अजय चंद्राकर के प्रयासों से खुले कुरूद कृषि महाविद्यालय को अब ICAR से मिला ‘A’ ग्रेड, धमतरी के माथे सजा नया मुकुट
पांच वर्ष के लिए मिला राष्ट्रीय प्रत्यायन, 3.15 स्कोर के साथ जिले ने रचा कृषि शिक्षा में नया इतिहास

धमतरी/कुरूद, 10 सितंबर 2026।
जिस कृषि महाविद्यालय की नींव रखने के लिए कभी जमीन आबंटन से लेकर प्रशासनिक प्रक्रियाओं तक लगातार प्रयास और मॉनिटरिंग की गई, वही संस्थान आज राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना चुका है। अजय चंद्राकर के प्रयासों से खुले कुरूद कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केन्द्र को भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के राष्ट्रीय कृषि शिक्षा प्रत्यायन बोर्ड (NAEAB) ने 3.15 स्कोर के साथ 'A' ग्रेड प्रदान किया है। पांच वर्ष के इस प्रत्यायन के साथ धमतरी जिले के एकमात्र कृषि महाविद्यालय ने कृषि शिक्षा, अनुसंधान और गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि दर्ज की है।
3.15 स्कोर के साथ मिली मान्यता, 2029 तक रहेगी प्रभावी
इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर तथा उसके अंतर्गत आने वाले विभिन्न महाविद्यालयों व शैक्षणिक कार्यक्रमों को यह प्रत्यायन प्रदान किया गया है, जिसमें कृषि महाविद्यालय, कुरूद भी शामिल है। आईसीएआर द्वारा दिया गया 3.15 स्कोर संस्थान की शैक्षणिक गुणवत्ता, अनुसंधान क्षमता और शिक्षण व्यवस्था का ठोस प्रमाण माना जा रहा है। अधिसूचना के अनुसार यह प्रत्यायन 29 मार्च 2024 से 28 मार्च 2029 तक प्रभावी रहेगा। यह निर्णय राष्ट्रीय कृषि शिक्षा प्रत्यायन बोर्ड की 43वीं बैठक में 24 अगस्त 2026 को लिया गया।
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विधायक अजय चंद्राकर बोले — यह पूरे जिले के लिए गर्व का क्षण
कुरूद विधायक श्री अजय चंद्राकर ने महाविद्यालय के प्राध्यापकों, वैज्ञानिकों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों को हार्दिक बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि कुरूद ही नहीं, बल्कि समूचे धमतरी जिले के लिए गौरव की बात है। उनका मानना है कि शिक्षा और अनुसंधान की गुणवत्ता में लगातार सुधार से क्षेत्र के युवाओं को बेहतर अवसर मिलेंगे और आधुनिक कृषि तकनीकों का सीधा लाभ किसानों तक पहुंचेगा।
कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने जताई प्रसन्नता (H2)
कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा ने भी इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए महाविद्यालय परिवार को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र में नवाचार और तकनीकी ज्ञान को बढ़ावा देना जिला प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल है, और यह ग्रेड इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने उम्मीद जताई कि महाविद्यालय आगे भी उत्कृष्टता के नए मापदंड गढ़ता रहेगा।
अधिष्ठाता नवनीत राणा: "यह प्रेरणा है, मंजिल नहीं"
महाविद्यालय के अधिष्ठाता श्री नवनीत राणा ने इस उपलब्धि का श्रेय पूरे महाविद्यालय परिवार की टीम भावना को दिया। उन्होंने कहा कि यह विद्यार्थियों, प्राध्यापकों और वैज्ञानिकों के निरंतर प्रयासों का परिणाम है, और यह उन्हें कृषि शिक्षा व अनुसंधान में और बेहतर करने की प्रेरणा देगा। उनके अनुसार इस सफलता से युवा शोधार्थियों का हौसला बढ़ेगा और वे कृषि क्षेत्र की नई चुनौतियों से निपटने के लिए और सशक्त होंगे।
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अजय चंद्राकर के प्रयासों से खुले कृषि महाविद्यालय की कहानी
इस उपलब्धि की कहानी केवल हालिया नहीं, बल्कि वर्षों पुरानी मेहनत की गवाह है। कुरूद कृषि महाविद्यालय की स्थापना और उसे क्षेत्र में स्थापित करने के प्रयासों को लेकर पूर्व मंत्री एवं कुरूद विधायक अजय चंद्राकर की भूमिका भी इस कहानी का महत्वपूर्ण हिस्सा रही है। कृषि प्रधान क्षेत्र में उच्च स्तरीय कृषि शिक्षा का संस्थान उपलब्ध कराने की पहल का उद्देश्य केवल विद्यार्थियों को डिग्री दिलाना नहीं था, बल्कि स्थानीय युवाओं को कृषि विज्ञान से जोड़ना और क्षेत्र की कृषि अर्थव्यवस्था को वैज्ञानिक आधार देना भी था। आज मिला यह 'ए' ग्रेड उसी दूरदर्शी सोच की परिणति माना जा रहा है।
किसानों और युवाओं को कैसे मिलेगा फायदा?
इस प्रत्यायन का सीधा असर जिले के कृषि तंत्र पर पड़ेगा। महाविद्यालय को मिली यह मान्यता विद्यार्थियों के व्यावहारिक प्रशिक्षण, अनुसंधान गतिविधियों और कृषक हितैषी तकनीकों के प्रसार को नई गति देगी। जानकारों का मानना है कि इससे क्षेत्र में ज्ञान आधारित, तकनीक-सक्षम कृषि व्यवस्था को बल मिलेगा और किसानों तक आधुनिक खेती के तौर-तरीके पहुंचाने में महाविद्यालय की भूमिका और प्रभावी होगी।
आपकी क्या राय है? क्या अजय चंद्राकर के प्रयासों से खुले इस महाविद्यालय ने सच में धमतरी का नाम रोशन किया है? कमेंट बॉक्स में अपनी राय जरूर बताएं।





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