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कुरुद का 'ग्रीन कवच': अजय चंद्राकर का विजन बना मिसाल, अब गांवों में सांस लेंगे 'प्राकृतिक फेफड़े'
यह रिपोर्ट कुरूद क्षेत्र में चल रही ‘ग्रीन कवच’ पहल पर आधारित है, जिसमें विधायक अजय चंद्राकर के नेतृत्व में गांवों को ईको-विलेज, ऑक्सीजोन और विलेज गार्डन मॉडल से हरित विकास की दिशा में आगे बढ़ाया जा रहा है। यह पहल पर्यावरण संरक्षण, ग्रामीण रोजगार, स्वास्थ्य सुरक्षा और टिकाऊ विकास के अनूठे संयोजन को दर्शाती है और ग्रामीण भारत के लिए एक आदर्श मॉडल के रूप में उभर रही है।


कुरूद: शिक्षा के मंदिर में 'सत्ता के मद' का तांडव, तकनीकी सहायक ने शिक्षकों और बच्चों को दी गालियां; शिक्षकों ने दिया 48 घंटे का अल्टीमेटम
शिक्षा का मंदिर वह स्थान है जहाँ भविष्य गढ़ा जाता है। यदि एक तकनीकी स्तर का कर्मचारी (Technical Assistant) शिक्षकों और नौनिहालों के सामने अमर्यादित भाषा का प्रयोग करता है, तो यह केवल व्यक्तिगत दुर्व्यवहार नहीं बल्कि पूरी प्रशासनिक व्यवस्था पर एक बदनुमा दाग है।
नियमतः, किसी भी निरीक्षण के दौरान 'प्रोटोकॉल' और 'सभ्य आचरण' अनिवार्य है। शिक्षकों को 'बदतमीज' कहना और बच्चों को गालियां देना यह दर्शाता है कि संबंधित कर्मचारी में पद का अहंकार सेवा भाव से कहीं ऊपर है। यदि एसडीएम और जनपद


सिस्टम की 'अंधेरी मोड़' पर बुझ गया वीरता का गौरव पालने वाला चिराग: कुरूद का 'डेथ जोन' और प्रशासनिक हत्या की कहानी
"यह केवल एक सड़क दुर्घटना नहीं, बल्कि 'सिस्टम की संरचनात्मक विफलता' (Structural Failure of System) है। जब प्रशासन को पता हो कि कोई मोड़ 'डेथ जोन' है और वहां सुरक्षा उपाय न किए जाएं, तो इसे कानून की भाषा में 'Criminal Negligence' माना जाना चाहिए। भारत भूषण ठाकुर की मृत्यु उस साहस का अंत है जिसने जान्हवी जैसी वीर बेटी को जन्म दिया। हमारे पोर्टल का उद्देश्य केवल रिपोर्टिंग नहीं, बल्कि उस 'उड़न दस्ते' को जवाबदेह बनाना है जो सड़कों पर सुरक्षा के बजाय केवल राजस्व (या वसूली) की तलाश
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