कुरूद। कुरूद क्षेत्र की सोसायटियों में इन दिनों एक अजीब सा सन्नाटा पसरा है—यह सन्नाटा शांति का नहीं, बल्कि उस 'मजबूरी' का है जो भ्रष्टाचार के दबाव में पैदा हुई है। NAFED (भारतीय राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन संघ मर्यादित) के बैनर तले हो रही चना खरीदी अब 'सेवा' नहीं, बल्कि 'सौदा' बन चुकी है। किसानों का आरोप है कि यहाँ तौल मशीन की सुई तब तक नहीं हिलती, जब तक उस पर 'भ्रष्टाचार का ग्रीस' यानी नजराना और उपहार न चढ़ाया जाए। कुरूद चना खरीदी भ्रष्टाचार: किसानों की परेशानी हकीकत यह है क
पूर्व सांसद चुन्नी लाल साहू पिथौरा में गड़िया लोहार परिवारों से मुलाकात करते हुए पिथौरा। अक्सर हम सड़क किनारे लोहे को आकार देते जिन परिवारों को देखते हैं, उनके पीछे सदियों पुराना त्याग और वीरता का इतिहास छिपा है। महासमुंद के पूर्व सांसद चुन्नी लाल साहू ने जब पिथौरा के दुर्गा मंदिर के सामने डेरा डाले राजस्थानी परिवारों से चर्चा की, तो रोंगटे खड़े कर देने वाला अतीत सामने आया। ये लोग कोई साधारण कारीगर नहीं, बल्कि मेवाड़ के शेर महाराणा प्रताप के वे सिपाही हैं जिन्होंने धर्म की खा