हॉस्पिटल से शनिवार सुबह मेमो मिला है कि एक्सीडेंट में बच्चे की मौत हुई है। फिलहाल परिजन गहरे सदमे में हैं। पुलिस ने मरोद टोल और धमतरी मार्ग के सीसीटीवी फुटेज खंगालना शुरू कर दिया है।
आक्रोश: क्या सिर्फ रेत के ट्रैक्टरों के लिए है उड़न दस्ता?
इस हादसे ने स्थानीय प्रशासन और यातायात उड़न दस्ते (Flying Squad) की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि उड़न दस्ते की मुस्तैदी सिर्फ रेत भरे ट्रैक्टरों तक सीमित है। बड़े मालवाहक ट्रकों की बेकाबू रफ्तार पर विभाग की पकड़ पूरी तरह ढीली है। लोगों का कहना है कि यदि रिहायशी इलाकों में इन भारी वाहनों पर नकेल कसी गई होती, तो आज एक मासूम की जान बच सकती थी।


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