top of page

अजय चंद्राकर की मानहानि याचिका: सुप्रिया श्रीनेत-नेहा सिंह राठौर पर वायरल वीडियो केस

5 hours ago
3 min read


अजय चंद्राकर मानहानि याचिका वायरल वीडियो विवाद धमतरी न्यायालय

धमतरी।

तिरंगे की जगह पार्टी का झंडा फहराए जाने का दावा — यह आरोप जितनी तेज़ी से सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, उतनी ही तेज़ी से अब यह विवाद कानूनी जंग की शक्ल ले चुका है। अजय चंद्राकर मानहानि याचिका को लेकर अब सियासी हलकों में हलचल तेज़ है — कुरूद विधायक एवं पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर ने कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत और लोकगायिका-सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर नेहा सिंह राठौर के विरुद्ध जिला एवं सत्र न्यायालय में यह याचिका दाखिल की है। मामला उसी वीडियो से जुड़ा है, जिसने स्वतंत्रता दिवस के दौरान सोशल मीडिया पर सनसनी मचाई थी और चंद प्रहरों में ही सियासी गलियारों में तूफान खड़ा कर दिया था।

चंद्राकर का आरोप है कि भाजपा के एक पुराने प्रशिक्षण कार्यक्रम की फुटेज को कथित तौर पर 15 अगस्त 2026 से जोड़ा गया, ताकि स्वतंत्रता दिवस जैसे राष्ट्रीय अवसर पर उनकी छवि को नुकसान पहुंचाया जा सके। चंद्राकर ने इसे सुनियोजित प्रयास बताया है, जिसका सीधा असर उनकी सार्वजनिक प्रतिष्ठा पर पड़ा। यही आरोप अब अजय चंद्राकर की मानहानि याचिका की बुनियाद बना है।

अजय चंद्राकर मानहानि याचिका — मार्च की रिकॉर्डिंग, अगस्त का हंगामा

विवाद की जड़ में वह वीडियो है, जिसमें चंद्राकर भाजपा का झंडा फहराते नज़र आते हैं। स्वतंत्रता दिवस के दिन जैसे ही यह फुटेज सोशल मीडिया पर प्रसारित हुई, राजनीतिक हलकों में हड़कंप मच गया। दावा किया गया कि राष्ट्रीय पर्व के मौके पर तिरंगे की जगह पार्टी ध्वज फहराया गया — एक ऐसा आरोप, जो किसी भी जनप्रतिनिधि के लिए गंभीर संकट खड़ा कर सकता था।

लेकिन पुलिस जांच के मुताबिक यह फुटेज 15 अगस्त की नहीं, बल्कि 22 मार्च 2026 को कुरूद स्थित भाजपा कार्यालय के प्रशिक्षण कार्यक्रम की है। आरोप है कि इसी मूल वीडियो को एडिट कर स्वतंत्रता दिवस की घटना बताकर प्रसारित किया गया — यानी पांच महीने पुरानी फुटेज को ताज़ा विवाद का हथियार बना दिया गया। तारीखों का यही फासला अब पूरे मामले की धुरी बन चुका है और आने वाली अदालती सुनवाई में अहम साक्ष्य के तौर पर सामने आ सकता है।

दो आरोपी गिरफ्तार, मोबाइल से मिले डिजिटल सबूत

धमतरी पुलिस ने 18 अगस्त को सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के ग्राम जिल्दी निवासी भुनेश्वर निराला (25) और राकेश निराला (35) को आरोपी बनाकर गिरफ्तार किया। दोनों के मोबाइल फोन जब्त कर लिए गए हैं। पूछताछ के बाद दोनों को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। पुलिस का कहना है कि वीडियो एडिटिंग और सोशल मीडिया अपलोडिंग से जुड़े डिजिटल साक्ष्य मिलने का दावा पुलिस ने किया है।

रायपुर में भी दर्ज हुई FIR

इसी वायरल वीडियो को लेकर रायपुर के सिविल लाइन थाने में सुप्रिया श्रीनेत और नेहा सिंह राठौर के खिलाफ भी FIR दर्ज की गई है। भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 336(4), 353(2) और 196 के तहत जांच जारी है। यह दर्शाता है कि विवाद अब सिर्फ धमतरी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि प्रदेश स्तर पर सियासी और कानूनी दोनों मोर्चों पर एक साथ फैल चुका है।


अब निगाहें अदालत पर

पुलिस जांच और मानहानि याचिका — विवाद अब दो समानांतर मोर्चों पर एक साथ चल रहा है। एक ओर पुलिस वीडियो के मूल स्रोत, उसके संपादन और प्रसारण की कड़ियां जोड़ने में जुटी है, तो दूसरी ओर अदालत में मानहानि के दावे पर सुनवाई की तैयारी है। आने वाले दिनों में दोनों पक्षों की दलीलें और पेश किए जाने वाले दस्तावेज ही यह तय करेंगे कि यह सियासी घमासान किस दिशा में मुड़ता है।

टाइमलाइन — कब क्या हुआ

22 मार्च 2026: कुरूद भाजपा के प्रशिक्षण कार्यक्रम, मूल वीडियो रिकॉर्ड

15 अगस्त 2026: स्वतंत्रता दिवस, वही वीडियो एडिट कर वायरल किया गया

18 अगस्त 2026: भुनेश्वर निराला और राकेश निराला गिरफ्तार

इसी दौरान: रायपुर सिविल लाइन थाने में सुप्रिया श्रीनेत और नेहा सिंह राठौर के खिलाफ FIR

अब: अजय चंद्राकर की मानहानि याचिका जिला सत्र न्यायालय में दाखिल

Comments


bottom of page