🔥बाल प्रतिभा छत्तीसगढ़: तीसरी की छात्रा गुंजन यादव की रचना ‘चकमक’ में, छोटी उम्र में बड़ा कमाल
- moolchand sinha

- 2 days ago
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आरंग (छत्तीसगढ़) |
कभी-कभी एक छोटी सी कहानी, पूरे प्रदेश की पहचान बन जाती है… और इस बार वह पहचान बनी है बाल प्रतिभा छत्तीसगढ़ की।
कक्षा तीसरी की छात्रा गुंजन यादव ने अपनी लेखनी से वो मुकाम हासिल किया है, जहां पहुंचना बड़े-बड़ों का सपना होता है—देश की प्रतिष्ठित बाल पत्रिका ‘चकमक’ में उनकी रचना प्रकाशित हुई है।
बाल प्रतिभा छत्तीसगढ़ की मिसाल: कैसे आरंग की छात्रा ने राष्ट्रीय पत्रिका तक बनाई पहचान?
आरंग की इस होनहार बच्ची ने साबित कर दिया कि प्रतिभा उम्र की मोहताज नहीं होती।
उसकी लेखनी में मासूमियत के साथ ऐसी कल्पनाशीलता झलकती है, जिसने सीधे संपादकों का ध्यान खींच लिया।
‘पढ़े रायपुर', लिखे रायपुर’ से निखर रही बाल प्रतिभा छत्तीसगढ़
जब मंच मिला, तो प्रतिभा चमकी
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मंशानुसार और कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन में चल रहे ‘पढ़े रायपुर, लिखे रायपुर’ अभियान ने गुंजन जैसी प्रतिभाओं को सही दिशा दी।
यह पहल अब बच्चों के भीतर छुपे लेखक को पहचान देने वाला सशक्त माध्यम बन चुकी है
गांव-गांव से उभर रही बाल प्रतिभा छत्तीसगढ़ अब राष्ट्रीय मंच तक पहुंच रही है
हर बच्चे के लिए संदेश
*गुंजन की सफलता एक साफ संकेत है**—
प्रतिभा संसाधनों की नहीं, अवसर और मार्गदर्शन की मोहताज होती है
हर बच्चे के भीतर एक लेखक, कलाकार या सोचने वाला मन छुपा है
और एक मजबूत संदेश दे रही है—
“बाल प्रतिभा छत्तीसगढ़ अब सीमाओं में नहीं बंधी… अगर हौसला हो, तो हर बच्चा अपनी कहानी खुद लिख सकता है!”




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