धमतरी पुलिस ने पेश की इंसानियत की मिसाल: बदहवास भटक रही बेसहारा महिला को रेस्क्यू कर भेजा बिलासपुर मानसिक अस्पताल
- moolchand sinha

- Apr 16
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धमतरी।
कानून की रक्षा के साथ-साथ मानवता की सेवा ही पुलिस का असली धर्म है। इस बात को धमतरी पुलिस ने एक बार फिर चरितार्थ कर दिखाया है। जिले के अर्जुनी थाना क्षेत्र में बदहवास हालत में भटक रही एक बेसहारा और मानसिक रूप से अस्वस्थ महिला के लिए पुलिस महकमा फरिश्ता बनकर सामने आया। पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन में न केवल महिला को सुरक्षित संरक्षण दिया गया, बल्कि अदालती अनुमति के बाद उसे बेहतर इलाज के लिए बिलासपुर स्थित मानसिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया है।
ग्राम कलारतराई में मिली थी बेसहारा 'सुनीता', अर्जुनी पुलिस बनी मददगार
दिनांक 14.04.2026 को ग्राम कलारतराई में एक महिला अत्यंत दयनीय स्थिति में भटकती पाई गई। पूछताछ में महिला ने अपना नाम सुनीता (उम्र 42-45 वर्ष) बताया, लेकिन मानसिक स्थिति ठीक न होने के कारण वह अपने परिवार या निवास के बारे में कुछ भी स्पष्ट नहीं कर पा रही थी।
सखी सेंटर से लेकर न्यायालयीन प्रक्रिया तक: ऐसे सुरक्षित हुई बेसहारा महिला
महिला की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए पुलिस ने उसे तत्काल सखी सेंटर धमतरी के सुपुर्द किया। पुलिस अधीक्षक धमतरी के स्पष्ट निर्देश हैं कि किसी भी असहाय व्यक्ति के प्रति पूरी संवेदनशीलता बरती जाए। इसी क्रम में जिला चिकित्सालय में महिला का गहन परीक्षण कराया गया, जहाँ विशेषज्ञों ने उसे बेहतर इलाज के लिए मानसिक उपचार केंद्र सेंद्री (बिलासपुर) रेफर करने की सलाह दी
न्ययिक प्रक्रिया के बाद सेंद्री केंद्र में भर्ती
पुलिस ने केवल औपचारिकता पूरी नहीं की, बल्कि जिम्मेदारी को अंजाम तक पहुँचाया। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) धमतरी से विधिवत अनुमति प्राप्त करने के बाद, अर्जुनी पुलिस की टीम महिला को लेकर बिलासपुर रवाना हुई।
संवेदनशीलता: अर्जुनी पुलिस ने लावारिस महिला को दिया सुरक्षा घेरा।
उपचार: जिला चिकित्सालय से रेफर होने के बाद सेंद्री (बिलासपुर) में भर्ती।
न्यायिक प्रक्रिया: न्यायालय की अनुमति के बाद विधिवत की गई कार्यवाही।
"हमारा लक्ष्य केवल अपराध रोकना ही नहीं, बल्कि समाज के सबसे कमजोर और असहाय वर्ग की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी है।" — धमतरी पुलिस




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