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Bengaluru Tourist Accident Himachal: साचपास की 500 मीटर गहरी खाई में गिरी कार, भिलाई के चंद्राकर परिवार समेत 8 लोगों की दर्दनाक मौत


Bengaluru Tourist Accident Himachal victims Chandrakar family during a tour before the tragic Chamba Sach Pass car accident

भिलाई

खुशियां जब मातम में बदलती हैं, तो नियति का वह क्रूर चेहरा इंसान को भीतर तक झकझोर देता है। देवभूमि हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले से एक ऐसी ही रोंगटे खड़े कर देने वाली और मर्मस्पर्शी खबर सामने आई है। बैरागढ़-साचपास-किलाड़ मार्ग पर बर्फबारी का आनंद लेने जा रहे पर्यटकों की अर्टिगा कार करीब 500 मीटर गहरी दुर्गम खाई में दुर्घटनाग्रस्त हो गई। इस भीषण हादसे (Bengaluru Tourist Accident Himachal) में दो मासूम बच्चों सहित कुल 8 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। मृतकों में मूल रूप से भिलाई (मरोदा) के रहने वाले चंद्राकर परिवार के चार सदस्य और उनके बेंगलुरु निवासी मित्र परिवार के तीन सदस्य शामिल हैं।


इस दर्दनाक त्रासदी के बाद अपनों के शवों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए छत्तीसगढ़ से हिमाचल तक संवेदना, मानवीय सहयोग और प्रशासनिक सक्रियता का ऐसा समन्वय देखने को मिला, जिसने इस दुखद घटना के बीच मानवता की एक प्रेरणादायक मिसाल पेश की।


Bengaluru Tourist Accident Himachal चंबा के होटल से साचपास निकले थे दोनों परिवार, देर रात बंद हुए मोबाइल


नेवई थाना प्रभारी अनिल कुमार साहू और हिमाचल पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, बेंगलुरु में कार्यरत भिलाई के मरोदा (सेक्टर-सी पॉकेट) निवासी अरविंद चंद्राकर अपनी पत्नी और बच्चों के साथ अपने मित्र परिवार के साथ हिमाचल प्रदेश घूमने गए थे। सभी लोग चंबा जिले के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल डलहौजी के एक होटल में ठहरे हुए थे।

29 मई को सभी सदस्य अर्टिगा कार (HP-01 C-2133) में सवार होकर साचपास की मनोरम वादियों और बर्फबारी का आनंद लेने निकले थे। उन्हें उसी शाम होटल लौटना था, लेकिन देर रात तक वापस नहीं लौटने और मोबाइल फोन बंद आने पर होटल प्रबंधन ने स्थानीय पुलिस को सूचना दी।


दुर्गम रास्तों ने बढ़ाई मुश्किलें, Bengaluru Tourist Accident Himachal

48 घंटे बाद तेज हुआ रेस्क्यू अभियान


सूचना मिलने के बाद पुलिस ने खोजबीन शुरू की, जिसमें पता चला कि पर्यटकों की कार बैरागढ़-साचपास मार्ग पर अनियंत्रित होकर लगभग 500 मीटर गहरी खाई में जा गिरी थी। अत्यंत दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों और खतरनाक पहाड़ी ढलानों के कारण राहत एवं बचाव कार्य बेहद चुनौतीपूर्ण बन गया।


परिजनों को जब जानकारी मिली कि हादसे के लगभग 48 घंटे बाद भी बचाव दल पूरी तरह घटनास्थल तक नहीं पहुंच पाया है, तो चिंता और शोक का माहौल और गहरा गया।


विधायक अजय चंद्राकर की पहल से बढ़ी प्रशासनिक सक्रियता


इसी दौरान क्षेत्र के लोगों और भूपेंद्र चंद्राकर ने विधायक अजय चंद्राकर को स्थिति से अवगत कराया। मामले की गंभीरता को देखते हुए

हिमाचल प्रदेश के डीआईजी और चंबा के पुलिस अधीक्षक (SP) से व्यक्तिगत संवाद स्थापित किया। विधायक जी के इस त्वरित और प्रभावशाली हस्तक्षेप का ही नतीजा था कि हिमाचल रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया।


मानवता और संवेदनशील प्रशा।न का उदाहरण बने एसडीएम नभ सिंह कोशले

इस पूरे घटनाक्रम में कुरूद एसडीएम नभ सिंह कोशले और पुलिस प्रशासन लगातार पीड़ित परिवारों के संपर्क में रहे। हिमाचल प्रशासन से नियमित समन्वय, आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराना तथा परिजनों को सहयोग प्रदान करना उनकी प्राथमिकता रही।


परिजनों के अनुसार, संकट की इस घड़ी में प्रशासनिक अधिकारियों की संवेदनशीलता और सक्रियता ने उन्हें मानसिक संबल प्रदान किया। कठिन परिस्थितियों के बीच बचाव दल ने सभी मृतकों के शवों को खाई से बाहर निकाल लिया।


इस दर्दनाक हादसे के मृतकों की सूची

चालक: विश्वास सल्होता (निवासी – बनीखेत, हिमाचल प्रदेश)

चंद्राकर परिवार (मूल निवासी – मरोदा, भिलाई)

- अरविंद चंद्राकर (बेंगलुरु में कार्यरत) - प्राची चंद्राकर - दर्श चंद्राकर- अकशद चंद्राकर

मित्र परिवार (बेंगलुरु)- पी. जी. कार्तिगट्टेयन- मणिमाला कार्तिगट्टेयन

- नंदन कार्तिगट्टेयन

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